पंजाब : क्या लांबा और विश्वास के खिलाफ दर्ज FIR होगी रद्द, जानिए क्यो तेज़ हुई चर्चा ?

अलका लांबा और कुमार विश्वास के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद पंजाब में सियासत गरमा गई है

चंडीगढ़, 21 अप्रैल 2022। अलका लांबा और कुमार विश्वास के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद पंजाब में सियासत गरमा गई है। इसी कड़ी में पंजाब कांग्रेस ने वरिष्ठ नेत्री अलका लांबा और कवि डॉक्टर कुमार विश्वास के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को तुरंत रद्द करने की मांग की है। इसके साथ ही केस दर्ज करने के लिए हद से आगे बढ़ने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी मांग की है।

'सत्ता का पूरी तरह से शोषण कर रही AAP'

'सत्ता का पूरी तरह से शोषण कर रही AAP'

पंजाब पुलिस के डीजीपी को लिखे एक पत्र में, पंजाब कांग्रेस कमेटी के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और कांग्रेस विधायी पार्टी के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा है कि यह सत्ता और अधिकारों का सिर्फ दुरुपयोग ही नहीं, बल्कि सत्ता का पूरी तरह से शोषण भी है। पत्र में कहा गया है कि यह बताने की जरूरत नहीं है कि यह केस कानूनी पड़ताल में कहीं नहीं ठहरेगा और दिल्ली में बैठे अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए यह सब करने वाले अधिकारियों को निंदा का सामना करना पड़ेगा।

कथित बयानों पर आधारित है केस- कांग्रेस

कथित बयानों पर आधारित है केस- कांग्रेस

पंजाब कांग्रेस के दोनों नेताओं ने कहा कि एफआईआर एक ऐसे शिकायतकर्ता पर आधारित है, जिसकी अभी तक पहचान उजागर नहीं हुई है। यह स्पष्ट तौर पर दर्शाती है कि यह केस दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कट्टर विरोधी होने के चलते राजनीतिक दुश्मनी निकालने के लिए इन लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। गैर कानूनी आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर दर्ज करने पर पंजाब कांग्रेस के नेताओं ने पंजाब पुलिस के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाया। पंजाब के डीजीपी से उन्होंने कहा कि एक वरिष्ठ और जिम्मेदार पद पर होने के नाते आप भली-भांति परिचित हैं। कथित बयानों पर केस आधारित है। कथित तौर पर दिल्ली में वहीं के रहने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ केस तैयार किया है।

'बयानों में किसी भी तरह का आपराधिक आरोप नहीं'

'बयानों में किसी भी तरह का आपराधिक आरोप नहीं'

पंजाब कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि इन तथाकथित बयानों में किसी भी तरह का आपराधिक आरोप नहीं है। अगर कोई आपराधिक आरोप है भी तो रोपड़ (पंजाब पुलिस) के पास केस दर्ज करने का यह अधिकार क्षेत्र नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने केस को रद्द करने और हद से ज्यादा बढ़कर एफआईआर दर्ज करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।

'केस को रद्द करवाने के लिए अपनाएंगे संवैधानिक रास्ता'

'केस को रद्द करवाने के लिए अपनाएंगे संवैधानिक रास्ता'

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और प्रताप सिंह बाजवा ने केस रद्द न होने की सूरत में सड़कों पर उतरकर विरोध जताने की चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक और संवैधानिक सिद्धांतों में विश्वास करती है व पंजाब को किसी भी कीमत पर पुलिस स्टेट में बदले नहीं दिया जाएगा और लोगों की आवाज को दबाने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम इस गैर कानूनी केस को रद्द करवाने के लिए हर तरह का कानूनी और संवैधानिक रास्ता अपनाएंगे। हम उम्मीद करते हैं कि आप इसके पीछे छिपे कारण को देख सकेंगे और तुरंत केस रद्द करने का आदेश देंगे।

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