Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

क्या PM मोदी पंजाब में भाजपा की नयी तकदीर लिख पाएंगे ?

चंडीगढ़, 04 जनवरी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 5 जनवरी को पंजाब के फिरोजपुर में चुनावी सभा करने वाले हैं। इस बार भाजपा नये रंग-रूप में चुनाव लड़ रही है। इसलिए पीएम मोदी की यह सभा उसकी कार्ययोजना का सबसे अहम हिस्सा है। इस रैली को सफल बनान के लिए भाजपा ने पूरी ताकत झोंक रखी है। अगर मौसम की नजर नहीं लगी तो 5 जनवरी की रैली को कामयाब बनाने के लिए भरपूर कोशिश की गयी है।

Will the BJP be able to win the Punjab elections 2022 together with Captain Amarinder Singh?

पंजाब में भाजपा पहली बार बड़े बाई की भूमिका में चुनाव लड़ना चाहती है। अब तक वह शिरोमणि अकाली दल की छत्रछाया में रह कर चुनाव लड़ती रही थी। अकाली दल से गठबंधन में उसके हिस्से में केवल 23 सीटें ही आती थीं। अब भाजपा कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ मिल कर चुनाव लड़ रही है। खबरों के मुताबिक भाजपा ने 117 में से 70 सीटों पर चुनाव लड़ने का मन बनाया है। उसने कैप्टन को 47 सीटों की पेशकश की है। हालांकि ये डील फाइनल नहीं हुई है। चर्चा है कि भाजपा अमरिंदर सिंह को सीएम फेस मान कर अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की शर्त रख सकती है। इस बार वह अपने सहयोगी दलों से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना पर काम कर रही है।

नयी छवि बनाने की कोशिश

नयी छवि बनाने की कोशिश

अभी तक भाजपा पंजाब की राजनीति में कोई बहुत बड़ी ताकत नहीं रही है। उसको सबसे बड़ी चुनावी कामयाबी 2007 में मिली थी जब उसके 23 में से 19 उम्मीदवार जीते थे। लेकिन इस बार भाजपा नया अध्याय शुरू करना चाहती है। सिख बहुल पंजाब में वह नयी छवि के साथ चुनाव लड़ना चाहती है। वह हिंदुओं के साथ साथ सिख समुदाय का समर्थन भी हासिल करना चाहती है। सोशल मीडिया पर आपातकाल और सिख विरोधी दंगों की क्लीप डाल कर भाजपा लोगों को यह बता रही है कि कैसे वह संकट के समय सिख समुदाय के साथ खड़ी थी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह भी प्रचारित किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी पंजाब के शहीदों को नमन करने के लिए फिरोजपुर आ रहे हैं। पंजाब को केन्द्र सरकार से मिली सौगात के बारे में भी बताया जा रहा है। इस तरह भाजपा खुद को पंजाबियों के हमदर्द के रूप में पेश कर रही है। आपातकाल और सिख दंगे का मुद्दा उठा कर वह कांग्रेस की जमीन खिसकाना चाहती है। आपसी लड़ाई में फंसी कांग्रेस एक तरह से भाजपा को जगह देने में खुद ही मदद कर रही है। कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य शमशेर सिंह दूलो ने आरोप लगाया है कि पंजाब में भले मुख्यमंत्री बदल दिया गया हो लेकिन नशे की जनलेवा समस्या अभी भी बनी हुई है। बच्चे मर रहे हैं लेकिन सरकार तस्करों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पा रही। डेढ़ साल पहले नकली शराब पीने से हुई मौत मामले में भी अभी तक एक्शन नहीं लिया गया। क्या ऐसे सरकार चलती है?

माफिया राज से मुक्ति दिलाने का वायदा

माफिया राज से मुक्ति दिलाने का वायदा

पीएम की फिरोजपुर रैली को सफल बनाने के लिए तीन हजार बसों का इंतजाम किया गया है। केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत पंजाब में भाजपा के प्रभारी हैं। उन्होंने इस रैली में लोगों को आमंत्रित करने के लिए कई यात्राएं की हैं। भाजपा नेता जगह-जगह पंजाब को माफियाराज से मुक्ति दिलाने का वायदा कर रहे हैं। भाजपा का कहना है कि पंजाब में माफिया तत्व खुलेआम नशे का कोरबार चला रहे हैं। बालू (रेत), जमीन और ट्रांसपोर्ट के धंधे पर इनका कब्जा है। इसलिए इन समस्याओं से मुक्ति के लिए पंजाब में डबल इंजन की सरकार जरूरी है। इस लक्ष्य को पाने के लिए भाजपा हिंदू वोटरों की तरफ आशा भरी नजरों से देख रही है। पंजाब में सिख समुदाय की आबादी 58 फीसदी है। हिंदू समुदाय की आबादी करीब 38 फीसदी है। शहरों में अधिक हिंदू रहते हैं। सिखों के पवित्र शहर अमृतसर में सिख से अधिक हिंदू रहते हैं। हिंदुओं की आबादी सिखों से डेढ़ फीसदी अधिक है। इसी तरह जालंधर, होशियारपुर और गुरुदासपुर में सिख से अधिक हिंदू रहते हैं। यह बात 2015 की सरकारी रिपोर्ट से सामने आयी थी।

पीएम मोदी की रैली पर सबकी नजर

पीएम मोदी की रैली पर सबकी नजर

कृषि कानूनों की वजह से पंजाब में भाजपा के खिलाफ बहुत गुस्सा था। उसे वापस लिये जाने के बाद स्थिति बदली है। लेकिन हालात ऐसे भी नहीं बने हैं कि भाजपा आसानी से चुनाव जीत जाए। इसलिए भाजपा में नयी जान फूंकने के लिए पीएम मोदी ने खुद कमान संभाली है। चर्चा है कि रैली से पहले प्रधानमंत्री किसानों को लेकर कोई बड़ी गोषणा कर सकते हैं। वे फिरोजपुर में करीब 42 हजार करोड़ की विकास योजनाओं की वर्चुअल नींव रखेंगे। अगर प्रधानमंत्री पंजाब के लिए किसी आर्थिक या कृषि पैकेज की घोषणा करते हैं तो चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। अकाली दल के शीर्ष नेता प्रकाश सिंह बादल ने इस संबंध में सकारात्मक संकेत दिये हैं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+