क्या चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद AAP से गठबंधन करेगी कांग्रेस, जानिए क्यों तेज़ हुई चर्चा ?
पंजाब में हुए मतदान के नतीजे 10 मार्च को घोषित होने वाले हैं। वहीं एक्ज़िट पोल के नतीजे आ चुके हैं।
चंडीगढ़, 07 मार्च 2022। पंजाब में हुए मतदान के नतीजे 10 मार्च को घोषित होने वाले हैं। वहीं एक्ज़िट पोल के नतीजे आ चुके हैं। सभी सियासी दलों ने एक्जिट पोल के आंकड़े को देखते हुए जोड़-तोड़ की रणनीति बनानी शुरू कर दी है। इसी बीच चुनावी नतीजे घोषित होने के बाद कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन की ख़बर सुर्खियों में है। दरअसल पंजाब की पूर्व मुख्यमंत्री और लहरागागा से कांग्रेस प्रत्याशी राजिंदर कौर भट्ठल के बहुमत नहीं मिलने पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के गठबंधन के बयान से सियासी पारा चढ़ गया है। हालांकि कांग्रेस ने इस बयान को उनके विचार बताते हुए पल्ला झाड़ लिया है। वहीं सूत्रों के हवाले से यह ख़बर है कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का गठबंधन हो सकता है।

सरकार बनाने के लिए 59 सीटें ज़रूरी
एक्ज़िट पोल सर्वे के मुताबिक पंजाब में आम आदमी पार्टी ज्यादा सीटें लाकर बड़ी पार्टी के तौर पर उभर सकती है। एक नीजि चैनल के सर्वे के मुताबिक आम आदमी पार्टी कांग्रेस से ज़्यादा सीटें ला रही है। ग़ौरतलब है कि एक्ज़िट पोल सर्वे में आम आदमी पार्टी को 52 सीटें मिलने की उम्मीद है। वहीं कांग्रेस को 34 सीटें मिल सकती है। इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी गठबंधन साथी 10 सीटों पर जीत दर्ज कर सकते हैं। इसके अलावा शिरोमणी अकाली दल और बहुजन समाजवादी पार्टी 18 सीटें मिलने की उम्मीद है। वहीं अन्य दलों के खाते में 3 सीटें जा सकती हैं। आपको बता दें कि पंजाब में सत्ता पाने के लिए कम से कम 59 सीटों का जादुई आंकड़ा पाना ज़रूरी है।

पंजाब में संभावनाओं की सियासत शुरू
पंजाब के एक्ज़िट पोल के मुताबिक किसी भी पार्टी को बहुमत नही मिल रहा है, इसलिए सत्ता पाने के लिए दूसरे दलों का सहारा ज़रूरी है। हालांकि सर्वे के मुताबिक आम आदमी पार्टी और कांग्रेस को ज़्यादा सीटें मिल रही हैं। लेकिन गठबंधन को लेकर कांग्रेस ने अपनी स्थिति साफ़ नहीं की है, वहीं आम आदमी पार्टी के सूत्रों की मानें तो अगर कांग्रेस गठबंधन के लिए हाथ बढाएगी तो 'आप' को गठबंधन करने में कोई एतराज़ नहीं है। चुनाव के दौरान मतभेद हो ही जाता है लेकिन जनता की भलाई के लिए अगर कांग्रेस साथ आती है तो आम आदमी पार्टी को कोई एतराज़ नहीं है। आंकड़े की बात की जाए तो अगर 52 सीटें आती है तो आज़ाद उम्मीदवारों को साथ लेकर सरकार बनाई जा सकती है लेकिन सभी आज़ाद उम्मीदवारों के जीतने की उम्मीद कम है। इसलिए कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाना ही बेहत विकल्प रहेगा।

कांग्रेस के समर्थन से AAP बना चुकी है सरकार
राजिंद्र कौर भट्ठल के बयान पर हरीश चौधरी (कांग्रेस प्रभारी, पंजाब) ने गठबंधन के सवाल पर पल्ला झाड़ते हुए कहा था कि गठबंधन का विचार कांग्रेस का नहीं है, वह राजिंदर कौर भट्ठल के विचार हो सकते है। कांग्रेस को किसी के साथ गठबंधन की ज़रूरत नहीं होगी। उनके बयान से कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं में यह चर्चा ज़रूर हो रही है कि उन्होंने इस तरह का बयान क्यों दिया है। पार्टी का फैसले लेने का भट्ठल के पास तो कोई अधिकार ही नहीं है। पार्टी की सक्रिय सियासत से वो पांच सालों दूर थी। आपको बता दें कि इसस पहले दिल्ली में कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी को समर्थन देकर सरकार बनाई थी। लेकिन सरकार ज़्यादा दिन तक नहीं चली थी।
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