बहुजन समाज पार्टी क्या करेगी चन्नी की काट, जानिए पंजाब में SAD-BSP गठबंधन का इतिहास
आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए सियासी समीकरण बदलने शुरू हो गए हैं। शिरोमणि अकाली दल ने बहुजन समाज पार्टी के साथ चरणजीत सिंह चन्नी की काट करने की रणनीति तैयार कर रही है।
चंडीगढ़, 24 जनवरी 2022। पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए सियासी समीकरण बदलने शुरू हो गए हैं । शिरोमणि अकाली दल ने बहुजन समाज पार्टी के साथ चरणजीत सिंह चन्नी की काट करने की रणनीति तैयार कर रही है। आपको बता दें कि 25 साल पहले दोनों सियासी दलों ने गठबंधन कर पंजाब में चुनाव लड़ा था। बसपा संस्थापक कांशीराम और शिअद संरक्षक प्रकाश सिंह बादल ने 1996 के लोकसभा चुनाव में शिअद-बसपा का गठबंधन किया था। उस दौरान बहुजन समाज पार्टी को होशियारपुर, फिल्लौर और फिरोजपुर में जीत हासिल हुई थी, लेकिन एक साल बाद 1997 के विधानसभा चुनाव में यह गठबंधन टूट गया था। 25 साल बाद दोबारा शिरोमणि अकाली दल और बहुजन समाज पार्टी गठबंधन से पंजाब में सत्ता पर काबिज़ होने की रणनीति तैयार कर रही है।

दोबारा इतिहास रचेंगे- सुखबीर बादल
पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र शिरोमणि अकाली दल और बहुजन समाज पार्टी के बीच कुल 117 सीटों में से 97 सीटों पर शिअद और 20 पर बसपा चुनाव लड़ेगी। आपको बता दें कि पूर्व में शिअद संरक्षक और पंजाब के पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके प्रकाश सिंह बादल ने बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम के साथ मिलकर गठबंधन किया था। इस शिअद-बसपा गठबंधन ने लोकसभा चुनाव में रिकॉर्ड सीटों पर जीत दर्ज की थी। शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंब बादल ने कहा कि इस बार विधानसभा चुनाव में फिर 1996 के लोकसभा चुनाव की तरह जीत दर्ज करेंगे और पंजाब में गठबंधन की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि अकालियों का इतिहास रहा है कि वह जिसका हाथ पकड़ते हैं, उसे कभी नहीं छोड़ते। शिअद जब भी सत्ता में आई तो पंजाब के दलितों के साथ किसानों की हित में फ़ैसले कर कई योजनाएं बनाईं। शिरोमणि अकाली दल के बाद बहुजन समाज पार्टी ने भी 14 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है।

बसपा की टिकट पर चुनावी मैदान में कई दिग्गज
बसपा पंजाब के अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी ने खुद फगवाड़ा से उम्मीदवार हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष कुमारी मायावती और बहुजना समाज पार्टी के पंजाब के प्रभारी रणधीर सिंह बेनीवाल के दिशा निर्देशों के मुताबिक उम्मीदवारों की घोषणा की गई है। आपको बता दें कि फगवाड़ा से जसवीर सिंह गढ़ी को,. नवांशहर से डा. नछत्तर पाल को, पायल से डा. जसप्रीत सिंह को, भोआ से राकेश महाशा, पठानकोट से ज्योति भीम को,.दीनानगर से कमलजीत चावला को, कपूरथला से देवेंद्र सिंह ढेपई को, जालंधर नार्थ से कुलदीप सिंह लुबाना को, दसूहा से सुशील कुमार शर्मा को, टांडा उड़मड़ से लखविंदर सिंह लक्खी को, होशियारपुर से वरिंदर सिंह परहार को, आनंदपुर साहिब से नितिन नंदा को, बस्सी पठाना से एडवोकेट शिव कुमार कल्याण को और रायकोट से बलविंदर सिंह संधू को बसपा ने चुनावी रण में उतारा है। 6 उम्मीदवारों का नाम ज्लद ही घोषित कर दिया जाएगा। हालांकि अन्य 6 सीटों पर भी बसपा के संभावित उम्मीदवार चुनाव प्रचार कर रहे हैं। अकाली दल की तरफ से भी अपनी प्रचार सामग्री में उन्हें उम्मीदवार बताया जा रहा है।

कुछ सीटों पर नहीं हुई प्रत्याशियों की घोषणा
बहुजन समाज पार्टी पंजाब इकाई के प्रभारी रणधीर सिंह बेनीवाल का कहना है की 6 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा नहीं हुई है। जो भी संभावित उम्मीदवार प्रचार-प्रसार कर रहे हैं उन्हें हलका प्रभारी बनाया गया था। उम्मीदवारों का चयन बहुजन समाज पार्टी की पार्टी सुप्रीमो मायावती के दिशा निर्देशों के बात घोषित की जाएगी। ग़ौरतलब है कि शिरोमणी अकाली दल 97 सीटों पर चुनावी मैदान में उतरेगी जिसमें 95 उम्मीदवारों की घोषणा की जा चुकी है। दो विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा बाकी है। वहीं गठबंधन के तहत बहुजन समाज पार्टी को 20 सीटें मिली हैं जिसमें 14 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की जा चुकी है। छह उम्मीदवारों की घोषणा बाक़ी है। सियासी जानकारों की मानें तो शिअद ने बसपा के ज़रिए चन्नी की काट करने की रणनीति ज्यादा कामयाब नहीं हो पाएगी क्योंकि चरणजती सिंह चन्नी नें अपने 111 दिनों के कार्यकाल में बतौर सीएम ख़ुद की अच्छी छवि बनाई है। इसके साथ ही चन्नी को दलित समुदाय के लोग काफ़ी पसंद कर रहे हैं।
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