पंजाब: BJP ने कांग्रेस पर साधा निशाना तो नवजोत सिंह सिद्धू ने भी किया पलटवार, कही ये बात
पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों में सभी सियासी पार्टियां जुट चुकी हैं। वहीं राजनीतिक पार्टियों का एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप का भी दौर जारी है। इसी कड़ी में भाजपा ने कांग्रेस विधायक की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं।
चंडीगढ़, सितंबर 10, 2021। पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों में सभी सियासी पार्टियां जुट चुकी हैं। वहीं राजनीतिक पार्टियों का एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप का भी दौर जारी है। इसी कड़ी में भाजपा ने कांग्रेस विधायक की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करते हुए कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य और सूक्ष्म लघु मध्यम उद्योग भारत सरकार के निदेशक सदस्य राकेश गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कराए जा रहे काम को कांग्रेसी अपना नाम देकर जनता को गुमराह कर रहे हैं।
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'केंद्र सरकार की ग्रांटों से हुआ विकास कार्य'
विधान सभा क्षेत्र अमलोह में केंद्र सरकार की ग्रांटों से हुए विकास कार्यों का श्रेय कांग्रेस द्वारा लेने पर भाजपा ने विधायक काका रणदीप सिंह की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राकेश गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कराए जा रहे सर्वपक्षीय विकास को कांग्रेसी अपना नाम देकर क्षेत्र के लोगों को गुमराह कर रहे हैं। केंद्र सरकार पंजाब के हर क्षेत्र में जो विकास की जरूरत है उसे ध्यान में रखते हुए बगैर किसी भेदभाव के विकास करवा रही है। राकेश गुप्ता ने कहा कि कोरोना काल में आक्सीजन प्लांट केंद्र सरकार की देन हैं। लेकिन इसका उद्घाटन कांग्रेस विधायक करते हुए इसे पंजाब सरकार का प्रोजेक्ट बता रहे हैं। ईएसआइसी अस्पताल के लिए केंद्र की तरफ से तीन करोड़ रुपये अल़ॉट किया गया। उन्होंने कहा कि केंद्र की तरफ से सभी क्लीयरेंस मिलने के बावजूद पंजाब सरकार ने जानबूझकर मंडी गोबिंदगढ़ में रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण शुरू नहीं किया। इस बात से भी इलाके की जनता में बहुत रोष है।
सिद्धू ने साधा निशाना
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने तीन कृषि कानूनों को लेकर शिरोमणि अकाली दल, आम आदमी पार्टी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला । उन्होंने चार ट्वीट और उन पर दो वीडियो जारी करके तीन कृषि कानूनों को लेकर शिअद और आप की ओर से की जा रही राजनीति की आलोचना की। वहीं, केंद्र सरकार की ओर से इन कानूनों को लाने के पीछे के कारणों को भी बताया। साथ ही एक ट्वीट में वीरवार को केंद्रीय कैबिनेट की ओर से रबी की फसलों की बढ़ाई गई कीमतों पर भी कटाक्ष किया।
'दबाव में आकर इस्तीफ़ा दे दिया'
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि तीन कृषि आर्डिनेंस के खिलाफ जब पंजाब सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई तो शिरोमणि अकाली दल ने इसका पूरा समर्थन किया था । लेकिन पारित किए गए प्रस्ताव से अपने आप को दूर रखा। यही नहीं, तीन सितंबर को प्रकाश सिंह बादल ने एक वीडियो डालकर इन आर्डिनेंस का समर्थन किया। सात सितंबर 2020 को हरसिमरत बादल ने भी प्रेस कान्फ्रेंस करके आर्डिनेंस को किसानों के लिए बढ़िया बताया, लेकिन जब लोगों ने इनका घरों से निकलना बंद कर दिया तो दबाव में आकर सरकार से इस्तीफ़ा दे दिया।
कृषि कानूनों से काफ़ी नुकसान
नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि इससे पहले हरसिमरत बादल ने तीन बार इन आर्डिनेंस पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने ने पूछा कि अगर उनकी इन बिलों को लेकर असहमति थी तो वह असहमति नोट सार्वजनिक क्यों नहीं करतीं हैं। वहीं नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने भी एक अप्रैल 2020 को इन कानूनों को नोटिफाई कर दिया। हालांकि बाद में उन्होंने विधानसभा का सत्र बुलाकर इन कानूनों को फाड़ दिया लेकिन इसे डीनोटिफाई नहीं किया। वहीं पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि तीनों कानून किसानों के साथ-साथ छोटे व्यापारियों को भी नुकसान पहुंचाने वाले हैं ।
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