Punjab Assembly Election 2022: पंजाब में चुनावी नौटंकी और ‘बाथरुम पॉलिटिक्स’

चंडीगढ़, 18 दिसंबर। पंजाब की चुनावी चर्चा अब जनसभाओं से निकल कर बाथरूम तक पहुंच गयी है। इसका श्रेय जाता है अरविंद केजरीवाल को। उन्होंने चुनावी फिरकी ली और कहा, चन्नी दुनिया के पहले सीएम हैं जो बाथरूम में भी लोगों से मिलते हैं। केजरीवाल का दावा है कि चन्नी ने टीवी पर ऐसा कहा है। पंजाब में अरविंद केजरीवाल और चरणजीत सिंह चन्नी, पिछले कुछ समय से जुबानी तलवार भांज रहे हैं।

War of words between Charanjit Singh Channi and Arvind Kejriwal over Punjab election 2022

चन्नी ने केजरीवाल को 'काला अंग्रेज' कहा था तो केजरीवाल ने चन्नी को 'झूठा और नकली केजरीवाल' कह दिया। दोनों नेताओं में खुद को जनता का सच्चा सेवक बताने के लिए होड़ चल रही है। इस होड़ में वे कई बार मर्यादा की सीमा लांघ जा रहे हैं। 'बाथरूम पॉलिटिक्स' इसका प्रमाण है।

पंजाब में ‘बाथरूम पॉलिटिक्स’

पंजाब में ‘बाथरूम पॉलिटिक्स’

बहुत से मुख्यमंत्री ऐसे हुए हैं जो अपने रोजमर्रा के काम के बीच भी लोगों से मिलने जुलते रहे हैं। लालू प्रसाद यादव जब बिहार के मुख्यमंत्री थे तब सीएम हाउस में एक बड़ी गोशाला हुआ करती थी। वे जब सीएम हाउस में मौजूद रहते तो दो -तीन बार गोशाला जा कर गायों को देख आते। कई बार जरूरी होने पर वे लोगों से गोशाला में मिल भी लेते थे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी जब गोरखपुर जाते हैं तो वे मंदिर के हाते में बनी गोशाला में जरूर जाते हैं। जब वे गायों को नाम से बुलाते हैं तो वे इनकी आवाज पहचान जाती हैं। इस दौरान वे आगंतुकों के साथ बातचीत भी कर लेते हैं। कुछ मुख्यमंत्री अनोखे होते हैं और उनके काम करने का अंदाज भी अलग होता है। लेकिन किसी मुख्यमंत्री के बारे में यह कहना कि वे लोगों से बाथरूम में भी मिलते हैं, बहुत ओछी बात है। जाहिर है केजरीवाल ने सीएम चन्नी का मजाक उड़ाने के लिए ये बात कही है।

पंजाब में सच्चे केजरीवाल !

पंजाब में सच्चे केजरीवाल !

केजरीवाल और सीएम चन्नी दोनों ही जनता से जुड़ने के लिए तरह तरह के टोटके आजमा रहे हैं। पंजाब में मक्के की रोटी और सरसो साग सिर्फ एक भोजन ही नहीं है बल्कि सांस्कृतिक पहचान भी है। अरविंद केजरीवाल ने संगरूर के आप सांसद भगवंत मान से रिश्ते ठीक करने के लिए उनके घर जा कर साग-रोटी खायी थी। पिछले महीने पंजाब के ऑटो चालकों को लुभाने के लिए केजरीवाल ने एक ऑटो चालक के घर जा कर दाल रोटी खायी थी। जब केजरीवाल भगवंत मान से मिलने आये थे तब उन्होंने दिल्ली से संगरूर तक का सफर ट्रेन से तय किया था। ट्रेन में उन्होंने आम लोगों से बातचीत की। केजरीवार को एक साधारण यात्री की तरह ट्रेन में बैठा देख लोग उनकी सादगी की बात करने लगे। गुरुवार को केजरीवाल ने कहा, ये कांग्रेस 'इंडियन नेशनल सर्कस' है। ये सारे आपस में लड़ रहे हैं। इनकी (चन्नी) कैबिनेट में मुक्के चलते हैं। ये पंजाब को कोई भविष्य नहीं दे सकते।

पंजाब में नकली केजरीवाल !

पंजाब में नकली केजरीवाल !

जनता को लुभाने के लिए चन्नी भी कम पैतरा नहीं ले रहे। कुछ दिन पहले रूपनगर जिले के मोरिंडा में सीएम चन्नी की चुनावी सभा थी। वे हेलीकॉप्टर से मोरिंडा गये थे। सभा के बाद जब वे हेलीपैड पर लौटे तो देखा कि वहां कुछ बच्चे खेल रहे थे। चन्नी को अपना बचपन याद गया कि कैसे आसमान में हवाई जहाज को उड़ता देख कर उसमें बैठने की कल्पना किया करते थे। उन्होंने आसपास खेल रहे बच्चों को से पूछा कि क्या वे हेलीकॉप्टर की सवारी करना चाहेंगे ? वे इस मौके को भला कैसे चूक सकते थे। सीएम ने उन्हें हेलीकॉप्टर में बैठा कर एक फेरा लगा दिया। इस बहाने चन्नी बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने की बात करने लगे। उन्होंने खुद ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी थी। उन्होंने सारे लोगों को बताया कि कैसे बच्चों की हेलीकॉप्टर में घुमाया। चुनाव नजदीक आने से पहले चन्नी साहब को इस तरह से बच्चों के भविष्य के 'उड़ान' की फिक्र नहीं हुई थी। ऐसे ही वे अमृतसर के खुआली गांव में एक किसान के घर साग-रोटी खाने के लिए पहुंच गये।

कांग्रेस में कलह से आप को फायदा !

कांग्रेस में कलह से आप को फायदा !

चन्नी के चुनावी टोटकों से कांग्रेस को जो फायदा मिलने की उम्मीद है, उस पर सिद्धू पानी फेरने के लिए अमादा हैं। अगर कांग्रेस में यूं ही सिरफुटौव्वल होती रही तो आप उसका फायदा उठाने में पीछे नहीं हटेगी। कांग्रेस की कलह पर केजरीवाल लगातार चुटकी ले रहे हैं। बुधवार को जब पंजाब कांग्रेस चुनाव प्रचार समिति की पहली बैठक हुई तो नवजोत ह सिद्धू ने हंगामा कर दिया। उन्होंने सीएम चन्नी और डिप्टी सीएम रंधावा पर तीखा हमला बोला । प्रचार समिति के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने जब बैठक में कैंपेन को लेकर सुझाव मांगे तो सिद्धू ने कहा कि जिनकी (चन्नी) घर-घर फोटो लगी है, वोट भी उन्हीं से डलवा लो। सिद्धू ने चन्नी के सामने ये बात कही। उन्होंने डिप्टी सीएम के रिश्तेदार की नियुक्ति का भी विरोध किया। तीन घंटे बैठक चली लेकिन चुनाव प्रचार की कोई रूपरेखा नहीं तय हुई। सिद्धू का रवैया कांग्रेस के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

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