जलालपुर का समर्थन कर घिरे सिद्धू, अकालीदल ने कहा- एक्सपोज हो चुका असली चेहरा
सिद्धू ने कहा कि मदनलाल जलालपुर उनके पहले उम्मीदवार होंगे। सिद्धू के इस बयान के बाद सियासी गलियारों में हलचल मच गई। क्योंकि जलालपुर पर काफ़ी आपराधिक मुकदमे दर्ज होते रहे हैं
चंडीगढ़, अगस्त 6। पंजाब कांग्रेस के नवनियुक्त प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू आए दिन विवादों में ही घिरते नज़र आ रहे हैं। शुक्रवार को नवजोत सिंह सिद्धू डेरा सचखंड बल्लां में नतमस्तक हुए और उन्होंने संत निरंजन दास का आशीर्वाद लिया। वहां पहुंचने पर उन्हें किसानों का विरोध भी झेलना पड़ा। इससे पहले नवजोत सिंह सिद्धू पर फतेहगढ़ साहिब में गुरुघर की मर्यादा के उल्लंघन का उन पर आरोप लगा था । शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की अध्यक्ष बीबी जगीर कौर ने उन पर ये आरोप लगाए थे। बीबी जगीर कौर ने कहा था कि गुरुद्वारा फतेहगढ़ साहिब में माथा टेकने के दौरान नवजोत सिंह सिद्धू ने गुरुघर की मर्यादाओं का उल्लंघन किया है।

नवजोत सिंह सिद्धू ने बुधवार को घनौर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मदन लाल जलालपुर से मुलाकात की और उनका समर्थन करने के साथ कहा था कि आगामी विधानसभा चुनाव में वह सुनिश्चित करेंगे कि जलालपुर जीत हासिल करें। सिद्धू ने कहा कि मदनलाल जलालपुर उनके पहले उम्मीदवार होंगे। सिद्धू के इस बयान के बाद सियासी गलियारों में हलचल मच गई। क्योंकि जलालपुर पर काफ़ी आपराधिक मुकदमे दर्ज होते रहे हैं। जलालपुर को समर्थन वाले बयान पर शिरोमणि अकाली दल के पूर्व मंत्री और मुख्य प्रवक्ता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने सिद्धू पर तंज़ कसते हुए कहा कि सिद्धू ख़ुद कहते रहे हैं कि वह माफिया के ख़िलाफ़ हैं। माफ़ियाओं को एक्सपोज़ किया जाना चाहिए। अब उसी विधायक के घर जाकर नवजोत सिद्धू ने उसे समर्थन दिया।
पटियाला जिला से संबंधित कांग्रेसी विधायकों में से मदन लाल जलालपुर ही पहले ऐसे विधायक थे, जिन्होंने नवजोत सिंह सिद्धू को प्रदेश कांग्रेस प्रधान बनाए जाने की पैरवी की थी। उसके बाद नवजोत सिंह सिद्धू बतौर प्रधान ताजपोशी होने से पहले ही जलालपुर के घर चले गए थे। सीएम सीटी में इस तरह जलालपुर का सिद्धू के खुलेआम सपोर्ट से कांग्रेस खेमे में चर्चा का विषय बन गया था कि कैप्टन अमरिंदर सिंह और परनीत कौर की कहीं न कहीं मुख़ालफ़त की है।
जलालपुर के ख़िलाफ़ पहले भी घनौर हलका के 100 से ज़्यादा कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता खनन और अवैध शराब की गतिविधियों में लगे आरोपों की जांच की मांग कर चुके हैं। जलालपुर के आवास पर नवजोत सिंह सिद्धू ने उन्हें खुलेआम सपोर्ट किया वहीं कैबिनेट मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने भी जलालपुर का हौसला बढ़ाया। डॉ. चीमा ने नवजोत सिंह सिद्धू को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ओहदों के चेहरे कैसे बदलते हैं इसका अंदाज़ा नवजोत सिंह सिद्धू को देखकर लगाया जा सकता है। पंजाब की जनता के सामने सिद्धू का असली चेहरा एक्सपोज़ हो चुका है। जनता वक़्त आने पर इसका जवाब देगी। नवजोत सिंह सिद्धू की कथनी और करनी में ज़मीन आसमान का फ़र्क है।
इस मौके पर मौजूद कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि अकाली सरकार द्वारा हस्ताक्षरित बिजली खरीद समझौते (पीपीए) गलत हैं। इन समझौतों पर हस्ताक्षर करने वाले अफसरों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, इन पीपीए को करने वाली पिछली सरकार की पार्टी को भी ध्यान में रखा जाएगा। आरोप हमेशा सियासतदानों पर लगता है, अकसर अधिकारी बच जाते हैं, इसलिए मलाई खाने वाले इन अफसरों पर सख़्त कार्रवाई हो रही है। अकाली दल द्वारा 400 यूनिट मुफ्त बिजली देने के वादे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए रंधावा ने कहा कि यह सब झूठ है। अगर अकाली दल को ऐसा करना होता तो अपनी सरकार के वक़्त ही कर देता।












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