पंजाब: तनाव के बाद हुई सिद्धू और CM चन्नी की मुलक़ात, क्या अब दूर होगी नाराज़गी ?
पंजाब कांग्रेस में सियासी घमासान थमने नाम नहीं ले रहा है। कांग्रेस आलाकमान की तरफ़ से पुरज़ोर कोशिश की जा रही है। पार्टी आलाकमान जल्द से जल्द पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी कलह पर वीराम लगाना चाह रही है।
चंडीगढ़, 8 नवम्बर 2021। पंजाब कांग्रेस में सियासी घमासान थमने नाम नहीं ले रहा है। कांग्रेस आलाकमान की तरफ़ से पुरज़ोर कोशिश की जा रही है। पार्टी आलाकमान जल्द से जल्द पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी कलह पर वीराम लगाना चाह रही है ताकि आगामी विधानसभा चुनाव पर इसका कोई असर नहीं पड़े। इसी कड़ी में पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने आज (सोमवार) को सीएम चन्नी और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धू से मुलाक़ात की। सूत्रों की मानें तो यह बैठक सरकारी नियुक्तियों पर चन्नी और सिद्धू के बीच उपजे विवाद को सुलझाने के लिए हुई। इस बैठक में सिद्धू के क़रीबी परगट सिंह भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब के महाधिवक्ता ए पी एस देओल और कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक इकबाल प्रीत सिंह सहोता की नियुक्ति का मुद्दा उठाया।

सिद्धू का पार्टी को अल्टीमेटम
आपको बता दें कि पिछले सप्ताह नवजोत सिंह सिद्धू ने पार्टी को अल्टीमेटम देते हुए इस्तीफा वापस लिया था। उन्होंने कहा था कि वह कार्यभार उसी दिन संभालेंगे जब देओल के जगह पर किसी और को महाधिवक्ता बनाया जाएगा और नया पुलिस महानिदेशक नियुक्त करने के लिए संघ लोक सेवा आयोग से एक पैनल आयेगा। ग़ौरतलब है कि सिद्धू ने सरकार पर दोबारा से हमला बोलते हुए कहा कि पंजाब के पहरेदारों को बेअदबी मामले में इंसाफ दिलाना था, लेकिन वही ढाल बन गए हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह पर तंज कसते हुए नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि उन्हें राजनीतिक इच्छा शक्ति नहीं थी इसलिए बदल दिया गया। वहीं अब ठीक उसी तरह नवजोत सिंह सिद्धू अब चन्नी सरकार पर भी आरोप लगा रहे हैं। नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि मैं पंजाब कांग्रेस का प्रधान हूं, लेकिन मेरे पास कोई एग्जीक्यूटिव पॉवर नहीं है। मैने चरणजीत सिंह चन्नी को CM नहीं बनाया है, कांग्रेस हाईकमान ने बनाया है।
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दिन पर दिन बढ़ रही नाराज़गी
डीजीपी और एडवोकेट जनरल की नियुक्ति को लेकर अब सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार कंप्रोमाइजिंग अफसर चुने या फिर पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष चुने। सिद्धू की इस तरह की चेतावनी से यह संकेत मिल रहे हैं कि या तो सिद्भू पंजाब कांग्रेस की पूरी पॉवर अपने हाथ में लेना चाहते हैं या फिर उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया जाए तो वह दूसरी पार्टी में शामिल हो सकें। नवजोत सिंह सिद्धू की सरकार के प्रति नाराजगी दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। क़यास लगाए जा रहे हैं कि नाराज़गी और भी बढ़ सकती है। चर्चाएं यह भी हैं कि रविवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में एजी एपीएस देयोल के इस्तीफे पर कोई चर्चा नहीं हुई। डीजीपी को हटाने के लिए भी अभी तक UPSC से पैनल नहीं आया। इन सब मुद्दों को लेकर नवजोत सिह सिद्धू नाराज़ चल रहे हैं। ग़ौरतलब है कि पंजाब भवन में नवजोत सिद्धू ने कहा कि 9 अप्रैल 2021 को हाईकोर्ट ने दूसरी SIT की जांच रद्द की थी। यह दोनों मामले कोटकपूरा फायरिंग से जुड़े थे। हाईकोर्ट ने नई SIT से जांच के लिए कहा था। इसके लिए 6 महीने का टाइम दिया था। इसके बाद 7 मई 2021 को दूसरी एसआईटी बनी। सिद्धू ने कहा कि 6 महीने पूरे हो चुके हैं अब तक चार्जशीट नहीं आई।
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