Video शेयर कर सिद्धू ने फिर खोला CM चन्नी के खिलाफ मोर्चा, बोले- 'पीड़ितों के जख्मों पर नमक 'ना' रगड़ें'
चंडीगढ़, 3 अक्टूबर: पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे चुके नवजोत सिंह सिद्धू ने पिछले सीएम की तरह ही नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के खिलाफ भी अपना अभियान बरकरार रखा है। दो दिन पहले जिस तरह से दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई थी, उससे यह लगा था कि पंजाब कांग्रेस में सुलह का कोई रास्ता निकल गया है। लेकिन, आज सिद्धू ने फिर से एक वीडियो शेयर करके जता दिया है कि वह शांत बैठने वालों में से नहीं हैं और उनकी बात यदि पार्टी ने नहीं सुनी तो वह अपनी सरकार पर हमला जारी रखेंगे। उन्होंने फिर से यह बात दोहराने की कोशिश की है कि जिन वजहों से उन्होंने पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री का पद छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया, उसी तरह से उनकी नहीं सुने जाने पर वह अपनी बात मनमानें की कोशिश आगे भी करते रहेंगे।

सिद्धू का सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के खिलाफ मोर्चा
नवजोत सिंह सिद्धू ने ग्लोबल पंजाब नाम के एक चैनल का वीडियो अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है। इसमें एक शख्स पंजाबी में बेअदबी, मादक द्रव्यों के कारोबार और कथित 'दागियों' की मौजूदा सरकार में नियुक्ति को लेकर सवाल उठा रहा है। इस वीडियो को शेयर करते हुए सिद्धू ने लिखा है- 'बेअदबी मामले में न्याय और मादक दवाओं के कारोबार के मुख्य आरोपियों की गिरफ्तार की मांग की वजह से ही 2017 में हमारी सरकार बनी थी और इसमें नाकामी के चलते ही जनता ने पिछले मुख्यमंत्री को हटा दिया। अब, एडवोकेट जनरल/ डायरेक्टर जनरल की नियुक्तियों ने पीड़ितों के जख्मों पर नमक रगड़ा है, उन्हें हर हाल में हटाया जाना चाहिए वरना हमारे पास कोई चेहरा नहीं होगा !!' यह साफ नहीं हुआ है कि वह किस 'चेहरे' की बात कर रहे हैं।
सिद्धू के इस्तीफे से पंजाब कांग्रेस में है संकट
गौरतलब है कि चन्नी मंत्रिमंडल में कुछ नियुक्तियों और सरकार में बड़े पदों पर नियुक्तियों को लेकर सिद्धू सार्वजनिक तौर पर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। उन्होंने इसके चलते कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को प्रदेश अध्यक्ष पद से अपना इस्तीफा भी भेज रखा है। उनके इस कदम के बाद से कांग्रेस के भीतर भूचाल आया हुआ है और राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की नेतृत्व क्षमता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, क्योंकि पंजाब कांग्रेस में सिद्धू की दखल बढ़ाने के लिए उन्हें ही जिम्मेदार बताया जा रहा है।
कैप्टन का भी कांग्रेस नेताओं पर जारी है पलटवार
उधर कांग्रेस से निकलने की तैयारियों में जुटे पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह प्रदेश में पार्टी के अंदर आए संकट को लेकर खुद पर लगाए गए आरोपों पर जोरदार पलटवार कर रहे हैं। उन्होंने शनिवार को कहा कि 'पार्टी नेताओं की ओर से अपने कुप्रबंधन को छिपाने के लिए ऊटपटांग झूठ फैलाया जा रहा है।' उन्होंने यह प्रतिक्रिया कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला के इस दावे के बाद जताई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि पंजाब के 79 कांग्रेस विधायकों में से 78 ने उन्हें हटाने के लिए केंद्रीय नेतृत्व को लिखा था। इससे एक दिन पहले पंजाब के पार्टी इंचार्ज हरीश रावत ने ऐसे विधायकों की संख्या 43 ही बताई थी।
कैप्टन ने रावत और सुरजेवाला के कथित पत्रों में परस्पर अलग आंकड़ों की ओर इशारा करते हुए इसे "त्रुटियों की कॉमेडी" करार दिया था। उन्होंने कहा था कि 'ऐसा लगता है कि पूरी पार्टी नवजोत सिंह सिद्धू की कॉमिक थियेट्रिक्स की भावना से प्रभावित हो गई है.....' उन्होंने कहा कि 'आगे वे दावा करेंग कि 117 एमएलए ने हमारे खिलाफ लिखा था।.......पार्टी की हालत तो यही है....वो अपनी झूट में भी ठीक से समन्वय नहीं बिठा सकते।'












Click it and Unblock the Notifications