Khatkar Kalan के गांव में कभी नहीं रहे शहीद-ए-अंजाम भगत सिंह, जानिए खास बातें
चंडीगढ़ 16 मार्च। भगवंत मान ने आज शहीद-ए- आजम भगत सिंह के गांव नवांशहर के खटकड़ कलां के गांव में पंजाब के सीएम पद की शपथ ली। उन्हें पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस शपथ ग्रहण समारोह में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल समेत दिल्ली आप के तमाम नेता शामिल हुए। शपथ लेने के बाद भगवंत मान ने कहा 'पंजाब के कोने कोने से भगत सिंह के गांव आए लोगों का मैं तहे दिल से धन्यवाद करता हूं। मैं यहां पहले भी कई बार आया हूं।' आपको बता दें कि यह पहली बार है कि प्रदेश के किसी सीएम ने शहीद ए आजम के गांव से शपथ ली है। बता दें कि इस गांव में भगत सिंह का पुश्तैनी मकान आज भी मौजूद है, जिसकी देखभाल की जिम्मेदारी पुरातत्व विभाग की ओर से है।

शहीद भगत सिंह के नाम का विशाल स्मारक
आपको बता दें कि इस गांव में शहीद भगत सिंह के नाम का विशाल स्मारक और म्यूजियम है, जो कि 11 एकड़ में फैला हुआ है। यह गांव पंजाब के नवांशहर जिले में स्थिर है। ये गांव जालंधर-चंडीगढ़ हाईवे से करीब 1 किमी की दूरी पर है। खास बात ये है कि खुद इस गांव में भगत सिंह नहीं रहे, हालांकि उनके परिवार वाले जरूर इस गांव में बंटवारे के बाद रह रहे हैं,अब इस गांव में काफी विकास भी हो चुका है लेकिन इस गांव के काफी लोग शहरों में जाकर बस गए हैं।

AAP ने रचा इतिहास
मालूम हो कि इस बार के विधानसभा चुनाव में आप पार्टी ने पंजाब में इतिहास रचा है।10 मार्च को घोषित हुए नतीजों में पंजाब की 117 विधानसभा सीटों में से आम आदमी पार्टी ने 92 सीटों पर जीत हासिल की है। इस जीत के बाद आप पार्टी के संयोजक और सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि पंजाब में इंकलाब आ गया है। ये जीत आप पार्टी की नहीं बल्कि पंजाब के हर नागरिक की है।

भगत सिंह के क्रांतिकारी विचार
- मेरी गर्मी के कारण राख का एक एक कण चलायमान हैं में ऐसा पागल हूँ जो जेल में भी स्वतंत्र हूं।
- मेरा धर्म देश की सेवा करना है।
- जन संघर्ष के लिए, अहिंसा आवश्यक हैं।
- देशभक्तों को अक्सर लोग पागल कहते हैं।
- महान आवश्यकता के समय, हिंसा अनिवार्य हैं।

अंग्रेजी हुकूमत पर बम गिराया था...
- प्रेमी, पागल और कवि एक ही चीज से बने होते हैं।
- व्यक्तियों को कुचल कर, वे विचारों को नहीं मार सकते।
- क्रांति की तलवार तो सिर्फ विचारों की शान से तेज होती है।
- किसी को क्रांति शब्द की व्याख्या शाब्दिक अर्थ में नहीं करनी चाहिए। जो लोग इस शब्द का उपयोग या दुरुपयोग करते हैं, उनके फायदे के हिसाब से इसे अलग अर्थ दिए जाते हैं।
- मेरा धर्म एक ही है, देश की सेवा करना। दिल से निकलेगी न मरकर भी वतन की उल्फत, मेरी मिट्टी से भी खूशबू-ए-वतन आएगी।












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