पंजाब: शिअद-बसपा ने चुनाव में पूर्ण बहुमत से जीत दर्ज करने का किया दावा, जानिए क्या है प्लान ?
पंजाब विधानसभा चुनाव के रण में इस बार शिरोमणि अकाली दल ने भारतीय जनता पार्टी से गठबंधन तोड़ कर चुनाव लड़ने का फ़ैसला लिया है।
चंडीगढ़, 14 दिसंबर 2021। पंजाब विधानसभा चुनाव के रण में इस बार शिरोमणि अकाली दल ने भारतीय जनता पार्टी से गठबंधन तोड़ कर चुनाव लड़ने का फ़ैसला लिया है। हालांकि शिरोमणि अकाली दल ने बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुकी है। वहीं शिअद और बसपा के गठबंधन के मद्देनज़र सियासी रणनीतियां तय की जा रहीं थी। इसी क्रम में आज (मंगलवार) को शिरोमणि अकाली दल के सौ साल पूरे होन पर शिअद ने मोगा में विशाल रैली का आयोजन किया। रैली में लाखों कार्यकर्ताओं ने शिरकत की, शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने इमोशनल कार्ड खेलते हुए जनता को संबोधित किया।

सुखबीर बादल ने दिलाया भरोसा
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब के चुनावी रण ने भाजपा, कांग्रेस, आप और शिअद-बसपा चार मोर्चे हैं। इसंमे शिरोमणि अकाली दल और बहुजन समाज पार्टी अपने हैं, क्योंकि बहुजन समाज पार्टी की शुरुआत पंजाब से ही हुई थी। शिरोमणि अकाली दल और बहुजन समाज पार्टी आपके संघर्षों को समझते हुए आपके लिए लड़ते हैं। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने रैली को संबोधित करते हुए वादों की झड़ी लगा दी। उन्होंने कहा कि शिअद-बसपा की सरकार बनने पर पंजाब में 2004 के बाद भर्ती कर्मचारियों को भी पेंशन मिलेगी। गुरुद्वारों और अन्य धार्मिक स्थलों की बिजली मुफ्त देने का भी वादा किया। उन्होंने में शराब माफिया को खत्म करने के लिए शराब निगम बनाने का भी वादा किया। इसके साथ ही रेत माफिया के खात्मे के लिए माइनिंग कॉर्पोरेशन बनाने की भी घोषणा की, वहीं उन्होंने पे कमीशन लागू करने का भी वादा किया।

पूर्ण बहुमत से जीत दर्ज करने का दावा
बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने लखनऊ में शिरोमणि अकाली दल के 100 साल पूरे होने पर बधाई देते हुए पंजाब चुनाव में शिरोमणि अकाली दल के साथ चुनाव लड़ने की बात दोहराई। शिअद के 100 साल पूरे होने पर पार्टी के नेताओं को बधाई दी और कहा कि देश में कम ही ऐसी पार्टियां हैं जिन्होंने 100 वर्षों से ज्यादा लोगों की सेवा की है। उनमें से शिअद भारत की पुरानी क्षेत्रीय पार्टी है, जो 100 साल से पंजाब की जनता के लिए निरंतर संघर्ष करती रही है और अभी भी कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब में अकाली-बसपा की गठबंधन की सरकार बनेगी, इसी रणनीति के साथ चुनावी रण में उतरा जाएगा। साथ ही उन्होंने पूर्ण बहुमत से जीत हासिल करने का दावा भी किया।

पंजाब के साथ रिश्ते काफ़ी मज़बूत
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव में बसपा-अकाली मिलकर चुनाव लड़ने से कांग्रेस का सफाया हो जाएगा। वहीं उन्होंने कहा कि मेरे दिल में पंजाब के लिए ख़ास जगह है। पंजाब के लोगों के साथ काफ़ी अरसे से बहुजन समाज पार्टी मजबूत रिश्ते रहे हैं। मायावती ने कहा कि पंजाब बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक काशीराम की जन्मभूमि है। इसके साथ ही पंजाब वह महान भूमि भी है जहां से कांशीराम ने बहुजन समाज के उत्थान के लिए काफी संघर्ष किया। ग़ौरतलब है कि बहुजन समाज पार्टी और शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र गठबंधन कर चुनाव लड़ने का फ़ैसला लिया है। इसी के साथ दोनों सियासी पार्टियों ने वोट बैंक के आधार पर सीटों का बंटवारा भी किया है।
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