Taranjit Singh Sandhu: कौन हैं ये BJP प्रत्याशी टीएस संधू, जिनको 2100 जवानों की सुरक्षा में भरना पड़ा नामांकन
TS Sandhu Amritsar Punjab: लोकसभा चुनाव 2024 में पंजाब से भाजपा उम्मीदवार तरनजीत सिंह संधू उर्फ टीएस संधू संभवतया वो पहले प्रत्याशी बन गए हैं, जिनको 2100 पुलिस जवानों की सुरक्षा में नामांकन पत्र भरने जाना पड़ा है। वजह है कि टीएस संधू की जान को खतरा है। ये पंजाब के अमृतसर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
अमेरिका के वाशिंगटन डीसी में भारतीय राजदूत तरणजीत सिंह संधू ने शुक्रवार को अमृतसर में भारी सुरक्षा के बीच भाजपा उम्मीदवार के रूप में नामांकन भरा। रोड शो निकाला। इस दौरान वे 200 पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के घेरे में रहे।

1200 मीटर के रोड शो रूट पर पंजाब पुलिस के 2102 जवान तैनात किए गए। दरअसल, पंजाब के किसान समूह टीएस संधू का विरोध कर रहे हैं। उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट के आधार पर केंद्र सरकार ने उन्हें वाई प्लस सुरक्षा मुहैया करवा रखी है।
पंजाब में किसानों के निशाने पर BJP
पंजाब में किसानों के निशाने पर अकेले भाजपा उम्मीदवार तरणजीत सिंह संधू ही नहीं बल्कि अन्य प्रत्याशी भी हैं। उन्हें भी चुनाव प्रचार व नामांकन भरने से रोकने की कोशिश करने की खबरें सामने आ चुकी हैं। पंजाब भाजपा ने चुनाव आयोग से शिकायत भी की है।

पंजाब की 13 सीटों पर मतदान 1 जून को
बता दें कि पंजाब की सभी 13 सीटों पर सातवें और अंतिम चरण में एक साथ 1 जून को मतदान होगा। मतों की गिनती देशभर में सभी 543 सीटों पर एक साथ 4 जून को होगी। पंजाब में जिन 13 सीटों पर वोटिंग होगी, उनमें गुरुदासपुर, अमृतसर, खडूर साहिब, जालंधर, होशियारपुर, नंदपुर, साहिब, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, फरीदकोट, फिरोजपुर, बठिंडा, संगरूर और पटियाला सीट शामिल हैं।
तरणजीत सिंह संधू का जीवन परिचय
- टीएस संधू यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 1988 बैच के भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के अफसर रहे हैं।
- ये पूर्व कांग्रेस नेता और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) के संस्थापक सदस्य तेजा सिंह समुंद्री के पोते हैं।
- 23 जनवरी 1963 में जन्मे तरनजीत सिंह संधू पंजाब के तरनतारन जिले के राय बुर्ज के रहने वाले हैं। पढ़ाई अमृतसर में हुई।
- इनके पास मास्टर ऑफ आर्ट्स (अंतर्राष्ट्रीय संबंध) की भी डिग्री की है।
- टीएस संधू की शादी रीनत संधू से हुई है, जो जो इटली में भारत की राजदूत थीं और अब नीदरलैंड में भारत की राजदूत हैं।
- तरनजीत के पिता बिशन सिंह समुंद्री शिक्षाविद् थे। वे गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के संस्थापक कुलपति थे।
- तरनजीत सिंह संधू ने श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त और संयुक्त राज्य अमेरिका में भारत के 28वें राजदूत के रूप में कार्य किया।
- टीएस संधू ने 31 जनवरी 2024 को रिटायर होने के बाद 19 मार्च को भाजपा ज्वाइन कर ली।
अमृतसर लोकसभा सीट का इतिहास
पंजाब के अमृतसर संसदीय क्षेत्र में ज्यादातर समय कांग्रेस का कब्जा रहा है। साल 2004 से 2009 तक नवजोत सिंह संधू अमृतसर से भाजपा सांसद रहे हैं। इनके बाद 2014 से कांग्रेस के अमरेंद्र सिंह व 2017 और 2019 में कांग्रेस के गुरजीत सिंह औजला सांसद बने हैं। लोकसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस ने औजला पर दांव लगाया है। जबकि भाजपा ने पूर्व IFS टीएस संधू को मैदान में उतारा है।












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