पंजाब: मंकीपॉक्स वायरस की एडवाइजरी जारी, DC ने बताया- अब किन बातों का ध्यान रखें लोग
फाजिल्का। पंजाब में फाजिल्का के डिप्टी कमिश्नर डाॅ. हिमांशु अग्रवाल ने कहा कि, मंकी-पॉक्स वायरस संबंधी की एडवाइजरी जारी की गई है। उन्होंने कहा कि, यह एडवाइजरी जारी नेशनल सेंटर फार डिजीज कंट्रोल द्वारा जारी की गई है। उन्होंने कहा कि, मौजूदा समय में हमारे यहां मंकीपॉक्स का कोई मामला सामने नहीं आया, लेकिन ध्यान रखने की जरूरत है, और यह एडवाइजरी इसीलिए जारी की गई है।
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डिप्टी कमिश्नर डाॅ. हिमांशु बोले कि, इस सरकारी एडवाइजरी मुताबिक वे सभी यात्री जिनकी पिछले 21 दिनों की ट्रैवल हिस्ट्री है, और देश में जिनके भी मंकीपॉक्स के संदिग्ध या पुष्टि केस रिपोर्ट हुए हैं या किसी संदिग्ध या पुष्टि किए मंकीपॉक्स वाले लोगों के साथ संपर्क किया गया है, को एक संदिग्ध केस माना जाना चाहिए। एडवाइजरी में मंकी-पॉक्स वायरस के संक्रमण के बारे में भी बात की गई है। बताया गया है कि, इसके मुख्य लक्षण बुखार, रेशिज/लाल धब्बे, लिंफनोरड की सूजन पाई जाती है। डीसी ने बताया कि सभी संदिग्ध मामलों को निर्धारित आईसोलेटड हेल्थकेयर सुविधाओं पर रखा जाना चाहिए और ऐसे मरीजों का इलाज करते समय इंफेक्शन को रोकने वाले कंट्रोल अभ्यासों की पालना की जानी चाहिए।
डीसी ने कहा कि, एडवाइजरी के अनुसार लैब के सैंपल जिन में नाड़ियां, खून, थूक आदि से तरल पदार्थ शामिल होते हैं, जांच के लिए नेशनल इंस्टिट्यूट आफ वीरोलोजी पूने को भेजे जाएं। उन्होंने कहा कि, यदि किसी संदिग्ध केस की रिपोर्ट की जाती है, तो उस बारे जानकारी स्टेट सर्विलैंस यूनिट के साथ सांझी की जानी चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील करते कहा कि एडवाइजरी की पालना की जाए।
कहां फैल रहा है मंकी-पॉक्स वायरस?
मंकी-पॉक्स वायरस भारत के बाहर कई देश-महाद्वीपों में फैल चुका है। 20 मई 2022 तक इसके केस यूके, यूएसए, यूरोप, आस्ट्रेलिया और कनाडा में पाए गए हैं।












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