पंजाब में 'भगोड़ा' पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस का अदालत में सरेंडर, यौन शोषण का आरोप
लुधियाना। एक महिला का यौन शोषण करने के आरोपी नेता ने आखिरकार अदालत के समक्ष समर्पण कर दिया है। यह पंजाबी नेता है- सिमरजीत सिंह बैंस। अदालत ने सिमरजीत सिंह बैंस को 'भगोड़ा' घोषित कर दिया था। वह लोक इंसाफ पार्टी का प्रमुख है और विधायक रह चुका है। उसके खिलाफ जुलाई 2021 में बलात्कार का मामला दर्ज हुआ था। उसे घोषित अपराधी ठहराए जाने का आदेश 12 अप्रैल को लुधियाना के एक इलाका मजिस्ट्रेट द्वारा जारी किया गया था।

सिमरजीत सिंह बैंस के खिलाफ जब मामला दर्ज हुआ था तो उसकी व उसके साथ के अन्य आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली थी। जिसके बाद वह कुछ महीनों तक गायब हो गए। अब अदालत में उसके द्वारा सरेंडर करने के बाद पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ कर सकती है। इस समय सोशल मीडिया पर उसकी तरफ से एक पोस्ट भी आई है, जिसमें कहा गया है कि "वह निर्दोष हैं और उन्हें न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है।" लोक इंसाफ पार्टी के प्रमुख सिमरजीत सिंह बैंस के मीडिया कोऑर्डिनेटर प्रदीप सिंह बंटी ने भी कुछ ऐसी ही बात कही। उसने कहा कि, उनके नेता को झूठे केस में फंसाया जा रहा है। हालांकि, गौर करने वाली बात यह है कि, अदालत ने उसे पीओ यानी घोषित अपराधी करार दिया था।
एक 44 वर्षीय महिला ने सिमरजीत सिंह बैंस पर यौन शोषण के आरोप लगाए थे। महिला के मुताबिक, वह एक संपत्ति विवाद के सिलसिले में आत्मनगर से विधायक रहे सिमरजीत सिंह बैंस के संपर्क में आई थी। बैंस ने उसकी मजबूरी का फायदा उठाया। मदद करने के बहाने बार-बार बलात्कार किया। किसी तरह उसने पुलिस को शिकायत की। मामला लुधियाना की अदालत में पहुंचा। जहां अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरसिमरनजीत सिंह ने सिमरजीत सिंह बैंस के खिलाफ बलात्कार के आरोप में मामला दर्ज करने का आदेश दिया। महिला का यह भी दावा था कि, सिमरजीत बैंस और उनके कुछ साथियों के खिलाफ केस दर्ज कराने के लिए वह पुलिस के पास गई थी। वहां से मदद न मिलने पर उन्होंने अदालत में याचिका दाखिल की।












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