पंजाब संकट: हरीश रावत ने कैप्टन को दी नसीहत, कहा-किसान विरोधी BJP के मददगार ना बनें
नई दिल्ली, अक्टूबर 01: पंजाब कांग्रेस के घमासान के बीच पंजाब प्रभारी हरीश रावत ने कैप्टन अमरिंदर सिंह पर निशाना साधा है। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत ने शुक्रवार को कहा कि कैप्टन को एक बार फिर अपनी बातों पर विचार करना चाहिए। हरीश रावत ने कहा है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह को किसान विरोधी बीजेपी का मददगार नहीं बनना चाहिए। इसके साथ ही उन्हें पार्टी के साथ खड़े होने की अपील की।
Recommended Video

मीडिया से मुखातिब होते हुए पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत ने शुक्रवार को कहा कि, रिपोर्टों में कोई तथ्य नहीं है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह का कांग्रेस द्वारा अपमान किया गया था। कैप्टन के हालिया बयानों से लगता है कि वह किसी तरह के दबाव में हैं। उन्हें पुनर्विचार करना चाहिए और प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से भाजपा की मदद नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर को सीधे तौर पर या फिर अप्रत्यक्ष तौर पर भाजपा की मदद नहीं करनी चाहिए।
हरीश रावत ने कहा कि अब तक कांग्रेस ने जो भी किया है, वह कैप्टन अमरिंदर सिंह के सम्मान और गरिमा को बचाने के लिए ही किया है। इसके अलावा 2022 के विधानसभा चुनावों में पार्टी जीत की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए फैसले लिए गए हैं। मैं फिर से कहना चाहता हूं कि अभी तक कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जो बातें कहीं हैं उनपर फिर से विचार करें और भाजपा जैसी किसान विरोधी हैं।
रावत ने आगे कहा कि, बीजेपी अमरिंदर सिंह को मुखौटे के रूप में इस्तेमाल करना चाहते हैं। वो भाजपा का मुखौटा न बनें। ये कैप्टन अमरिंदर सिंह की अग्नि परीक्षा है। कैप्टन को इस वक्त सोनिया गांधी के साथ खड़े होने का है। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि कांग्रेस ने अमरिंदर सिंह को दो बार सीएम बनाया, उनका बहुत सम्मान किया। रावत ने आगे कहा कि दो बार कॉल कर अमरिंदर को मनाने की कोशिश भी की गई थी।
'अमित शाह से मिलना कैप्टन अमरिंदर सिंह का मिलना ठीक नहीं है। अमरिंदर सिंह विरोधियों का मुखौटा बन रहे हैं। गृह मंत्री अमित शाह के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल से कैप्टन अमरिंदर सिंह की मुलाकात नए समीकरण पैदा कर रही है। बता दें कि कांग्रेस से खफा चल रहे पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह जल्द ही अपनी नई पार्टी का ऐलान कर सकते हैं। खबर है कि अगले 15 दिनों में कैप्टन कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि उनका मकसद तीन नए कृषि कानूनों को रद्द कराना होगा। खबर है कि कई कांग्रेसी नेता पूर्व सीएम के संपर्क में हैं।












Click it and Unblock the Notifications