भगवंत मान सरकार का ये फैसला बनेगा पंजाब में खनन माफिया के लिए 'काल'
पंजाब 2022 के राज्य विधानसभा चुनावों के दौरान अवैध रेत खनन प्रमुख मुद्दों में से एक था और आम आदमी पार्टी ने चुनाव प्रचार के दौरान इसे लेकर पिछली सरकार पर निशाना साधा था।

पंजाब सरकार ने खनन माफिया के खात्मे और उनपर लगाम कसने के लिए बड़ा कदम उठाते हए रेत और बजरी बेचने का फैसला किया है। पंजाब के खनन एवं भूविज्ञान मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि राज्य सरकार 19 दिसंबर को मोहाली में लोगों को रेत और बजरी बेचने के लिए अपना पहला बिक्री केंद्र खोलेगी। इस कदम से पंजाब वासियों को खनन माफिया से बहुत हद तक छुटकारा मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के बिक्री केंद्र राज्य के सभी जिलों में खोले जाएंगे।
मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने ट्वीट करते हुए कहा, ''पंजाब के लोगों के लिए भगवंत मान जी की सरकार द्वारा लोगों को एक बड़ी राहत दी जा रही है। पंजाब में हमारी सरकार पहली बार मोहाली में रेत और बजरी का बिक्री केंद्र खोलने जा रही है। खनन माफिया का अंत के लिए इस तरह के बिक्री केंद्र पंजाब के हर जिले में खोले जाएंगे।''
कैसे होगा सरकार के इस फैसले से जनता को फायदा
बता दें कि पंजाब में फिलहाल लोग खुले बाजार से बालू व बजरी खरीदते हैं। जिसकी वजह से खनन माफिया मनमाने तरीके से इसके दाम और अन्य चीजों को कंट्रोल करते हैं। पंजाब में इससे पहले खनन पर प्रतिबंध और राज्य की खनन नीति न बनने के चलते रेत और बजरी के दामों अचानक से बड़ा उछाल देखा गया था। जिसकी वजह से आम आदमी के लिए घर बनाना काफी महंगा पड़ रहा था। इसके अलावा कई सरकारी योजानाओं के निर्माण कार्य में रूक गए थे। लेकिन अब पंजाब की भगवंत मान सरकार ने राज्य में रेत माफिया पर लगाम लगाकर आम जनता को सस्ती दरों पर रेत और बजरी बेचने का फैसला कर लिया है। धीरे-धीरे पंजाब के हर जिले में रेत-बजरी बिक्री केंद्र खोलेज जाएंगे।
एक अधिकारी ने कहा कि निर्माण सामग्री सरकार द्वारा संचालित खनन स्थलों से मोहाली में स्थापित स्टॉकयार्ड में बिक्री के लिए लाई जाएगी। आप सरकार पहले राज्य में निर्माण सामग्री की उच्च दरों को लेकर विपक्ष के निशाने पर आ गई थी।
विपक्षी पार्टियों के लिए था ये बड़ा मुद्दा
पंजाब सरकार ने अगस्त में रेत और बजरी खनन नीति 2021 में संशोधन कर रेत की दर 9 रुपये प्रति क्यूबिक फीट और बजरी का अधिकतम खुदरा मूल्य 20 रुपये प्रति क्यूबिक फीट तय किया था, जिसमें परिवहन शुल्क शामिल नहीं था।
2022 के राज्य विधानसभा चुनावों के दौरान अवैध रेत खनन प्रमुख मुद्दों में से एक था और आम आदमी पार्टी ने चुनाव प्रचार के दौरान इसे लेकर पिछली सरकार पर निशाना साधा था।
वर्तमान में क्या है पंजाब में रेत और बजरी के दाम
फिलहाल पंजाब में 900 वर्ग फुट रेत के टिप्पर का दाम 40,000 रुपये तक पहुंच गया है, जो पहले 12,000 से 15,000 रुपये में मिल जाता था। इससे पहले कांग्रेस की सरकार में रेत के दाम 22 रुपये प्रति फुट था। लेकिन अब कीमत 22 रुपये से बढ़कर 36 रुपये हो गया गै। वहीं बजरी का दाम 20 से बढ़कर 27 रुपये प्रति फुट है। इन्ही सभी चीजों के दाम बढ़ने का सबसे ज्यादा असर निर्माणाधीन सरकारी प्रोजेक्टों पर हुआ है। इसकी वजह से लोकनिर्माण विभाग के तहत चल रहे कई निर्माण कार्य बंद पड़े हुए हैं। लेकिन अब सरकार के रेत और बजरी बेचने के फैसले से पंजाब वासियों ने राहत की सांस ली है, उन्हें अब उम्मीद है कि पंजाब में लोगों को सस्ती दरों पर रेत-बजरी मिलेगी।












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