Prakash Singh Badal profile: नहीं रहे अकाली दल वाले 'बादल', कभी पीएम मोदी को बताया था सिख
शिरोमणि अकाली दल प्रमुख प्रकाश सिंह बादल का मंगलवार की रात्रि 95 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके राजनीतिक करियर से जुड़ी जानें रोचक तथ्य।

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का मंगलवार को मोहाली में निधन हो गया। बादल पिछले कुछ दिनों से उम्र संबंधी बीमारियों के चलते अस्पताल में भर्ती थे। उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी जिसके कारण उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया था। मंगलवार की शाम हालत अधिक बिगड़ने के बाद 95 वर्षीय बादल कीमृत्यु हो गई। पंजाब और केंद्र की राजनीति में अकाली दल प्रमुख प्रकाश सिंह बादल हमेशा याद किए जाते रहेंगे।
पंजाब चुनाव 2020 में सबसे उम्रदराज उम्मीदवार थे 'बादल'
प्रकाश सिंह बादल 2022 में राज्य के चुनावों में देश में चुनावी मैदान में सबसे उम्रदराज उम्मीदवार थे। हालांकि बादल अपने जीवन का वो आखिरी चुनाव दिवंगत सांसद जगदेव सिंह खुदियान के बेटे गुरमीत सिंह खुदियान से हार गए थे। प्रकाश सिंह बादल का 13वां का वो विधानसभा चुनाव था।
पीएम मोदी को बादल ने कहा था इमरजेंसी का सिख
प्रकाश सिंह बादल ने 2019 में कहा था कि शिरोमणि अकाली दल और भाजपा का गहरा नाता रहा है। 2019 में जब पीएम मोदी दोबारा चुनाव जीतने के बाद प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने वाले थे तब बादल ने मोदी को इमरजेंसी का सिख कहा था।
इमरजेंसी में मोदी ने सिख के तौर पर काम किया था
ये बात 2019 की है जब अकाली शिरोमणि दल ने केंद्र में भाजपा सरकार का सपोर्ट किया था। बादल ने तब कहा था अकाली दल और भाजपा का गहरा नाता रहा है। उन्होंने कहा था नरेंद्र मोदी पंजाब के एक बार इंचार्ज रह चुके हैं। बादल ने तब बताया था कि इमरजेंसी में नरेंद्र मोदी ने एक सिख की तरह काम किया था। इसके साथ ही बादल ने पीमए मोदी के 2014 में बनाई गई सरकार के दौरान पांच सालों में देश के लिए किए गए काम की तारीफ की थी।
पीएम मोदी बादल का करते थे बहुत सम्मान
पीएम मोदी प्रकाश सिंह का बहुत सम्मान करते थे। पीएम मोदी कई बार बादल के पैर छूते भी कैमरे में कैद हो चुके हैं। 2020 में कृषि कानून का विरोध कर रहे किसानों के समर्थन में प्रकाश सिंह बादल और उनके अकाली दल ने एनडीए सरकार से नाराज होकर गठबंधन तोड़ दिया था इसके कुछ दिन बाद बादल का जन्म दिन पड़ा था तब पीएम मोदी ने बादल को फोन करके जन्मदिन की बधाई दी थी।
बादल ने जीवन का अंतिम पड़ाव गांव में बिताया
अपने जीवन का आखिरी चुनाव हारने के बाद वो उम्र के चलते सक्रिय राजनीति नहीं कर रहे थे लेकिन इसके बाद लंबा में अपना थैंक्सगिविंग दौरा शुरू किया था, लेकिन वह भी बीच में ही रद्द कर दिया गया था। अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में बादल गांव में अपने घर और हरियाणा के बालासर गांव में चंडीगढ़ फार्महाउस में समय बिताया।
बादल का परिवार
बादल के परिवार में उनके बेटे और अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल और बेटी परनीत कौर हैं, जिनकी शादी पूर्व कैबिनेट मंत्री आदिश प्रताप सिंह कैरों से हुई है।
प्रकाश सिंह बादल के नाम दर्ज हैं कई रिकॉर्ड
- 1952 में बादल अपने गांव में सरपंच चुने गए थे तब वो सबसे कम उम्र के सरपंच थे।1970 में राज्य के सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री बने।
- 2012 में सबसे उम्रदराज मुख्यमंत्री बने।
- 1970-71, 1977-80, 1997-2002, 2007-12 और 2012-17 विधानसभा चुनाव जीते
- एक बार लोकसभा के सदस्य बने रहे।
- एक छोटे से कार्यकाल के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाली












Click it and Unblock the Notifications