पंजाब: शिअद गठबंधन के घोषणा पत्र में क्या है अलग, मतदाताओं को लुभाने में कामयाब हो पाएगी अकाली और बसपा ?

पंजाब में मतदान के लिए सिर्फ़ तीन दिन ही बचा है, सभी सियासी दल अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर सियासी माइलेज लेने की कोशिश कर रही है।

चंडीगढ़, 17 फरवरी 2022। पंजाब में मतदान के लिए सिर्फ़ तीन दिन ही बचा है, सभी सियासी दल अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर सियासी माइलेज लेने की कोशिश कर रही है। इस कड़ी में शिरोमणि अकाली दल ने भी अपने घोषणा पत्र के ज़रिए मतदाताओं को अपने पाले में लाने की कोशिश की है। सभी दलों की तरह शिरोमणि अकाली दल ने भी सियासी वादों की झड़ी लगा दी है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि शिरोमणि अकाली दल के घोषणा पत्र को दूसरी पार्टी के एजेंडे से किस तरह अलग पेश किया गया है। इसका मतदाताओं पर कितना असर पड़ेगा और शिअद को कितना फ़ायदा पहुंचेगा इन सब मुद्दों पर सियासी एक्सपर्ट का क्या मानना है यह भी आपको बताएंगे।

शिअद-बसपा का संयुक्त घोषणा पत्र

शिअद-बसपा का संयुक्त घोषणा पत्र

पंजाब में विधानसभा चुनाव के जरिए सभी सियासी दल सत्ता हासिल करने के लिए चुनावी चाल चलने में व्यस्त हैं। वहीं शिरोमणि अकाली दल ने भी घोषणा पत्र जारी करते हुए किसानों को साधने की पुरज़ोर कोशिश की है। शिरोमणि अकाली दल और बहुजन समाज पार्टी गठबंधन ने संयुक्त घोषणापत्र जारी कर युवाओं मतदाताओं को भी लुभाने की कोशिश की है। पंजाब में बेरोज़गारी का मुद्दा अहम चुनावी मुद्दों में से एक है, इसलिए शिअद-बसपा गठबंधन के घोषणा पत्र में स्थानीय युवाओं को 75 फीसदी आरक्षण देने का वादा किया गया है। सुखबीर बादल ने ऐलान किया है कि अगर उनके पार्टी की गठबंधन सरकार सत्ता में आएगी तो युवाओं सरकारी और प्राइवेट सेक्टर की नौकरी में आरक्षण दिया जाएगा। वहीं घोषणा पत्र में किसानों को भी लुभाने की पूरी कोशिश की गई है क्योंकि किसानों का सबसे अहम मुद्दा न्यूनतम समर्थन मूल्य है। इसी नब्ज़ को टटोलते हुए शिअद-बसपा गठबंधन ने एमएसपी का दायरा बढ़ाने का वादा किया है। इसके साथ ही एमएसपी में फलों, सब्जियों और दूध को भी शामिल किया गया है।

मुफ़्त सुविधाओं की घोषणाओं पर ज़ोर

मुफ़्त सुविधाओं की घोषणाओं पर ज़ोर

शिअद-बसपा गठबंधन ने दूसरे दलों की मुफ़्त सुविधाओं की घोषणा को देखेत हुए पंजाब की जनता को मुफ़्त चीज़े देने का भी चुनावी वादा किया है। वहीं पंजाब के सभी घरों में प्रतिमाह चार सौ मुफ्त बिजली यूनिट देने का वादा किया है। दूसरे दलों ने मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की बात कही थी तो वहीं शिअद ने 10 लाख का सालाना स्वास्थ्य बीमा देने का वादा कर डाला। पंजाब की हर महिला को रुपये देने का विभिन्न दलों ने अलग-अलग पैमाना रखा था। शिअद गठबंधन भी इसमे पीछे नही रही है, अकाली दल ने भी अपने संयुक्त घोषणा पत्र में गरीबी रेखा से नीचे हर परिवार के महिला प्रमुख को दो हज़ार रुपये प्रतिमाह देने की बात की है। इसके साथ ही जिनके पास ज़मीन नहीं है उन्हें पांच मरला ज़मीन देने का वादा किया है।

'सभी सियासी दलों के मुद्दे एक समान'

'सभी सियासी दलों के मुद्दे एक समान'

शिअद-बसपा गगठबंधन के संयुक्त घोषणा पत्र में बुज़ुर्गों को भी सौगात देने की बात कही गई है। घोषणा पत्र में वृद्धा पेंशन को पंद्रह सौ रुपये से बढ़ाकर 31 सौ रुपये देने का वादा किया गया है। इसके साथ ही शगुन राशि योजना को 75 हज़ार रुपये करने की घोषणा की गई है। आपको बता दें कि अभी पंजाब सरकार की तरफ़ से 15 हज़ार रुपये शगुन योजना के तहत अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग की महिलाओं की शादी के लिए दी जाती है। इसके साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और सामाजिक कल्याण सहित कई और क्षेत्रों के लिए छूट की भी घोषणा की गई। घोषणा पत्र जारी करने के दौरान शिअद-बसपा गठबंधन के नेताओं कहा कि जल,स्थानीय मुद्दे, सियासी और मज़हबी मामलों में पंजाब के लिए इंसाफ़ दिलाने के लिए जद्दोजहद जारी रहेगी। सियासी जानकारों की मानें तो लगभग सभी सियासी दलों के मुद्दे समान हैं। इसलिए मतदाताओं घोषणा पत्र से ज़्यादा प्रत्याशियों और सियासी पार्टियों द्वारा किए गए कामों पर मतदान करेंगे।


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