Lumpy Virus: गांठदार त्‍वचा रोग से कोहराम, पंजाब के एक ही जिले में एक हजार से ज्‍यादा पशुओं ने दम तोड़ा

बठिंडा। दुधारू पशुओं को हो रहे गांठदार त्‍वचा रोग (लम्पी स्किन डिजीज) ने कई राज्‍यों में कोहराम मचाया हुआ है। यह रोग अकेले पंजाब में ही हजारों पशुओं को लील चुका है। पशुपालन व स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के कई प्रयासों के बावजूद रोग का प्रकोप फैलता ही जा रहा है। पशुओं को बीमारी से बचाने के लिए सूबे में विभिन्न समाजसेवी संगठनों की ओर से भी अभियान चलाए जा रहे हैं। हालांकि, फिर भी यह वायरल बीमारी काबू में नहीं आ पाई है।

हजारों पशु काल के गाल समा गए

हजारों पशु काल के गाल समा गए

बठिंडा जिले की बात की जाए तो यहां गांठदार त्‍वचा रोग (लम्पी स्किन डिजीज) से 1295 पशु दम तोड़ चुके हैं। इसके अलावा हजारों पशु चपेट में हैं और मौत से जूझ रहे हैं। 'जागो ग्राहक जागो' के सचिव संजीव गोयल ने कहा कि, इस बारे में हमने आर.टी.आई. एक्ट के तहत सरकार से जरूरी सूचना हासिल की। पता चला कि, गांठदार त्‍वचा रोग (लम्पी स्किन डिजीज) ने आए रोज इस एक जिले में ही औसतन 43 दुधारू पशुओं की जान ली है। इस सबके बीच एक बड़ी लापरवाही यह रही कि, बीमारी से पीड़ित पशुओं के उपचार के लिए नगर निगम की ओर से कोई कदम उठाया गया और न ही कोई बजट जारी हुआ। हालांकि, सरकार द्वारा वैक्‍सीनेशन कराया जा रहा है।

पशु तडप-तडपकर मर रहे हैं

पशु तडप-तडपकर मर रहे हैं

पशुचिकित्‍सकों ने कहा कि, गांठदार त्‍वचा रोग (लम्पी स्किन डिजीज) एक वायरल बीमारी है, इसलिए इसे लम्पी वायरस भी कहा जा रहा है। इसका संक्रमण पशुओं में बहुत तेजी से फैल रहा है। अकेले बठिंडा में इस वायरस से पिछले एक माह के दौरान 1295 पशुओं की मौत हुई है। विभिन्न समाजसेवी संगठनों की ओर से पशुओं को बीमारी से बचाने के लिए अभियान चलाए गए, लेकिन गौ-सैस के रूप में करोड़ों रुपए जुटाए जाने का कोई सुखद असर नहीं पड़ा। पशुपालक भयभीत हैं। जिनके पशु तडप-तडपकर मरे, वे आंसू बहा रहे हैं।

दूध उत्‍पादन तेजी से गिर रहा

दूध उत्‍पादन तेजी से गिर रहा

लोगों का कहना है कि, नगर निगम की ओर से गौ-सैस के नाम पर हर साल करोड़ों रुपए एकत्र किए जाते हैं। इनमें से कुछ पैसा अलग-अलग गौशालाओं में छोड़े गए पशुओं की डाइट मनी के तौर पर दिया जाता है। उसके अलावा भी नगर निगम के पास बड़ी राशि बकाया होती है, जिसे गऊओं के उपचार व संभाल के लिए प्रयोग किया जा सकता है। मगर, नगर निगम मानो अब मौन है, उसकी ओर केवल मृत पशुओं के शव उठवाए जा रहे हैं। बचाने के प्रयास नहीं किए जा रहे।'

शवों को उठवा रहा नगर निगम

शवों को उठवा रहा नगर निगम

जानकारी के मुताबिक, जो पशु दम तोड़ देते हैं, उन्‍हें उठवाने के लिए बठिंडा नगर निगम की ओर से 3 जेसीबी, 3 ट्रैक्टर-ट्रालियों व स्टाफ का प्रबंध किया गया है। साथ ही एक ठेकेदार की ओर से छोटा कैंटर, ड्राइवर, 3 हैल्पर आदि मारे गए पशुओं के शव उठाने के लिए रखे गए हैं। पशुपालक इससे काफी हताश हो चुके हैं। वहीं, दूध का उत्‍पादन तेजी से कम हो रहा है।

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