पराली जलाने के मामलों के बीच पंजाब की असली तस्वीर, आंकड़ों से समझिए पूरी हकीकत

चंडीगढ़: पराली जलाने के मामलों को लेकर हरियाणा से लेकर केंद्र सरकार पंजाब पर एक बाद एक आरोप लगा रही है, लेकिन जब आंकड़ों की बात होगी तो सूबे की मान सरकार ने इस बार पराली जलाने के मामलों को पिछले साल की तुलना में कंट्रोल करने का काम किया है। आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल 15 सितंबर से 11 नवंबर की तुलना में इस साल की अवधि में 27 प्रतिशत कम पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गई है।

bhagwant mann

राज्य सरकार ने कहा कि पिछले साल की तुलना में ऐसे मामलों में लगभग 30 प्रतिशत की कमी आई है। लुधियाना स्थित पंजाब रिमोट सेंसिंग सेंटर के आंकड़ों के अनुसार, ताजा वृद्धि के साथ 15 सितंबर से 11 नवंबर के बीच दर्ज की गई आग की कुल घटनाओं की संख्या बढ़कर 40,677 हो गई। आंकड़ों के मुताबिक पिछले वर्ष की इसी अवधि में फसल जलाने की 55,573 घटनाओं की तुलना में यह 27 प्रतिशत कम है।
2020 में इसी अवधि के दौरान 69,333 ऐसी घटनाओं दर्ज की गई थी। पंजाब में 11 नवंबर को क्रमशः 2020 और 2021 में 2,971 और 4,156 घटनाओं को देखा था।

कई मौकों पर पंजाब के सीएम भगवंत मान ने दोहराया है कि पराली की समस्या पंजाब ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर भारत की समस्या है। इसलिए केंद्र सरकार को सभी प्रभावित राज्यों की तरफ से इस मामले के साझा हल के लिए दखल देना चाहिए। मान सरकार ने पराली के उचित प्रबंधन के लिए 1.20 लाख मशीनें भी मुहैया करवाई है। इसी के साथ एक्शन मोड में आते हुए 4 अधिकारियों को भी सस्पेंड किया गया था।

पंजाब सरकार ने उठाएं रोकथाम के लिए कई कदम

  • पराली की समस्या पर अंकुश लगाने के लिए मान सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब पंजाब की पराली केरल ट्रेन से भेजी जाएगी, जिसको वहां के दुधारू पशु खाएंगे। जिससे केरल को भी फायदा होगा।
  • इसके अलावा राज्य सरकार ने ईंटों के भट्ठों में ईंधन के लिए पराली का इस्तेमाल करना भी जरूरी कर दिया है। जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक ईंट भट्ठों में 20 प्रतिशत तक पराली का इस्तेमाल ईंधन के रूप में किया जाएगा। इसके लिए भट्ठों को 6 महीने का समय भी दिया गया है।
  • इसी के साथ किसा पराली ने जलाएं इसलिए किसानों को जागरुक करने के लिए बड़े स्तर पर मान सरकार ने मुहिम भी चलाई है।

आखिर क्यों नहीं लग पा रही पराली की समस्या पर लगाम?

दरअसल, पराली के प्रबंधन के लिए सरकार ने मशीनों से लेकर किसानों के सम्मान तक सभी तरह की योजनाओं को लागू किया हुआ है, लेकिन पंजाब के किसान अभी भी इसे जला रहे हैं। इसके पीछे की वजह किसानों के लिए खेत को साफ करने के एक त्वरित, सस्ते तरीके के रूप में पराली को आग लगाना आसान होता है। बाकि के अन्य तरीकों में खर्चा होता है। हालांकि आम आदमी पार्टी ने किसानों को पराली के प्रबंधन के लिए प्रति एकड़ 2,500 रुपये का वित्तीय प्रोत्साहन देने का सुझाव दिया था। यह प्रस्ताव था कि दिल्ली सरकार और पंजाब सरकार को प्रत्येक को 500 रुपये और केंद्र सरकार को 1,500 रुपये का योगदान देना होगा। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने पहले कहा था कि केंद्र सरकार यह राशि देने के लिए तैयार नहीं है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+