37वें राष्ट्रीय खेलों में 'गतका' को मिली जगह, NGAI प्रमोटर हरजीत बोले- अब मिलेगा बढ़ावा
'गतका' पारंपरिक खेल को देश भर में अब पूरी तरह से पहचान मिलेगी। इस साल अक्टूबर में गोवा में होने वाले 37वें राष्ट्रीय खेलों-2023 में आधिकारिक तौर पर इस खेल को शामिल किया है।

'गतका' (सिखों की पारंपरिक युद्धक कला) के पारंपरिक खेल को देश भर में महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने इस साल अक्टूबर में गोवा में होने वाले 37वें राष्ट्रीय खेलों-2023 में आधिकारिक तौर पर इस खेल को शामिल किया है।
नेशनल गतका एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनजीएआई) के अध्यक्ष और राज्य पुरस्कार विजेता हरजीत सिंह ग्रेवाल ने यह जानकारी दी। गतका के प्रमोटर हरजीत सिंह ग्रेवाल ने कहा कि एनजीएआई 22 राज्यों में अपने संबद्ध राज्य गतका संघों के माध्यम से इस खेल को बढ़ावा दे रहा है। लेकिन, अब राष्ट्रीय खेलों में शामिल होते ही निश्चित रूप से देश भर में गतका के समग्र विकास में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
तैयारियां जोरों पर जारी
ग्रेवाल ने बताया कि राष्ट्रीय खेलों में भाग लेने के लिए अभी से तैयारियां चल रही हैं। इस संबंध में एनजीएआई सभी राज्यों में अपनी संबद्ध राज्य इकाइयों के साथ बैठक कर रहा है। ग्रेवाल ने आईओए अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य डॉ. पीटी उषा, गेम्स टेक्निकल कंडक्ट कमेटी (जीटीसीसी) के अध्यक्ष अमिताभ शर्मा, सदस्य भूपिनर सिंह बाजवा और अन्य सदस्यों को मार्शल आर्ट गतका को पहली बार राष्ट्रीय खेलों में शामिल करने के लिए आभार व्यक्त किया।
'पूरी हुई लंबे समय से अधूरी इच्छा'
इस घोषणा के लिए आईओए और जीटीसीसी का आभार व्यक्त करते हुए ग्रेवाल ने कहा कि हम लंबे समय से इस खेल को आईओए द्वारा उचित पहचान दिलाने की मांग कर रहे थे। आपको बता दें कि हाल ही में, इस खेल को स्वीकार करने और इसे आगामी राष्ट्रीय खेलों में शामिल करने के लिए नई दिल्ली में IOA और GTCC के पदाधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक हुई थी।












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