किसान संगठन बना रहे 'बैक चैनल टॉक' की रणनीति, इधर हटाए जा रहे बॉर्डर से बैरिकेडिंग, जानिए पूरा मामला

तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठन काफ़ी लंबे अरसे केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। ज़्यादातर सियासी दल किसान आंदोलन को चुनावी मुद्दा बनाते हुए ख़त्म करने की कोशिश कर रही है।

चंडीगढ़, अक्टूबर 29, 2021। तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठन काफ़ी लंबे अरसे केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। ज़्यादातर सियासी दल किसान आंदोलन को चुनावी मुद्दा बनाते हुए ख़त्म करने की कोशिश कर रही है। वहीं केद्र सरकार भी अब किसान आंदोलन का हल निकाल कर मामले को शांत करवाने की कोशिश में लगी हुई है। इसी कड़ी में सूत्रों के हवाले से यह भी ख़बर सामने आ रही है कि पंजाब चुनावों से ठीक पहले किसान आंदोलन को खत्म किया जा सकता है। आंदोलन को ख़त्म करने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा के 40 में से पंजाब के 32 यूनियन बैक चैनल टॉक शुरू करने जा रही है।

किसान यूनियन तैयार कर रही रणनीति

किसान यूनियन तैयार कर रही रणनीति

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी किसान आंदोलन का हल निकाल कर सियासी माइलेज लेने की लगातार कोशिश कर रहे हैं। अगर कैप्टन अमरिंदर सिंह की पहल से किसान आंदोलन ख़त्म हो गया तो इसका पूरा श्रेय कैप्टन को जाएगा। इसलिए पूरे आंदोलन का क्रेडिट किसान यूनियन खुद लेना चाहती है। इस बाबत ही किसान यूनियन रणनीति तैयार कर बैक चैनल टॉक शुरू करने जा रही है। किसान आंदोलन के बड़े समर्थन वाले यूनियन भी चाह रहे हैं कि जल्द आंदोलन खत्म हो। क्योंकि साल भर से दिल्ली के अलग-अलग बॉर्डर पर बैठे किसान यूनियन के पास अब संसाधनों की कमी हो रही है और किसान संगठनों के पास अपने समर्थकों को मोटिवेट करने के उपाय भी नहीं सूझ रहे हैं।

बॉर्डर से हटाए जा रहे बैरिकेडिंग

बॉर्डर से हटाए जा रहे बैरिकेडिंग

किसान संगठन बैक चैनल टॉक शुरू करनी की बात कर रहे हैं और इधर केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के ख़िलाफ़ बॉर्डरों पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के चलते बंद पड़े रास्तों को दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट से मिले ऑर्डर का हवाला देते हुए बहाल कर दिया है। गुरुवार को टीकरी बॉर्डर का एक रास्ता खोला गया। आज दिल्ली पुलिस गाजीपुर बॉर्डर पर लगे बैरिकेडिंग हटा रही है। किसान आंदोलन के चलते करीब 11 महीने से बंद दिल्ली से मेरठ वाली लाइन और एनएच-9 की लेन को दिल्ली पुलिस खोल दिया है। दिल्ली-मेरठ वाली लेन से पुलिसकर्मियों के लिए बनाई गई टीन शेड को भी हटाया जा रहा है। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।

बॉर्डर पर बैठकों का दौर जारी

बॉर्डर पर बैठकों का दौर जारी

टिकरी बॉर्डर पर पुलिस और किसान नेताओं का बैठकों का दौर जारी है। बताया जा रहा है कि अगर किसान सहमत हो जाते हैं तो टिकरी बॉर्डर को भी खोल दिया जाएगा। दूसरी तरफ सिंघु बॉर्डर पर बैरिकेड को हटाने का लेकर कोई हलचल नहीं दिखाई दे रही है। दिल्ली पुलिस ने बैरिकेड नहीं हटाया है लेकिन अन्य सामानो को हटाया जा रहा है। रोहतक रोड पर कई जगह लगाए गए बैरिकेड को भी हटाना शुरू कर दिया है। सिर्फ आखिरी वाले बैरिकेड्स लगे हुए हैं। पुलिस अधिकारी की माने तो किसान नेताओं से प्रदर्शन स्थल से रास्ता देने की बात की जा रही है। अगर वह रास्ता देने के लिए तैयार हो जाते हैं तो आज शाम तक रोहतक रोड भी खोल दिया जाएगा।

27 नवंबर 2020 को शुरू हुआ था आंदोलन

27 नवंबर 2020 को शुरू हुआ था आंदोलन

आपको बता दें कि 27 नवंबर 2020 को किसान आंदोलन शुरू होने के बाद 1 दिसंबर से किसानों ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर मंच लगाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने लोहे की बैरिकेडिंग लगाकर रास्ता बंद कर दिया था। 26 जनवरी को लाल किले की घटना होने के बाद दिल्ली पुलिस की तरफ से 30 जनवरी को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे, यूपी गेट से गाजीपुर सर्विस लेन होते हुए दिल्ली जाने वाली लाइन पर सीमेंटेड बैरियर लगाकर रास्ते को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था।


ये भी पढ़ें: पंजाब: AAP के मुद्दे को CM चन्नी पहना रहे अमलीजामा, केजरीवाल ने तंज़ कसते हुए कही ये बात

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+