केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ चंडीगढ़ में भी छिड़ी जंग, टिकैत के साथ-साथ बाबा लाभ सिंह ने भी बुलंद की आवाज़
कृषि कानूनों की वापसी के मुद्दे पर आंदोलन कर रहे बाबा लाभ सिंह ने वन इंडिया हिंदी से बात की, उन्होंने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार किसानों के दर्द को नहीं समझ पा रही है। मोदी सरकार को किसानों के आगे झुकना पड़ेगा।
चंडीगढ़, अगस्त 16, 2021। किसानों का केंद्र के सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन जारी है। केन्द्र के कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में कई राजनीतिक पार्टियां विरोध प्रदर्शन कर रही हैं तो कई राजनेता ट्वीट पर ट्वीट के ज़रिए किसानों के आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। किसानों के समर्थन में कृषि कानूनों की वापसी के लिए बाबा लाभ सिंह का नाम सुर्खियों में है।
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बाबा लाभ सिंह ने छेड़ी जंग
कृषि कानूनों की वापसी के मुद्दे पर आंदोलन कर रहे बाबा लाभ सिंह ने वन इंडिया हिंदी से बात की, उन्होंने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार किसानों के दर्द को नहीं समझ पा रही है। मोदी सरकार को किसानों के आगे झुकना पड़ेगा और काले कृषि कानूनों का वापस लेना पड़ेगा। किसानों के खेत जाएंगे तो हम उसे बचाने के लिए अपनी जान की भी बाज़ी लगा देंगे। हम लोग आराम से नहीं बैठने वाले हैं। किसान आंदोलन को समर्थन कर रहे बाबा लाभ सिंह ने कहा कि मोदी सरकार को कृषि कानून वापस लेना पड़ेगा। हम हिंदुस्तान के इतिहास में इस आंदोलन को दर्ज करवाएंगे।
'मोदी सरकार को होगा काफ़ी नुकसान'
आगामी विधानसभा चुनाव में इस आंदोलन का क्या प्रभाव पड़ेगा, इस सवाल पर बाबा लाभ सिंह ने कहा कि इस आंदोलन से भारतीय जनता पार्टी को काफ़ी नुकसान होगा। उन्होंने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अंग्रेज जिस तरह फूट डालो शासन करो की राजनीति करते थे, उसी तरह मोदी भी फूट डालो और शासन करो की राजनीति कर रहा है। इससे पहले भी देश के कई प्रधानमंत्री हुए हैं लेकिन किसी ने भी इस तरह देश को बर्बाद नहीं किया जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी कर रही है।
'हिंदुस्तान में अब काले अंग्रेज़ हैं'
भारतीय आर्थिक पार्टी को किसानों के सपोर्ट के सवाल पर बाबा लाभ सिंह ने कहा कि किसानों की इज़्ज़त का सवाल है अगर किसान भाइयों को को लगेगा की भारतीय आर्थिक पार्टी को वोट देना चाहिए तो दिया जाएगा लेकिन अभी भारतीय आर्थिक पार्टी को किसानों के सपोर्ट पर मैं कुछ कहना नहीं चाहुंगा। हम लोगों का आंदोलन कृषि कानूनों का वापस करवाने के लिए है। हमारा बच्चा-बच्चा किसान आंदोलन के साथ है। केन्द्र सरकार को अपने किए गए फ़ैसले को वापस करना होगा। पहले गोरे अंग्रेज़ हिंदुस्तान में रहते थे अब काले अंग्रेज हिंदुस्तान में हैं।
'कृषि कानून वापस होने तक जारी रहेगा आंदोलन'
बाबा लाभ सिंह ने कहा कि कृषि कानून जब तक वापस नहीं होता है तब तक वह मटका चौक पर धरना प्रदर्शन करते रहेंगे चाहे उनकी जान ही क्यों ना चली जाए। हिंदुस्तान में अमन और चैन पहले की तरह होगा। उन्होंने कहा हम लोगों को चुनाव लड़ने का शौक नहीं है अपने खेत बचाने का शौक है। जहां से हम लोगों को खाने के लिए रोटी मिलता है। कोई भी इंसान बिना किसी वजह के आंदोलन नहीं करता है, जब जान पर बन आती है तो हाथ-पैर मारना पड़ता ही है। यह आंदोलन एक जंग का ऐलान है, यह धर्म की जंग है।
कई महीनों से मटका चौक पर डटे हैं बाबा लाभ सिंह
आपको बता दें कि बाबा लाभ सिंह करीब 6 महीनों से किसानों के समर्थन में कृषि कानूनों की वापसी के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। वह बीते मार्च से मटका चौक पर एक टेंट लगाकर केंद्र सरकार से कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर डटे हुए हैं। बाबा लाभ सिंह से राजनेताओं के मिलने सिसिला जारी है। कुछ दिन पहले शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल भी बाबा लाभ सिंह से मिलने पहुंचे थे। आपको बता दें कि बाबा लाभ सिंह की उम्र 70 साल है और वह मूल रूप से करनाल के रहने वाले हैं।
चर्चा का विषय बना मटका चौक
बाबा लाभ सिंह के टेंट लगाकर प्रदर्शन करने से मटकाचौक भी चर्चा का विषय बना हुआ है। किसान आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ता बाबा के खाने-पीने का ध्यान रख रहे हैं। लाभ सिंह दिनभर टेंट में रहते हैं, मौसम खराब होने पर पास के ही अंडरपास के नीचे चले जाते हैं। पुलिस की तमाम कोशिशों के बाद भी बाबा लाभ सिंह कई महीनों से मटका चौक पर डटे हुए हैं उन्हें कोई वहां से हटा नहीं पाया है।












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