पंजाब पुलिस ने अमरनाथ यात्रा के लिए पठानकोट में सुरक्षा बढ़ाई, किए गए हैं इंतजाम
पंजाब पुलिस ने अमरनाथ यात्रा और हाल ही में घुसपैठ की कोशिशों के चलते पठानकोट और उसके आस-पास के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पुलिस को तीर्थयात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विशेष पुलिस महानिदेशक (स्पेशल डीजीपी) कानून एवं व्यवस्था अर्पित शुक्ला ने बुधवार को सुरक्षा उपायों की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की।

पठानकोट में आयोजित इस बैठक में पंजाब पुलिस, जम्मू-कश्मीर पुलिस, हिमाचल प्रदेश पुलिस, भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इस बैठक में पुलिस की तैनाती, यातायात प्रबंधन, आपदा प्रबंधन और कोट भट्टियां गांव और बामियाल में हाल ही में हथियारबंद संदिग्धों की मौजूदगी जैसे विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
सुरक्षा के किए गए हैं कड़े इंतजाम
विशेष डीजीपी अर्पित शुक्ला ने बताया कि पंजाब पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है और एसओजी यूनिट, स्नाइपर डिटेचमेंट, बम निरोधक दस्ते और कमांडो यूनिट के साथ 550 जवान तैनात किए गए हैं। आठ सेकेंड लाइन डिफेंस चेकपॉइंट स्थापित किए गए हैं। बेहतर प्रबंधन के लिए यात्रा के मार्ग को पांच सेक्टरों में बांटा गया है।
मार्ग पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की चार कंपनियां तैनात की गई हैं। लंगर स्थलों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था में कैमरे, बुलेटप्रूफ मोर्चा और एसओजी की तैनाती शामिल है। अधिकारियों को सभी सेक्टरों में उचित पार्किंग व्यवस्था और रणनीतिक बल की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
एजेंसियों के बीच समन्वय
अधिकारियों, सुरक्षा एजेंसियों और नागरिक प्रशासन के बीच घनिष्ठ समन्वय पर जोर देना महत्वपूर्ण है। विशेष डीजीपी शुक्ला ने बताया ड्रोन निगरानी प्रणाली असामाजिक तत्वों पर नज़र रखेगी जबकि बीएसएफ और पठानकोट पुलिस द्वारा संचालित संयुक्त चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं।
किसी भी खतरे को रोकने के लिए नियमित रूप से घेराबंदी और तलाशी अभियान (CASO) और सुरंग-रोधी अभियान चलाए जा रहे हैं। प्रत्येक सेक्टर में ट्रॉमा सेंटर, एम्बुलेंस सेवाएं, टो वाहन और हाइड्रा पहले से ही मौजूद हैं। इससे यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहना सुनिश्चित होता है।
श्री अमरनाथ यात्रा में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए अंतर्राष्ट्रीय सीमा को सुरक्षित रखने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। विभिन्न एजेंसियों के संयुक्त प्रयासों का उद्देश्य शांतिपूर्ण तीर्थयात्रा अनुभव प्रदान करना है।












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