पंजाब: चुनाव आयोग के आदेशों की उड़ी धज्जियां, शाम 6 बजे के बाद भी खुले ठेके, बांटी गई शराब
पंजाब के सभी 117 विधानसभा सीटों पर रविवार (20 फरवरी) को सुबह आठ बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
चंडीगढ़, 18 फरवरी 2022। पंजाब के सभी 117 विधानसभा सीटों पर रविवार (20 फरवरी) को सुबह आठ बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसी कड़ी में आज चुनाव प्रचार का शोर थम गया लेकिन चुनाव आयोग के आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गई। मतदान से ठीक 48 घंटे पहले चंडीगढ़ से लाकर पंजाब के विभिन्न ज़िलों में अवैध शराब का वितरण किया गया। आपको बता दें कि रविवार को पूरे पंजाब में सुबह आठ बजे से लेकर शाम छह बजे चुक मतदान होंगे। चुनाव आयोग के आदेशों के बाद पंजाब के विभिन्न ज़िलों में शाम छह बजे के बाद भी शराब के ठेके खुलते नज़र आए।

आदेश के बावजूद बंद नहीं हुए शराब के ठेके
पंजाब में शांतिपूर्ण तरीक़े से मतदान संपन्न कराने के मक़सद से चुनाव आयोग ने शुक्रवार शाम छह बजे से रविवार शाम छह बजे तक शराब के ठेके बंद करने के आदेश दिए गए थे। लेकिन चुनाव आयोग के दिशा निर्देशों के बावजूद एक्साइज़ विभाग के अधिकारी शराब के ठेक बंद नहीं करवा पाए। वहीं मीडिया में ख़बर आने के बाद आनन फ़ानन में शराब के ठेके बंद होने शुरू हुए। सूत्रों की मानें तो शराब वितरण के लिए संबंधित अधिकारियों को पैसे पहुंचा दिए गए थे इस वजह से चुनाव आयोग के आदेशों के बाद भी ठेके बंद नहीं कराए गए थे। वहीं शराब लेने वालों के लिए 5, 10, 20 और 50 रुपये का नोट पास कोड दिया गया था। जिसके ज़रिए ठेकों से नोट की कीमत के मुताबिक शराब के ब्रांड तय कर संबंधित व्यक्ति को शराब की सप्लाई करवाई गई।
चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवालिया निशान
पंजाब में अवैध शराब वितरण के काम को पूरी प्लानिंग के साथ अंजाम दिया गया, यहा तक की अगर एक ज़िले में शराब कम पड़ गई तो दूसरे ज़िले से शराब लाकर वितरित किया गया। ग़ौरतलब है कि इतने बड़े तरीक़े से अवैध शराब वितरण के बावजूद एक्साइज़ विभाग के अधिकारियों के हाथ एक भी तस्कर नहीं लगे। मीडिया में मामला उजागर होने के बावजूद भी कोई ठोस कार्वाई नहीं की गईष जबकि एक ज़िले से दूसरे ज़िले में शराब की सप्लाई होती रही और तय समय अवधि में शराब के ठेके भी बंद नहीं करवाए जा सके। आपको बता दें कि पंजाब चुनाव में सभी सियासी दलों के लिए चुनावी मुद्दों में नशे का मुद्दा भी एक है लेतकिन इसके बावजूद किसी भी सियासी दलों के नेता ने इस मामले में कोई आवाज बुलंद नहीं की। मतदान से ठीक 48 घंटे पहले इस तरह शराब वितरण का मामला चुनाव आयोग के आदर्श चुनाव के दावों पर कई सवालिया निशान लगा रहा है।
ये भी पढ़ें : पंजाब: मतदान से दो दिन पहले कांग्रेस ने क्यों किया अपने दिग्गज नेता को निष्कासित ? जानिए वजह












Click it and Unblock the Notifications