पंजाब: DA बढ़ाने के बावजूद भी कर्मचारी कर रहे सरकार का विरोध, जानिए क्या है पूरा मामला
पंजाब सरकार ने राज्य सरकार के कर्मचारियों को दिवाली का तोहफ़ा देते हुए महंगाई भत्ते में 11 फीसदी की बढ़ोतरी की घोषणा की है।
चंडीगढ़, 3 नवम्बर, 2021। पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी सभी वर्गों को साधने की कोशिश में लगे हुए हैं। इसी कड़ी में हाल ही में उनकी अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक हुई थी जिसमें महंगाई भत्ता को 17 से बढ़ाकर 28 प्रतिशत करने का फ़ैसला लिया गया। पंजाब सरकार ने राज्य सरकार के कर्मचारियों को दिवाली का तोहफ़ा देते हुए महंगाई भत्ते में 11 फीसदी की बढ़ोतरी की घोषणा की है। सरकार ने अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को मौजूदा 17 प्रतिशत से बढ़ाकर मूल वेतन का 28 प्रतिशत कर दिया। सरकार के इस फ़ैसले सरकारी खजाने पर हर महीने 440 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। एक तरफ़ सरकार ने राज्य कर्मचारियों को सौगात दी है, वहीं यूटी मुलाजिम और पेंशनर सांझा फ्रंट समेत कई संगठन सरकार के खिलाफ़ अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।

सरकार के खिलाफ़ प्रदर्शन
संगरूर में पंजाब यूटी मुलाजिम और पेंशनर सांझा फ्रंट के पेंशनर और मुलाजिमों ने जिला प्रबंधकीय परिसर से लाल बत्ती चौक तक रोष रैली की। रोष रैली के दौरान सभी मुलाजिमों ने डीसी दफ्तर के पास पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी भड़ास निकाली। मुलाज़िम संगठनों ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा 11 प्रतिशत महंगाई भत्ते की किश्त जुलाई से लागू करने का एलान करने के बाद वित्तीय विभाग द्वारा जारी नोटिफिकेशन में डीए की किश्त नवंबर में वेतन के साथ देने के आदेश जारी कर दिए हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार मुलाजिमों से धोखा कर रही है। नेताओं ने कहा कि पंजाब सरकार ने डीए की किश्तें, चार माह का बकाया देने से भी किनारा कर लिया है। मुलाजिमों ने चेतावनी देते कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को जल्द से जल्द पूरा न किया तो आगामी समय में संघर्ष को और तेज़ किया जाएगा।

'5 साल से पे कमिशन का बकाया नहीं दिया गया'
तरनतारन वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल की मुलाज़िम विरोधी नीतियों से तंग आकर मुलाजिमों ने स्थानीय पावरकाम के सर्कल कार्यालय के बाहर पंजाब एंड यूटी मुलाजिम व पेंशनर साझा फ्रंट के न्यौते पर बड़ी तादाद में इकट्ठे होकर वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल की अर्थी फूंककर रोष प्रदर्शन किया। इसके साथ ही पंजाब सरकार के खिलाफ़ जमकर नारेबाजी भी की। इस मौके पर रोष प्रदर्शन की अगुआई करते मुलाजिमों ने कहा कि पेंशनरों से धक्केशाही की जा रही है और कच्चे मुलाजिमों से अन्याय किया जा रहा है। पे कमिशन का पांच वर्ष का बकाया नहीं दिया गया और आशा वर्करों, मिड डे मील और आंगनबाड़ी वर्करों को मान भत्ता भी नहीं दिया जा रहा। आउटसोर्सिंग कर्मियों का भविष्य अंधेरे में रखकर मनप्रीत सिंह बादल कारपोरेट घरानों को लाभ पहुंचा रहे हैं।

'सरकार अपने वादे पूरे नहीं कर रही है'
मुलाज़िम संगठन ने कहा कि पंजाब में इस समय सिर्फ पौने तीन लाख मुलाजिम रह गए है। जबकि पहले सात लाख मुलाजिम थे। जिसके चलते बेरोजगारी आसमान छू रही है और घर-घर नौकरी देने का वादा सरकार ने भुला दिया है। इस मौके बलकार वल्टोहा, नरिदर बेदी, पूरन दास, कुलविदर सिंह बागडिय़ा, तारा सिंह खैहरा, बलदेव सिंह रसूलपुर, मेजर सिंह मलिया आदि ने संबोधन करते कहा कि अगर समस्याओं का हल न निकाला तो खजाना मंत्री की मुलाजिम विरोधी नीति खिलाफ मांगों को मनवाने लिए बठिडा में प्रदर्शन किया जाएगा।
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