पंजाब: क्या सिद्धू के इशारे पर काम कर रहे हैं पंजाब कांग्रेस कार्यकर्ता ? जानिए क्या है पूरा मामला ?
पंजाब की गलियोरों में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि ज़्यादातर मामलों में कार्यकर्ता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के फ़ैसले का सम्मान करते हुए काम करते हैं। लेकिन कार्यकर्ता अपने ही नेता के खिलाफ नारेबाज़ी कर रहे हैं।
चंडीगढ़, 26 नवम्बर, 2021। पंजाब विधानसभा चुनाव के दिन जैसे-जैसे क़रीब आ रहे हैं वैसे-वैसे सभी सियासी पार्टियां चुनावी तैयारियां में जुट गई हैं। लेकिन पंजाब कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपने ही सरकार पर निशाना साधने से नहीं चूक रहे हैं। वहीं अब पंजाब कांग्रेस के कार्यकर्ता भी पार्टी बाग़ी तेवर अपनाना शुरू कर चुके हैं। पंजाब की गलियारों में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि ज़्यादातर मामलों में कार्यकर्ता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के फ़ैसले का सम्मान करते हुए काम करते हैं। लेकिन अब पार्टी के कार्यकर्ता अपने ही नेता के खिलाफ नारेबाज़ी कर रहे हैं। कार्यकर्ता कभी भी बिना किसी की शह पर पार्टी से बग़ावत नहीं करते हैं लेकिन जिस तरह से कार्यकर्ताओं ने बग़ावती तेवर दिखाए हैं, इससे यही लगता है कि उन्हें किसा आला अधिकारी का शह मिला हुआ है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बग़ाबती सुर
सियासी गलियारों में यह भी चर्चा है कि जिस तरह सिद्धू अपनी ही पार्टी के खिलाफ बयानबाज़ी कर रहे हैं कहीं उन्हीं के इशारे पर पंजाब कांग्रेस के कार्यकर्ता बग़ावती तेवर तो नहीं दिखा रहे हैं। आपको बता दें कि पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी और आब्जर्वर हर्षवर्धन की मौजूदगी में वित्तमंत्री मनप्रीत बादल और विधायक जगदेव कमालू के खिलाफ कांग्रेस वर्करों ने जमकर नारेबाजी की। वहीं बठिडा देहाती के वर्करों के साथ जब बैठक करने के लिए पंजाब प्रभारी हरीश चौधरी उनके पास पहुंचे तो वर्करों ने उनको दो टूक कहा कि अगर हलका इंचार्ज हरबिदर लाडी को टिकट नहीं दिया गया तो वह बठिडा शहरी, बठिडा देहाती और भुच्चो हलके में कांग्रेस के उम्मीदवारों को हरा देंगे। दरअसल कांग्रेस के वर्कर अपने पसंदीदा नेता को कांग्रेस की टिकट दिलाना चाहते थे। इस बाबत हरीश चौधरी से वठिंडा में मीटिंग करके अपने नेता की सिफारिश करने के लिए कार्यकर्ता आए हुए थे। इसी बीच उन्होंने पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल और मौड़ हलके के विधायक जगदेव कमालू के खिलाफ नारेबाजी भी कर दी।

कार्यकर्ताओं ने लगाए आरोप
पंजाब कांग्रेस वर्कर और बठिंडा हलके के 52 सरपंचों ने आरोप लगाते हुए कहा कि वित्तमंत्री ने उनके हलके में न तो खुद ग्रांट दी और न ही कोई विकास कार्य ही होने दिया। उन्होंने कहा कि पहले दस साल शिरोमणि अकाली दल का तांडव रहा। अब पांच साल वित्तमंत्री ने कोई ग्रांट नहीं दी। फिर भी हम कांग्रेस के हलका इंचार्ज के साथ खड़े हुए हैं। पार्टी आलाकमान हमारी गुज़ारिश पर ध्यान देते हुए हम लोगों के पसंदीदा हलका इंचार्ज को टिकट दे। बठिडा देहाती हलके के लिए मनप्रीत बादल ने गुरजंट सिंह कुत्तीवाल को टिकट देने की वकालत की जबकि ट्रांस्पोर्ट मंत्री राजा वडिग ने मौजूदा हल्का इंचार्ज हरबिदर सिंह लाडी को टिकट देने की सिफारिश की। मनप्रीत ने वड़िंग को बैठक में आने से रोका पंजाब प्रभारी हरीष चौधरी जब बठिडा देहाती के हलके के वर्करों से बैठक करने के लिए जा रहे थे तो उनके साथ राजा वड़िंग भी थे।

टिकट बंटवारे पर गुटबाज़ी
बठिडा देहाती हलके के लिए मनप्रीत बादल ने गुरजंट कुत्तीवाल की सिफारिश की जा रही थी जबकि राजा वड़िंग चाहते है कि हरबिदर लाडी को टिकट मिले। वहीं मनप्रीत ने मीटिग शुरू करने से पहले ही हरीष चौधरी को राजा वड़िंग के मीटिग में नहीं शामिल होने की अपील की। इस पर राजा वड़िंग वहां से निकल कर हरबिदर सिंह लाडी के समर्थकों के साथ आकर बैठ गए, जबकि हरीष चौधरी ने भी वहां पहुंच कर उनके साथ बातचीत की। बठिंडा देहाती हलके से विधायक रुपिंदर कौर रूबी और भुच्चो हलके से विधायक प्रीतम सिंह कोटभाई बैठक में ग़ैरहाजिर रहे। लेकिन वह दोनों कोटभाई के समर्थन में हुई बैठक शामिल हो कर कोटभाई का समर्थन किया था।
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