पंजाब: मानसा विधानसभा क्यों बना हॉट सीट ? चुष्पिंदरबीर चहल ने खोले टिकट दावेदारी के राज़
पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर सभी सियासी पार्टियां चुनावी तैयारियों में जुटी हुई हैं। पंजाब में कुछ सियासी दलों ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा शुरू कर दी है तो कुछ सियासी दल टिकट बंटवारे पर राय मशवरा ही कर रहे हैं।
चंडीगढ़, 13 जनवरी 2022। पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर सभी सियासी पार्टियां चुनावी तैयारियों में जुटी हुई हैं। पंजाब में कुछ सियासी दलों ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा शुरू कर दी है तो कुछ सियासी दल टिकट बंटवारे पर राय मशवरा ही कर रहे हैं। शिअद-बसपा गठबंधन और आम आदमी पार्टी उम्मीदवारों की घोषणा में आगे निकल रही है। वहीं भाजपा और उसके गठबंधन साथी के साथ कांग्रेस ने भी अपने उम्मीदवारों का पत्ता नहीं खोला है। पंजाब कांग्रेस में टिकट की दावेदारी में कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच मतभेद भी देखने को मिल रहा है। चुनावी समर में पंजाब का मानसा विधानसभा हॉट सीट बना हुआ है। पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला ने हाल ही में कांग्रेस की पार्टी की सदस्यता ली है और वह मानसा से टिकट के दावेदार माने जा रहे हैं। वहीं मानसा के पूराने कांग्रेस नेताओं में इस बात से नाराज़गी बढ़ रही है। इन्ही सब मुद्दों पर वन इंडिया हिंदी ने मानसा से कांग्रेस नेता चुष्पिंदरबीर चहल से बात की उन्होंने बहुत ही बेबाकी से सवालों का जवाब दिया।

‘आज़ादी के वक्त से कांग्रेस पार्टी जुड़ा है मेरा परिवार’
कांग्रेस नेता चुष्पिंदरबीर चहल ने बताया कि आज़ादी से पहले से उनके परिवार के सदस्य कांग्रेस पार्टी के लिए काम करते थे। जवाहरलाल नेहरू की रैली में भी उनके दादा जी का अहम योगदान रहा है। उन्होंने बताया कि आज़ादी के बाद से भोपाल कला औ भोपाल ख़ुर्द के सरपंच उन्हीं के परिवार के लोग बनते आ रहे हैं। एक दो बार ही ऐसा हुआ है कि किसी दूसरे लोगों को इन दोनो जगहों में सरपंच बनाया गया हो। चुष्पिंदरबीर चहल ने बताया कि उन्होंने साल 2010 में कांग्रेस पार्टी का दामन थामा था और तब से लेकर आज तक वह कांग्रेस के लिए जी जान से मेहनत कर रहे हैं। कोरोना काल में भी उन्होंने निस्वार्थ भाव से जनता की सेवा की। क़रीब 12 साल के सियासी सफ़र में उन्होंने ज़रूरत मंद लोगों की काफ़ी मदद की है। संस्था बनाते हुए बेघर लोगों के लिए छत का इंतज़ाम किया, भूखे लोगों के लिए खाने का इंतेज़ाम किया।

जनता की हर मुमकिन मदद की- चुष्पिंदरबीर चहल
चुष्पिंदरबीर चहल ने बताया कि समाजसेवा के लिए उन्होंने अपने साथ काफ़ी सदस्यों को जोड़ा। सभी लोग उनके साथ मिलकर ज़रूरतमंदों की मदद कर रहे हैं, शिक्षा, स्वास्थ्य सभी बुनियादी चीज़ों का ख़याल करते हुए जनता की सेवा करते आ रहे हैं। इन सब कामों के बावजूद पार्टी के जो दिशा निर्देश होते हैं उसका पालन करते हुए समाज सेवा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि साल 2011 में पहली बार वह हलका अध्यक्ष बने थे, उसके बाद 2015 में दोबारा से हलका अध्यक्ष के पद पर चुने गए। साल 2019 में जिला अध्यक्ष बनाया गया। जब वह जिला अध्यक्ष बनाए गए उसके बाद से कोरोनाकाल ही चला आ रहा है। चुष्पिंदर चहल ने बताया कि कोरोना काल में उन्होंने जनता की हर मुमकिन मदद की। वहीं किसान आंदोलन में भी बढ चढ़ कर हिस्सा लिया. किसानों के साथ क़दम से क़दम मिला कर खड़े रहे।

टिकट की दावेदारी से चुष्पिंदरबीर ने उठाया पर्दा
टिकट की दावेदारी पर जब उनसे पूछा गया कि क़रीब 12 साल पार्टी को देने के बावजूद सिद्धू मूसेवाला के मुक़ाबले आपकी दावेदारी कमज़ोर नज़र आ रही है। इस सवाल के जवाब में चुष्पिंदरबीर चहल ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है। ये कैसे मान लें की टिकट पर उनकी (सिद्धू मूसेवाला) दावेदारी है, अभी तो उन्होंने पार्टी ज्वॉइन की है। हमारी पार्टी की तरफ़ से उनको मान सम्मान मिला है, इसमे कोई दो राय नहीं है। टिकट फ़ाइनल संगठन को करना है, टिकट की दावेदारी के लिए कोई भी पहल कर सकता है लेकिन फ़ैसला आलाकमान को ही लेना है। टिकट की दावेदारी मैं भी कर रहा हूं और भी कई लोग टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। काफी लम्बे समय से जो पार्टी के लिए काम कर रहे हैं वह टिकट की दावेदारी के लिए लगे हुए हैं। सिद्धू मूसेवाला तो अभी पार्टी में शामिल हुए हैं। मुक्षे पूरी उम्मीद है कि पार्टी की तरफ़ से मुझे ही उम्मीदवार घोषित किया जाएगा।

डोप टेस्ट से क्यो पीछे हट रहे सिद्धू मूसेवाला ?
सिद्धू मूसेवाला पर आरोप लगाने के मामले में चुष्पिंदरबीर चहल ने कहा कि सिद्धू मूसेवाला ने मुझ पर ग़लत आरोप लगाए थे। मैंने उनके आरोपों का खंडन करते हुए कहा था कि अगर मैं नशा करता हूं तो डोप टेस्ट करवा लें। या फिर वो नशा करते हैं तो डोप टेस्ट करवा लें, लेकिन जब उनसे डोप टेस्ट करवाने की बात कही गई तो वह यह बोलते हुए पीछे हट गए की मैं कौन सा दूध का धुला हूं। मैं डोप टेस्ट करवाने के लिए तैयार हूं लेकिन सिद्धू मूसेवाला टेस्ट करवाने से पीछे हट रहे हैं। इससे साफ़ तौर पर ज़ाहिर होता है कि मुझपर लगे आरोप बेबुनियाद हैं। मानसा रैली में सिद्धू मूसेवाले के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी कराने के आरोपों का खंडन करते हुए उन्होंने कहा कि बेशक मुझ पर यह आरोप लगा है लेकिन मैंने ऐसा नहीं करवाया है। वहां मौजूद कुछ लोग सिद्धू मूसेवाला के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी नहीं कर रहे थे बल्कि पूरे लोग कर रहे थे। ऐसा तो मुमकिन नहीं है कि पंडाल में बुलाए गए सभी लोग मेरे थे। जब से सिद्धू मूसेवाला ने पार्टी ज्वॉइन की है उनका हर तरफ़ विरोध हो रहा है, सब जगह मै ही विरोध करवाउं ये मुमकिन तो नहीं है। मुझ पर लगे आरोप पूरी तरह से निराधार हैं।

मानसा रैली में लगे आरोपों का किया खंडन
मानसा रैली के दौरानी सीएम चन्नी से दूरी बनाए रहने के सवाल पर चुष्पिंदर चहल ने कहा कि मैंने दूरी नहीं बनाई थी। चूंकि कांग्रेस के और भी वरिष्ठ नेता वहां मंच पर मौजूद थे उनकी कुर्सी सीएम के साथ थी वह वहां बैठे थे। मैं थोड़ी दूर पर बैठा था, मेरे लिए सीएम बहुत सम्मानजनक हैं और मैं उनकी बहुत इज़्ज़त करता हूं। मुझे तो पंडाल के सामने मंच से नीचे बैठने दिया जाता तो मैं वहां भी बैठ जाता, इसमे सीएम से दूरी बनाने वाली कोई बात नहीं है। वहीं उनसे पूछा गया कि अगर आपको पार्टी टिकट नहीं देती है तो क्या आप आज़ाद चुनाव लड़ेंगे या फिर दूसरी पार्टी का दामन थामेंगे ? इस पर उन्होंने कहा कि मैंने अपनी ज़िदंगी का करीब 12 साल का कीमती लम्हा पार्टी को दिया है, पार्टी की हर उम्मीदों पर खड़ा उतरा हूं। निस्वार्थ भाव से समाज सेवा की है, इसलिए मुझू पूरी उम्मीद है कि पार्टी मुझे ही उम्मीदवार घोषित करेगी और मैं मानसा विधानसभा सीट जीत कर पार्टी को दूंगा। फिलहाल मेरा किसी दूसरी पार्टी या आज़ाद चुनाव लड़ने का कोई इरादा नहीं है।
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