पंजाब: धूरी टोल प्लाजा को लेकर गरमाई सियासत, मुख्यमंत्री के दावों पर कांग्रेस ने किए सवाल
गोल्डी ने मान से सवाल किया कि क्यों उन्होंने 8 साल सांसद रहने के दौरान टोल प्लाजा के खिलाफ आवाज नहीं उठाई। उन्होंने जिक्र किया कि मुख्यमंत्री बनने से पहले मान संगरूर से सांसद थे और उन्होंने कभी भी यह मुद्दा नहीं उठाया।
चंडीगढ़, 5 सितंबर 2022। धूरी-संगरूर रोड पर टोल प्लाजा हटाए जाने पर पंजाब में सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस पार्टी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा क्रेडिट लेने के दावों पर सवाल किया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि टोल प्लाजा का टर्म पहले से ही 4 सितंबर 20 22 को पूरा होना तय था। मीडिया से मुखातिब होते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और धूरी से पूर्व विधायक दलवीर सिंह गोल्डी ने खुलासा किया कि यह टोल प्रोजेक्ट अवैध था और पहले दिन से गैरकानूनी था, जिसका निर्माण पहले से बनी हुई रोड पर किया गया था। उन्होंने कहा कि वह पहले दिन से टोल प्लाजा लगाए जाने के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं और अब तक सभी सरकारों के खिलाफ इस मामले में लड़ चुके हैं। हैरानी जनक है कि आम आदमी पार्टी सरकार इसे एक उपलब्धि बताने का प्रयास कर रही है, जबकि ये टोल प्लाजा पहले एक्सपायर हो चुका है।

गोल्डी ने मान से सवाल किया कि क्यों उन्होंने 8 साल सांसद रहने के दौरान टोल प्लाजा के खिलाफ आवाज नहीं उठाई। उन्होंने जिक्र किया कि मुख्यमंत्री बनने से पहले मान संगरूर से सांसद थे और उन्होंने कभी भी यह मुद्दा नहीं उठाया। इसके विपरीत मुख्यमंत्री पहले इसे मामूली मुद्दा बताकर खारिज कर देते थे। धूरी से पूर्व विधायक ने कहा कि धूरी से संगरूर तक के 13 किलोमीटर के छोटे से फासले के लिए पैसे वसूले जाने से लोगों को बचाने हेतु उन्होंने एक वैकल्पिक सड़क का निर्माण किया था। और इसके चलते उन्हें समय-समय पर टोल प्लाजा ऑपरेटरों की ओर से दर्ज करवाए केसों का सामना करना पड़ा है।उन्होंने मुख्यमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वह वास्तव में लोगों को टोल प्लाजा से राहत देना चाहते हैं, तो क्यों वह (मुख्यमंत्री) अन्य टोल प्लाजा भी नहीं हटाते, जिस प्रकार वह धूरी टोल प्लाजा को हटाए जाने का दावा कर रहे हैं।
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