सिद्धू के सवालों पर कैप्टन का जवाब, समझौते रद्द करना नामुमकिन, सुप्रीम कोर्ट के काटने पड़ेगे चक्कर

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच कलह का दौर जारी है। नवजोत सिंह सिद्धू लगाता कैप्टन सरकार के खिलाफ़ ट्वीट करते नजर आ रहे हैं।

चंडीगढ़, अगस्त 31, 2021। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच कलह का दौर जारी है। नवजोत सिंह सिद्धू लगाता कैप्टन सरकार के खिलाफ़ ट्वीट करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने आज भी एक प्रेस रीलीज़ के ज़रिए कैप्टन सरकार पर हमला बोला है साथ ही उन्होंने प्रेस रीलीज़ को ट्वीटर पर भी शेयर किया है। सिद्धू ने कहा ही पंजाब में सरकार ने ड्रग्स को लेकर कोई काम नहीं किया है। चंडीगढ़ हाईकोर्ट द्वारा निर्देश जारी किए जाने के बाद भी 13 ड्रग्स तस्करों को लेकर पंजाब सरकार ने कोई क़दम नहीं उठाया है।

cavpatin vs sidhu

सिद्धू का कैप्टन पर निशाना
नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक नोट शेयर करते हुए लिखा कि पंजाब की जनता अकाली मंत्री बिक्रमजीत मजीठिया पर विशेष कार्य बल (STF) की रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं। ग़ौरतलब है कि नवजोत सिंह सिद्धू ने कुछ दिन पहले भी अपनी ट्वीट में इस रिपोर्ट का जिक्र किया था। उन्होंने सरकार की "निष्क्रियता" पर सवाल उठाते हुए कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देशों के बावजूद, इन दोनों सरकारों ने पंजाब और विदेशों में ड्रग्स की तस्करी करने वाले 13 ड्रग तस्करों पर कोई कार्रवाई नहीं की है। बता दें कि नवजोत सिंह सिद्धू पहले भी कई बार अपनी ही सरकार पर निशाने साध चुके हैं।

कैप्टन ने दिया जवाब
वहीं कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बिजली समझौते रद्द करने के मुद्दे पर पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू को दो टूक जवाब देते कहा कि समझौते रद्द करना मुमकिन नहीं है। अगर समझौते रद किए गए तो सरकार कानूनी विवाद में पड़ जाएगी और सरकार को सारा कामकाज छोड़कर सुप्रीम कोर्ट(SC) में बैठकर कानूनी विवाद को सुलझाना होगा। क्योंकि पूर्व की सरकारों ने जितने भी निजी कंपनियों के साथ बिजली समझौते किए हैं वह सब कानूनी रूप से काफी मज़बूत हैं। ग़ौरतलब है कि हाल ही में सरकार ने तीनों थर्मल प्लांट के साथ किए गए करार को रद्द करने के लिए नोटिस दिया है।

बिजली समझौता रद्द करने की मांग
आपको बता दें कि अकाली-भाजपा सरकार में किए गए बिजली समझौते के मुद्दे पर सिद्धू लगातार अपनी ही पार्टी की सरकार पर हमलावर रहे हैं। उन्होंने कल ही एक वीडियो जारी कर तीन बिजली थर्मल प्लांटों के साथ किए समझौतों को रद्द करने के लिए पंजाब विधानसभा में बिल लाने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि सरकार ने जिस तरह से दूसरे राज्यों को जाते पानी को रोकने के लिए टर्मिनेशन ऑफ वाटर एग्रीमेंट्स लाया था। उसी तरह टर्मिनेशन ऑफ पीपीए एक्ट लाया जाना चाहिए। नवजोत सिद्धू ने बिजली को लेकर पंजाब और दिल्ली के माडल पर बात करते हुए कहा था कि पंजाब कृषि, बीपीएल, एससी, बीसी और इंडस्ट्री सेक्टर को दस हजार करोड़ से ज्यादा की बिजली सब्सिडी दे रहा है। इसके अलावा पंजाब अपनी बिजली खुद पैदा भी करता है, लेकिन कमर्शियल और इंडस्ट्री सेक्टर को महंगी बिजली दी जा रही है। अगर निजी थर्मल प्लांटों के साथ किए गए समझौते को रद्द कर दिए जाएं तो घरेलू सेक्टर को 3 रुपये और इंडस्ट्री सेक्टर को 5 रुपये यूनिट बिजली दी जा सकती है।

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