पंजाब चुनाव से ठीक पहले कैप्टन का मास्टर स्ट्रोक, लगाई इन बड़ी सौगातों की झड़ी
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने संविधान के 85वें संसोधन को भी लागू करने का ऐलान किया है। इसके तहत अनुसूचित जाति के सरकारी कर्मचारियों को तेजी से पदोन्नति मिलेगी। पंजाब की कुल जनसंख्या में 30 फीसदी हिस्से पर क़ब्ज़ा है
चंडीगढ़,अगस्त 26, 2021। पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र सियासी पार्टियां जनता को लुभाने के लिए लोक लुभावन घोषणाएं कर रही हैं। वहीं सत्ता पर क़ाबिज रहने के लिए सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सौगातों की झड़ी लगा दी है। कैप्टन अमरिंदर सिंह की विभिन्न वर्गों को दी गई सौगात को मास्टर स्ट्रोक के तौर पर देखा जा रहा है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अनुसूचित जातियों के कल्याण के लिए क़ानून बनाने जा रहे हैं। अनुसूचित जाती कल्याण योजना के तहत आबादी के अनुपात पर ख़र्च किया जाएगा।

अनुसूचित जाति को कैप्टन की सौगात
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने संविधान के 85वें संसोधन को भी लागू करने का ऐलान किया है। इसके तहत अनुसूचित जाति के सरकारी कर्मचारियों को तेजी से पदोन्नति मिलेगी। आपको बता दें कि पंजाब की कुल जनसंख्या में 30 फीसदी हिस्सेदारी अनुसूचित जाति के लोगों की हैं। 10 साल से ज़्यादा की सेवा करने वाले सफाई कर्मियों को नियमित करने का भी कैप्टन ने ऐलान किया है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाया
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को भी सौगात दी है। मासिक मानदेय को 300 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये करने की घोषणा की। साथ ही पंजाब में एक सार्वभौमिक स्वास्थ्य बीमा योजना लाने का भी प्लान बनाया है। इसके अलावा सरकारी अस्पतालों में डायलिसिस और एक्स-रे की सुविधा मुफ़्त में दी जाएगी। वहीं राज्य के 2.85 लाख खेतिहर मजदूरों और भूमिहीन किसानों के लिए 520 करोड़ रुपए की कर्ज माफी योजना की शुरुआत की है।
520 करोड़ रुपए के ऋण माफ़
31 जुलाई, 2017 तक कृषि श्रमिकों और भूमिहीन किसानों के सहकारी ऋणों की मूल राशि के संबंध में 520 करोड़ रुपए के ऋण को माफ़ करने का फ़ैसला लिया है। इसके साथ ही इस राशि पर 6 मार्च 2019 तक 7 फ़ीसद वार्षिक दर से साधारण ब्याज को भी माफ कर दिया गया है। इससे पहले भी राज्य सरकार ने क़र्ज़ माफ़ी योजना के तहत 5.85 लाख छोटे और सीमांत किसानों के लिए सभी फ़सल ऋण के 2 लाख रुपए तक (4,700 करोड़) माफ़ कर दिया था।
रेहड़ी-फड़ी वालों को दी राहत
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने रेहड़ी-फड़ी वालों को राहत देते हुए राज्य में फल और सब्ज़ियों की परचून मंडियों में लागू यूज़र्स चार्ज को मौजूदा वित्त वर्ष के 7 महीनों के लिए हटा लिया है। मुख्यमंत्री ने यह फ़ैसला पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन लाल सिंह के उठाए मुद्दे पर विचार-विमर्श के बाद कैप्टन ने परचून मंडियों का यूजर्स चार्ज एक सितंबर, 2021 से 31 मार्च, 2022 तक हटाने का फैसला लिया। ग़ौरतलब है कि मार्केट कमेटियां मंडियों के बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल करने के एवज़ में ठेकेदारों के ज़रिए यूज़र्स चार्ज वसूल करती हैं। राज्य में रेहड़ी-फड़ी वालों को सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए 27 मार्केट कमेटियां ई-टेंडरिंग के जरिए ठेका अलाट किया जाता है। जबकि बाकी कमेटियां निजी तौर पर यह चार्ज वसूल करती हैं।












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