BJP के इस दांव से बदल सकते हैं सियासी समीकरण, विधानसभा चुनाव के लिए तैयार की ये रणनीति
भारतीय जनता पार्टी ओबीसी वर्ग के बुद्धिजीवियों के ज़रिए रणनीति बनाकर ओबीसी वोट बैंक में सेंधमारी करने की कोशिश कर रही है। ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ के. लक्ष्मण से वन इंडिया हिंदी ने इस मुद्दे पर बात की।
चंडीगढ़, अक्टूबर 18, 2021। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी कोई भी चूक नहीं होने देना चाहती है। ओबीसी वोटर के ज़रिए विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी की सियासी ज़मीन कमज़ोर करने में जुटी हुई है। विरोधी दल लगातार जातिगत आधार पर जनगणना की मांग कर रहे हैं। हालांकि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में इस बात को तकनीक आधार पर ग़लत बताते हुए मना कर दिया है। इसके बाद से सियासी दलों ने इसे चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश करते हुए भारतीय जनता पार्टी को घेरने की क़वायद तेज़ कर दी है। इस बाबत भारतीय जनता पार्टी ओबीसी वर्ग के बुद्धिजीवियों के ज़रिए रणनीति बनाकर ओबीसी वोट बैंक में सेंधमारी करने की कोशिश कर रही है। भारतीय जनता पार्टी ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ के. लक्ष्मण से वन इंडिया हिंदी ने इस मुद्दे पर बात की। उन्होंने बताया कि दिल्ली में 22 अक्टूबर को एक दिवसीय ओबीसी वर्ग बुद्धिजीवी सम्मेलन कराया जा रहा है। इस सम्मेलन में ओबीसी समुदाय से जुड़े करीब 300 बुद्धिजीवी शिरकत करेंगे।

मोदी सरकार की उपलब्धियों पर चर्चा
डॉ के. लक्ष्मण ने बताया की दिल्ली में ओबीसी वर्ग बुद्धिजीवी सम्मेलन में मोदी सरकार के पिछले सात साल की उपलब्धियों पर चर्चा की जाएगी। इन सात सालों में भारतीय जनता पार्टी की तरफ़ से ओबीसी समुदाय के हितों के लिए किए गए कार्यों के बारे में बताया जाएगा। समाज की भलाई के लिए भविष्य में किन मुद्दों पर ख़ास ध्यान देना है उस पर भी राय मशवरा किया जाएगा।डॉ. के लक्ष्मण ने बताया कि ओबीस मोर्चो देश के हर बड़े शहर में ओबीसी वर्ग बुद्धिजीवी सम्मेलन का आयोजन करने योजना बना रही है। इसके तहत पूरे देश में मोदी सरकार की उपलब्धियों को ओबीसी समुदाय तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।

22 अक्टूबर को दिल्ली में सम्मेलन
चंडीगढ़ भाजपा अध्यक्ष अरुण सूद ने बताया कि 22 अक्टूबर को दिल्ली में होने जा रहे सम्मेलन में पूरे देश से भाजपा ओबीसी मोर्चे के तमाम पदाधिकारी शिरकत करेंगे। सम्मेलन के दौरान केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव सभी बुद्धिजीवियों को संबोधित करेंगे। भाजपा के विरोधी दल ओबीसी मतदाताओं के ज़रिए भारतीय जनता पार्टी की राजनीतिक पकड़ कमज़ोर करने की कोशिश में है। आपको बता दें कि भारतीय जनता पार्टी बुद्धिजीवी वर्ग के इन सम्मेलनों के जरिए ओबीसी वोटर्स तक सरकार की उपलब्धियां पहुंचाना चाहती है। वहीं विरोधी दलों की पोल खोल करते कहते हुए यह दिखाना चाहती है कि सामाजिक न्याय का इन दलों का नारा महज कुछ जातियों तक ही सीमित होकर रह गया है।

विपक्षी दलों को मिलेगा जवाब- डॉ के. लक्ष्मण
डॉ के. लक्ष्मण ने कहा कि केंद्र में भारी बहुमत के साथ भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। ओबीसी वर्ग के हितों के लिए किए गए कामों की पूरी लिस्ट सरकार के पास है। ओबीसी वोटर के ज़रिए काफ़ी वक्त तक विपक्षी दलों ने शासन किया है। अब विपक्षी दलों को जवाब देने का वक्त आ गया है। डॉ के. लक्ष्मण ने सवाल करते हुए कहा कि विपक्षी दल बताएं कि ओबीसी की किन-किन जातियों के प्रतिनिधियों को पिछले 30 सालों में सांसद-विधायक बनाया ? ओबीसी समुदाय की किन-किन जातियों के हित के लिए काम किया ? उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने ओबीसी सुमदाय की सभी जातियों के साथ धोखा किया है। आने वाले वक़्त में विपक्षी दलों को इनका हिसाब देना पड़ेगा।
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