पंजाब: क्या पीएम मोदी की फिरोजपुर रैली रदद् होने को चुनावी हथियार बना रही BJP ? इन्साइड स्टोरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिरोज़पुर रैली रद्द होने के मामले में पंजाब में सियासत गरमाई हुई है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं का आरोप है कि पीएम की सुरक्षा में चूक हुई है।
चंडीगढ़, 7 जनवरी 2022। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिरोज़पुर रैली रद्द होने के मामले में पंजाब में सियासत गरमाई हुई है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं का आरोप है कि पीएम की सुरक्षा में चूक हुई है, वहीं पंजाब कांग्रेस सुरक्षा में चूक होने के मामले से इनकार कर रही है। इसके साथ ही किसान नेताओं का आरोप है कि भाजपा किसानों को बदनाम करने लिए ओछी राजनीति कर रही है। वन इंडिया हिंदी ने इन सब मुद्दों पर चुनावी रणनीतिकार बद्रीनाथ से बात की, उन्होंने कहा कि इसमें चूक और सियासत दोनों हुई है। प्रदर्शनकारी जब पीएम मोदी के काफ़िले वाले रूट में प्रदर्शन कर रहे थे तो स्थानीय प्रशासन को किसी भी तरह से रूट को क्लियर करवाना चाहिए था। अब सवाल यह है कि अगर वह रूट बाधित था तो सूचना मिलने के बाद एसपीजी ने बैकअप रूट क्यों नही अपनाया ?

सुरक्षा मामले में खड़े हो रहे सवाल
पीएम मोदी की सुरक्षा मामले में कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं, कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पीएम का हेलिकॉप्टर हर मौसम में उड़ान भर सकता है तो फिर उस विमान का इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया । ऑल वेदर हेलिकॉप्टर तो खराब मौसम मे भी उड़ान भर सकता था, वहां पहाड़ी इलाका भी नहीं है। इसके बावजूद पीएम मोदी बठिंडा से फिरोजपुर के लिए सड़क मार्ग से रवाना हुए। पीएम की सुरक्षा चार स्तरीय होती है जिसमें एसपीजी, एनएसजी कमांडो, स्पेशल पुलिस फ़ोर्स और फिर लोकल पुलिस शामिल रहती है। इन सबके बाद सवाल यह खड़े हो रहे हैं कि पीएम की जान को ख़तरा था तो एसपीजी के सुरक्षाकर्मियों ने अपने अधिकार का इस्तेमाल क्यों नहीं किया । क़रीब 20 मिनट तक इंतजार करने की नौबत क्यों आई ?

एसपीजी को मिला हुआ है विशेषाधिकार
आपको बता दें कि एसपीजी को विशेषाधिकार मिला हुआ है, वह 'ब्लू बुक' की दिशा निर्देशों का पालन करते हैं। इस बुक के मुताबिक एसपीजी सुरक्षाकर्मियों को 'शूट एट साइट' का अधिकार मिला हुआ है। अगर उन्हें लगे कि पीएम के लिए किसी भी तरह का खतरा है तो वह संदिग्ध पर गोली चला सकते हैं। गोली चलाने के लिए उन्हें किसी से इजाज़त लेने की ज़रूरत नहीं होती है। इसलिए सवाल यह भी उठ रहे हैं कि पीएम के काफ़िले को रोकने वाले प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए हवाई फ़ायरिंग कर सकते थे या फिर कोई अन्य क़दम उठाते हुए काफिले को सुरक्षित निकाल सकते थे। लेकिन उन्होंने अपने विशेषाधिकार का उपयोग क्यों नहीं किया ?

पंजाब सरकार के खिलाफ़ खोला मोर्चा
भाजपा के वरिष्ठ नेतओं ने पंजाब सरकार के खिलाफ़ मोर्चा खोल दिया है, वहीं गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि इस तरह की लापरवाही नाकाबिले बर्दाश्त है, इस मामले में जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि 'पंजाब में हुई कांग्रेस-निर्मित घटना साफ़ ज़ाहिर है कि कांग्रेस कैसे सोचती और काम करती है। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि हार के डर से कांग्रेस ने इस तरह का काम करवाया है। वहीं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर हमले का मोर्चा संभालते हुए इस घटना को साजिश करार दिया। उन्होंने पंजाब सरकार से सवाल किया कि राज्य की पुलिस ने क्या जानबूझकर प्रधानमंत्री के सुरक्षा दस्ते को झूठा आश्वासन दिया। प्रदर्शनकारी पीएम के काफिले तक कैसे पहुंच गए ?

रैली रद्द होने की वजह खाली कुर्सियां थीं- सुरजेवाला
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने प्रधानमंत्री मोदी के लौटकर जाने पर अफसोज ज़ाहिर किया। उन्होंने कहा कि हम अपने प्रधानमंत्री की इज़्ज़त करते हैं। उनकी सुरक्षा में किसी भी ऐतबार से चूक नहीं हुई और न ही किसी भी तरह से हमले जैसी कोई स्थिति थी। कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भारतीय जनता पार्टी के आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि फिरोज़पुर कि रैली में भीड़ कम थी इसलिए रैली रद्द हुई। रणदीप लिंह सुरजेवाला ने ट्वीट कर रैली स्थल का एक वीडियो साझा करते हुए लिखा कि "प्रिय नड्डा जी, रैली रद्द होने की वजह खाली कुर्सियां थीं। यकीन करने के लिए वीडियो देख लें। बेतुकी बयानबाज़ी करने के बजाए किसान विरोधी मानसिकता का सच कबूल करें और आत्म मंथन कीजिए। पंजाब के लोगों ने रैली से दूरी बनाते हुए अहंकारी सत्ता को आईना दिखाया है"। सियासी जानकारों की मानें तो भाजपा इस मुद्दे को चुनावी हथियार बनाते हुए सिम्पैथी लेने की कोशिश कर रही है। पुलवामा अटैक मामले को भाजपा ने इसी तरह से भुनाया था।

पीएम मोदी की सुरक्षा में गंभीर चूक
केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने इस घटना को पीएम की सुरक्षा में गंभीर चूक माना है। मंत्रालय के मुताबिक पंजाब सरकार को पहले ही पीएम की यात्रा और कार्यक्रम की जानकारी दे दी गई थी। पंजाब के फिरोजपुर दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुई चूक मामले मे केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा तीन सदस्यीय समिति का गठन किया। तीन सदस्यीय समिति पीएम की सुरक्षा में हुई चूक की जांच करेगी, सुधीर कुमार सक्सेना, सचिव (सुरक्षा), कैबिनेट सचिवालय के नेतृत्व में यह समिति काम करेगी। बलबीर सिंह, संयुक्त निदेशक, आईबी और एस सुरेश, आईजी, एसपीजी सदस्य के तौर पर समिति में शामिल रहेंगे। तीन सदस्यीय समिति जल्द ही इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी।

फिरोजपुर तलब किए गए अधिकारी
सूत्रों की मानें केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति ने राज्य के पुलिस प्रमुख एस चट्टोपाध्याय सहित एक दर्जन से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों को फिरोजपुर में तलब किया है। डीजीपी एस चट्टोपाध्याय, एडीजीपी जी नागेश्वर राव, एडीजीपी जितेंद्र जैन, आईजीपी पटियाला मुखविंदर सिंह चिन्ना, फिरोजपुर उप महानिरीक्षक इंद्रबीर सिंह, फरीदकोट के डीआईजी सुरजीत सिंह, फिरोजपुर के उपायुक्त दविंदर सिंह, फिरोजपुर के एसएसपी हरमनदीप हंस, मोगा के एसएसपी चरणजीत सिंह सोहल, कोटकपूरा के ड्यूटी मजिस्ट्रेट वरिंदर सिंह, लुधियाना के संयुक्त आयुक्त अंकुर महेंद्रू, बठिंडा के उपायुक्त एएसपी संधू, बठिंडा के एसएसपी अजय मलूजा और फिरोजपुर वीवीआईपी नियंत्रण कक्ष प्रभारी को तलब किया गया है।
ये भी पढ़ें: पंजाब: अब ख़ुद के बचाव में उतरी चन्नी सरकार, BJP को उनके ही तर्ज़ पर जवाब दे रही कांग्रेस












Click it and Unblock the Notifications