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घर वापसी के बाद किसान बढ़ा सकते हैं CM चन्नी की मुश्किलें, पंजाब कांग्रेस का खिसक सकता है वोट बैंक

कृषि कानूनों की वापसी के बाद अब किसान संगठन पंजाब में चन्नी सरकार की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। घर वापसी के बाद अब किसानों ने मिशन पंजाब की शुरूआत कर दी है।

चंडीगढ़, 13 दिसंबर 2021। कृषि कानूनों की वापसी के बाद अब किसान संगठन पंजाब में चन्नी सरकार की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। घर वापसी के बाद अब किसानों ने मिशन पंजाब की शुरूआत कर दी है। इसके तहत अब पंजाब के किसान कांग्रेस सरकार के 2017 विधानसभा चुनाव के दौरान के किए गए चुनावी वादे को पूरा करवाने की क़वायद तेज़ करने की रणनीति तैयार कर रहे हैं। किसानों की आत्महत्या करने वाले परिवारों को मुआवज़ा, क़र्ज़ माफ़ी और किसानों को नौकरी देने के मुद्दे पर पंजाब सरकार को किसान संगठन ने अल्टीमेटम दे दिया है। अगर चन्नी सरकार ने किसानों के इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया तो किसान संगठन पंजाब सरकार के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल सकते हैं।

सीएम चन्नी की बढ़ सकती है मुश्किलें

सीएम चन्नी की बढ़ सकती है मुश्किलें

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पहले ही किसानों के क़र्ज़माफ़ी को लेकर पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर क़र्ज़ माफ़ी में मदद करने की मांग कर चुके हैं। भारतीय किसान यूनियन पंजाब के पूर्व अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां ने घर वापसी के बाद किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि अभी संघर्ष ख़त्म नहीं हुआ है। पंजाब सरकार के कार्यकाल को खत्म होने में कुठ दिन ही बचे हैं। अभी किसानों के क़र्ज़ माफ़ी के मुद्दे समेत कई मामले अधर में हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री से इन सब मुद्दों पर हिसाब बराबर करना है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने आत्महत्या कर ली उनके परजिन आज भी मुआवज़ा मिलने के इंतज़ार में हैं। नौकरी देने का वाद किया गया था वो भी पूरा नहीं हुआ है।

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    क़र्ज़ माफ़ी के मुद्दे पर घिरी सरकार

    क़र्ज़ माफ़ी के मुद्दे पर घिरी सरकार

    आपको बता दें कि पंजाब के किसानों पर लगभग 10 हज़ार रुपये का क़र्ज़ा जो कि विभिन्न बैंकों और निजी साहूकारों से लिया गया है। 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणापत्र में पंजाब के करीब सवा दस किसानों से वादा किया था कि उनके सिर पर जो क़रीब 10 हज़ार करोड़ का कर्ज है वह माफ कर दिया जाएगा। हालांकि 10 हज़ार करोड़ में सिर्फ़ 4,610.24 करोड़ रुपये ही माफ़ हुए हैं। लगभग 5,63, 718 किसानों का कर्ज़ माफ़ किया गया है। किसान संगठन का कहना है कि सभी किसानों का क़र्ज़ माफ़ किया जाए।ग़ौरतलब है कि मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने पंजाब में कर्जमाफी के मुद्दे को लेकर पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी थी। 30 नवंबर 2021 को लिखी गई चिट्ठी में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूर्ण क़र्ज़ माफ़ी की मांग कर दी है।

    किसानों के मुद्दे पर होगी बैठक

    किसानों के मुद्दे पर होगी बैठक

    पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने किसानों के मुद्दों पर 17 दिसंबर को 11 बजे पंजाब भवन में बैठक बुलाई है। सियासी गलियारों में यह चर्चाएं ज़ोरों पर हैं कि सीएम चन्नी भी किसानों से किए गए अधूरे वादों से वाकिफ़ हैं, अगर उनके मुद्दे जल्द से जल्द नहीं सुलझाए गए तो आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को इसका ख़ामियाजा भुगतना पड़ सकता है। इस वजह से पंजाब सरकार ने लैंड सीलिंग ऑर्डर भी वापस ले लिया है। इस ऑर्डर के तहत 17.5 एकड़ की ज़्यादा ज़मीन वाले किसानों की लिस्ट तैयार करने के लिए कहा गया था। सूची में शामिल नामों वाले किसानों के ज़मनी को सील कर दिया जाता। हालांकि पंजाब सरकार ने इस ऑर्डर को वापस ले लिया है।


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