पंजाब: सत्ता में वापसी के लिए CM चन्नी की सियासी चाल, जानिए किस तरह कर रहे मतदाताओं को लुभाने की कोशिश
पंजाब की जनता के दिलों में घर करने के लिए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी अपने द्वारा किए गए वादे को अमलीजामा पहनाने की पुरज़ोर कोशिश कर रहे हैं।
चंडीगढ़,13 दिसंबर 2021। पंजाब की जनता के दिलों में घर करने के लिए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी अपने द्वारा किए गए वादे को अमलीजामा पहनाने की पुरज़ोर कोशिश कर रहे हैं। आचार संहिता लगने से पहले वह सभी वादे पूरा करने की कोशिश में हैं ताकि इसका सियासी माइलेज लिया जा सके और विधानसभा चुनाव में पंजाब कांग्रेस इन सब मुद्दों को वोटबैंक में तब्दील कर सकें। इस कड़ी में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाती के लिए कर्ज़ माफ़ी योजना को अमली जामा पहनान शुरू कर दिया है।

क़र्ज माफ़ी योजना की शुरुआत
पंजाब के मुख्यमंत्री ने चरणजीत सिंह चन्नी ने मोरिंडा से शनिवार को कर्ज़ माफ़ी योजना की शुरुआत की । इस दौरान लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पहले चरण के दौरान अनुसूचित जाति के 41.48 करोड़ रुपये और पिछड़ा वर्ग के 20.98 करोड़ रुपये के कर्ज माफी के प्रमाणपत्र सौंपे जा रहे हैं। कर्ज माफी योजना के तहत अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग भूमि विकास वित्त निगम से लिए गए 50 हज़ार रुपये तक के क़र्ज़ माफ़ कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मंत्री और विधायक विशेष कार्यक्रमों के दौरान सभी लाभार्थियों को क़र्ज़ माफी के प्रमाणपत्र वितरित कर दिए जाएंगे। अभी कर्जं माफ़ी योजना की शुरुआत कर दी गई है, जल्द ही सभी लाभार्थियों को प्रमाण पत्र सौपं दिए जाएंगे।

सफ़ाई कर्मचारियों की नौकरी होगी पक्की
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने इससे पहले सफ़ाई कर्मचारियों को पक्का करने का फैसला लिया है। 4 हज़ार से ज्यादा सफ़ाई कर्मचारी को पक्का करने के फ़ैसले सी भी कांग्रेस को चुनाव में फ़ायदा मिल सकता है। सीएम चन्नी की कैबिनेट ने कपास की फसल के नुकसान पर राहत राशी को 12 हजार रुपये प्रति एकड़ से बढ़ाकर 17 हजार रुपए प्रति एकड़ करने की मंजूरी दे दी है। सीएम चन्नी की कैबिनेट बैठक में पानी का बकाया बिजली के बिल को माफ़ करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। पंजाब में बकाया पानी का बिजली बिल माफ़ी के से पंजाब पर पांच सौ करोड़ रुपये का आर्थिक बोझ बढेगा।

बिजली दरों में कटौती का फ़ैसला
सरकार की तरफ से लिए गए फैसले के मुताबिक ग्रामीण उपभोक्ताओं के 256.97 करोड़ रुपये और शहरी उपभोक्ताओं को 17.98 करोड़ रुपये के बिल माफ किए जाएंगे। इसके साथ ही ग्राम पंचायत और समितियों की तरफ से चलाई जा रही जल आपूर्ति योजनाओं के भी 224.55 करोड़ रुपये माफ होंगे। सीएम चन्नी ने इससे पहले एक और बड़ा क़दम बिजली बिल दरों में कटौती का उठाया था। पंजाब में बिजली दर सभी सियासी दलों का चुनावी मुद्दा बना हुआ था। लेकिन सीएम चन्नी ने बिजली समझौता रद्द करते हुए बिजली की दरें में कटौती कर दी। इसके साथ ही चन्नी कैबिनेट ने दिसंबर के बजाए नवंबर से ही बिजली की दरें 3 रुपये प्रति यूनिट करने कम करने के फ़ैसले पर मुहर लगा दी। आपको बता दें कि 7 किलोवॉट तक लोड वाले उपभोक्ताओं के टैरिफ में 3 रुपये प्रति यूनिट कम किए जाएंगे।
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