पंजाब विधानसभा चुनाव: कांग्रेस की क्या है चुनावी रणनीति, जानिए क्यों मचा है घमासान ?

विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र पंजाब में सियासी सरगर्मियां बढ़ गई हैं। सभी सियासी पार्टियां सत्ता पर क़ाबिज़ होने के लिए मतदाताओं को लुभाने की पूरी कोशिश कर रही है।

चंडीगढ़, 3 जनवरी 2022। विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र पंजाब में सियासी सरगर्मियां बढ़ गई हैं। सभी सियासी पार्टियां सत्ता पर क़ाबिज़ होने के लिए मतदाताओं को लुभाने की पूरी कोशिश कर रही है। वहीं पंजाब कांग्रेस में सियासी घमासान जारी है। पार्टी के नेताओं में असंतोष पनप रहा है, पंजाब कांग्रेस की चुनावी तैयारियां क्या हैं, किस तर्ज़ पर टिकट दिया जाएगा ? इन्हीं सब मुद्दे पर पंजाब कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता गुरविंदर सिंह बाली से वन इंडिया हिंदी ने ख़ास बातचीत की। गुरविंदर सिंह बाली ने बताया कि किस तरह पंजाब कांग्रेस सबको एक साथ ले कर चुनावी रण में कामयाबी हासिल करेगी।

कैप्टन की पार्टी से क्या होगा नुकसान ?

कैप्टन की पार्टी से क्या होगा नुकसान ?

पंजाब कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता गुरविंदर सिंह बाली से जब यह सवाल किया गया कि कैप्टन अमरिंदर सिंह की सियासी पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस से पंजाब में कांग्रेस को नुकसान पहुंच सकता है। इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह की पार्टी से कांग्रेस को कोई फ़र्क नहीं पड़ने वाला है। पंजाब कांग्रेस के सभी नेता और कार्यकर्ता एकजुट होकर काम कर रहे हैं। सभी लोग पंजाब की सत्ता में दोबारा से कांग्रेस की सरकार बनाने के लिए तत्पर हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह के चुनावी रण में अलग पार्टी बनाकर उतरने से कांग्रेस को कुछ भी नुकसान नहीं होने वाला है। चुनावी रण में उतरने के लिए सभी नेता और कार्यकर्ता पूरी तरह से तैयार हैं।

कांग्रेस में सियासी घमासान जारी

कांग्रेस में सियासी घमासान जारी

चरणजीत सिंह चन्नी के मुख्यमंत्री बन्ने के बाद भी पंजाब कांग्रेस में सियासी घमासान पर बीराम नहीं लगा, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू लगातार अपनी ही पार्टी पर सवालिया निशान लगाते रहे। इस सवाल के जवाब में गुरविंदर सिंह बाली ने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू जो मुद्दे उठाते हैं, उस पर सर्वसम्मति से फ़ैसला लिया जाता है। जो भी मुद्दे पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने उठाये हैं या फिर मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने उठाए हैं। सभी मुद्दों पर काम किया जा रहा है, नवजोत सिंह सिद्धू इन मुद्दों को पहले भी उठाते रहे हैं। आज ऐसा तो नहीं है कि वह नए मुद्दे उठा रहे हैं। वह शुरू से ही इन मुद्दों को उठाते रहे हैं। इन सब मुद्दों के लिए उन्होंने अपनेपद से इस्तीफ़ा दिया था।

क्या सिद्धू CM पद के दावेदार हैं ?

क्या सिद्धू CM पद के दावेदार हैं ?

गुरविंदर सिंह बाली ने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब की जनता के हितों के लिए ही अपने मंत्री पद से इस्तीफ़ा दिया, उन्होंने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से भी इस्तीफ़ा इन्हीं सब मुद्दे के लिए ही दिया था। नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब के लोगों के लिए बात करते हैं और आगे भी करते रहेंगे। गुरविंदर सिंह बाली से जब यह सवाल किया गया कि नवजोत सिंह सिद्धू हर काम का श्रेय खुद लेते हैं ना कि पार्टी को देते हैं ताकि वह खुद को संभावित सीएम के तौर पर प्रोजेक्ट कर सकें। इस पर गुरविंदर सिंह बाली ने कहा कि इंसान को अपने लक्ष्य को ज़रूर तय करना चाहिए। हम कोई सन्यासी नहीं है हम सियासी हैं, सियासी का मतलब होता है कि कुछ न कुछ चाह रखने वाला, अगर वह ख़ुद को मुख्यमंत्री के तौर पर प्रोजेक्ट करते हैं तो इसमें कोई बुराई नहीं है।

लाडी के घर वापसी पर जीएस बाली का बयान

लाडी के घर वापसी पर जीएस बाली का बयान

गुरवंदर सिंह बाली ने कहा कि खुद को किसी पद का देदार बनाने का सभी को हक़ है, किसे कौन सा पद दिया जाएगा या पार्टी आलाकमान के हाथों में हैं। सभी लोग ख़ुद को किसी न किसी पद के लिए दावेदार बना सकता है, इसका फ़ैसला पार्टी हाईकमान करेगी। वहीं बलविंदर सिंह लाडी के कांग्रेस छोड़ने और फिर छह दिनों में ही वापस कांग्रेस में शामिल होने पर गुरविंदर सिंह बाली ने कहा कि कुछ मतभेद था इसलिए उन्होंने पार्टी छोड़ी थी लेकिन भारतीय जनता पार्टी में वह खुद को एडजस्ट नहीं कर पाए इसलिए उन्होंने वापस से कांग्रेस का हाथ थाम लिया है।


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