Punjab Election Special: संगरूर विधानसभा का इतिहास, कैसे रहे हैं यहां के सियासी समीकरण ?
पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र सभी हलकों के प्रत्याशी अपने विधानसभा क्षेत्र में प्रचार प्रसार कर रहे हैं।
चंडीगढ़, 8 फरवरी 2022। पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र सभी हलकों के प्रत्याशी अपने विधानसभा क्षेत्र में प्रचार प्रसार कर रहे हैं। आज हम आपको संगरूर विधानसभा क्षेत्र के इतिहास और चुनावी समीकरण बताने जा रहे हैं। संगरूर सीट से इस बार कांग्रेस ने विजय इंदर सिंगला को उम्मीदवार घोषित किया हैं। भारतीय जनता पार्टी की टिकट पर अरविंद खन्ना चनाव लड़ रहे हैं। इसके साथ ही शिरोमणि अकाली दल की टिकट पर विनरजीत सिंह गोल्डी चुनावी रण में हैं। आम आदमी पार्टी ने नरिंदर कौर भारद्वाज को अपने टिकट पर चुनावी मैदान में उतारा है। ग़ौरतलब है कि इस विधानसभा सीट से 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार विजय इंदर सिंगला ने जीत दर्ज की थी।

पंजाब के बड़े शहरों में से एक है संगरूर ज़िला
संगरूर जिले के तिहास की बात की जाए तो पंजाब के बड़ शहरों में संगरूर जिले का भी नाम शुमार किया जाता है। संगरूर विधानसभा पंजाब के संगरूर ज़िले में ही शामिल है। यह पंजाब के काफ़ी पुराने जिलों में से एक है। हरनाला अलग ज़िला घोषित होने से पहले संगरूर विधानससभा का ही हिस्सा था। संगरूर विधानसभा सीट संगरूर जिले के जिला मुख्यालय की विधानसभा सीट है। आपको बता दे कि आम आदमी पार्टी वरिष्ठ नेता भगवंत मान संगरूर लोक सभा से ही सांसद हैं। ग़ौरतलब है कि वह आम आदमी पार्टी की तरफ़ के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार भी हैं। संगरूर विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक कांग्रेस नेता विजय इंदर सिंगला हैं। वह अपने हलके के विकास और अपने कार्यकाल के दौरान कामों का हवाला देकर प्रचार प्रसार कर रहे हैं। वहीं विपक्षी दलों के नेता उनकी खामियों को उजागर करते हुए अपनी पकड़ मज़बूत करने की कोशिश कर रहे हैं।

सगंरूर विधानसभा का सियासी इतिहास
संगरूर विधानसभा सीट के चुनावी इतिहास की बात की जाए तो संगरूर विधानसभा सीट से 1977 के चुनाव में गुर्दीलाल सिंह जनता पार्टी की टिकट पर विधायक चुने गए थे। 1980 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार सुखदेव सिंह ने जीत दर्ज की थी। वहीं 1985 और 1997 के विधानसभा चुनाव में फिर से शिरमोणि अकाली दल ने जीत का परचम लहराया। शिअद नेता रणजीत सिंह ने यहां से जीत दर्ज की। 1992 के विधानसभा चुनाव में शिरोमणि अकाली दल के क़ब्ज़ें से यह सीट कांग्रेस के खाते में चली गई। जसबीर सिंह ने यहां से जीत दर्ज की वहीं 2002 के विधानसभा चुनाव में फिर से कांग्रेस ने ही जीत दर्ज की लेकिन इस बार जसबीर सिंह की जगह पर कांग्रेस की टिकट अरविंद खन्ना ने चुनाव लड़ा था।

SAD-BSP गठबंधन उम्मीदवार को हो सकता है फ़ायदा
संगरूर विधानसभा सीट से 2007 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने हैट्रिक लगाया। इस बार कांग्रेस की टिकट पर सुरिंदर पाल सिंह सिबिया ने जीत दर्ज की थी। 2012 के विधानसभा चुनाव में शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार प्रकाश सिंह गर्ग ने जीत दर्ज की थी। 2017 के विधानसभा चुनाव में फिर से कांग्रेस ने जीत का परचम लहराया। कांग्रेस के उम्मीदवार विजय इंदर सिंगला ने आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार दिनेश अग्रवाल को 30 हज़ार 812 वोटों से हराया था। शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार प्रकाश सिंह गर्ग तीसरे नंबर पर रहे थे। सियासी जानकारों की मानें तो इस बार संगरूर विधानसभा सीट पर शिरोमणि अकाली दल जीत दर्ज कर सकती है। क्योंकि इस बार शिअद-बसपा गठबंधन के साथ चुनावी मैदान में हैं और बहुजन समाज पार्टी का वोट भी शिअद के पाले में ही गिरने की उम्मीद है।
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