पंजाब AAP का भाजपा पर तीखा हमला, 'सिर्फ खास वर्ग को महत्व देती है BJP, दलितों-मजदूरों को धकेला पीछे'
पंजाब की राजनीति में दलित समुदाय के सम्मान को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के पंजाब दौरे के दौरान पार्टी की दलित समुदाय के प्रति सोच खुलकर सामने आ गई।
पंजाब के वित्त मंत्री और वरिष्ठ आप नेता हरपाल सिंह चीमा ने दावा किया कि भाजपा के कार्यक्रम में अनुसूचित जाति समुदाय से आने वाले वरिष्ठ नेताओं के साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं ने वर्षों तक पार्टी के लिए काम किया, उन्हें कार्यक्रम में वह सम्मान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे। चीमा ने इसे केवल एक कार्यक्रम की घटना नहीं बल्कि भाजपा की सोच का हिस्सा बताते हुए दलितों, मजदूरों और गरीब वर्गों के प्रति पार्टी के रवैये पर निशाना साधा।

कार्यक्रम में वरिष्ठ नेताओं के साथ भेदभाव का आरोप
पत्रकारों से बातचीत के दौरान हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि भाजपा के एक हालिया कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला और पूर्व केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश जैसे वरिष्ठ नेताओं को दर्शकों के बीच खड़ा रखा गया। उनके अनुसार दूसरी तरफ पार्टी के शीर्ष नेता मंच पर मौजूद थे।
चीमा ने कहा कि यह केवल प्रोटोकॉल की चूक नहीं थी, बल्कि इससे भाजपा की वास्तविक मानसिकता सामने आई। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं ने लंबे समय तक पार्टी का प्रतिनिधित्व किया और अनुसूचित जाति समुदाय की आवाज बने रहे, उन्हें बुनियादी सम्मान तक नहीं दिया गया।
भाजपा सिर्फ खास वर्ग को महत्व देती है: चीमा
आप नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा का झुकाव केवल एक खास और आर्थिक रूप से मजबूत वर्ग की ओर है। उन्होंने कहा कि दलित, मजदूर और गरीब तबकों को लगातार पीछे धकेला जाता है और उनके प्रतिनिधियों को भी उचित स्थान नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि यह घटना दिखाती है कि समाज के कमजोर वर्गों के प्रति भाजपा का रवैया कैसा है। उनके अनुसार पार्टी में सम्मान और महत्व देने का पैमाना सभी के लिए समान नहीं है।
एनसीआरबी के आंकड़ों का किया जिक्र
हरपाल सिंह चीमा ने आप पंजाब एससी विंग के चेयरमैन गुरप्रीत सिंह जीपी के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अपराध के आंकड़ों का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के 2024 के आंकड़ों के मुताबिक अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों के खिलाफ दर्ज मामलों का करीब 65 प्रतिशत हिस्सा चार भाजपा शासित राज्यों से सामने आया है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और राजस्थान का नाम लेते हुए कहा कि ये आंकड़े बताते हैं कि इन समुदायों की सुरक्षा के मामले में भाजपा सरकारें सवालों के घेरे में हैं। चीमा ने दावा किया कि यह स्थिति पिछड़े और वंचित वर्गों के प्रति पार्टी की सोच को भी दर्शाती है।
पंजाब के दलित समुदाय का किया जिक्र
चीमा ने कहा कि पंजाब की आबादी में अनुसूचित जाति समुदाय की हिस्सेदारी लगभग 34 प्रतिशत है और यह समुदाय भाजपा के इस रवैये को करीब से देख रहा है। उन्होंने कहा कि दलित समाज और पिछड़े वर्गों ने देश और समाज की प्रगति में बड़ा योगदान दिया है।
उनके अनुसार ऐसे समुदायों का प्रतिनिधित्व करने वाले नेताओं के साथ सार्वजनिक मंच पर हुआ व्यवहार लोगों को पसंद नहीं आया और इससे भाजपा की छवि को नुकसान पहुंचा है।
भाजपा पर पंजाब और किसानों के खिलाफ होने का आरोप
हरपाल सिंह चीमा ने भाजपा पर पंजाब और किसानों के हितों की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी पहले से ही किसान विरोधी और पंजाब विरोधी नीतियों को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रही है।
उन्होंने दावा किया कि अब दलित नेताओं के साथ कथित अपमानजनक व्यवहार की घटना ने भाजपा के एक और चेहरे को उजागर कर दिया है। चीमा ने कहा कि पंजाब के लोग इस तरह की राजनीति को समझते हैं और समय आने पर इसका जवाब भी देंगे।












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