पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष की दौड़ के बीच सिद्धू कर रहे शक्ति प्रदर्शन, पार्टी नहीं ले पा रही फ़ैसला
पंजाब विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस आलाकमान ने हारे हुए राज्यों को पार्टी प्रधानों से इस्तीफ़ा मांगा था।
चंडीगढ़, 5 अप्रैल 2022: पंजाब विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस आलाकमान ने हारे हुए राज्यों को पार्टी प्रधानों से इस्तीफ़ा मांगा था। इसी कड़ी में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दे दिया। सिद्धू के इस्तीफ़ा देने के बाद से अभी तक पंजाब कांग्रेस को अध्यक्ष नहीं मिल पाया है। सियासी गलियारों में यह चर्चा ज़ोरों पर है कि अगले 5 दिनों में कांग्रेस विधायक दल के नेता और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के नाम पर मुहर लग जाएगी।

AAP ने बढ़ाई कांग्रेस की चिंता
कांग्रेस आलाकमान के लिए यह फ़ैसला करना आसान नहीं है क्योंकि कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में पार्टी में पड़ी फूंट का ख़ामियाज़ा भुगतना पड़ चुका है। इसलिए अब कांग्रेस आलाकमान कोई भी क़दम उठाने से पहले रायशुमारी कर रहा है। उसके बाद ही किसी फ़ैसले के नतीजे पर पहुंच रहा है। कांग्रेस पार्टी को आम आदमी पार्टी के बढ़ते हुए दायरे ने चिता में डाल दिया है। सियासी गलियारों में तो यह तक चर्चा होने लगी है कि कांग्रेस का बदलाव आम आदमी पार्टी ही है। जिस तरह तेज़ी से आम आदमी पार्टी अपने पंख पसार रही है वह कांग्रेस के मतदाताओं को अपने पाले में आसानी से कर लेगी। कांग्रेस आलाकमान यह बखूबी समझ चुका है कि अगर पार्टी की स्थिति में सुधार करना है तो हर एक क़दम सोच समझकर उठाने होंगे। यही वजह है कि पार्टी पर काफ़ी प्रेशर होने के बावजूद विपक्षी दल का नेता और प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ती नहीं कर पा रही है।

सिद्धू के हार के बाद भी नहीं बदले तेवर
पंजाब की सत्ता पर कांग्रेस वापसी तो कर लेती लेकिन पार्टी के अंदर गुटबाज़ी ने ही कांग्रेस की सियासी नैय्या डुबो दी। वहीं हार के बाद भी नवजोत सिंह सिद्धू के तेवर ढीले नहीं हुए हैं। वह पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष चुनने के पहले शक्ति प्रदर्शन कर प्रेशर पॉल्टिक्स करना चाह रहे हैं। सियासी जानाकारों की मानें तो सिद्धू कितना भी ज़ोर आजमाइश कर लें पार्टी आलाकमान उन्हें अध्यक्ष बनाने की ग़लती दोबारा नहीं करेगी क्योंकि उन्हीं की वजह से कांग्रेस की बुरी तरह से हार हुई है। अध्यक्षता को लेकर नवजोत सिंह सिद्धू के शक्ति प्रदर्शन पर भी हाईकमान की पैनी नजर है। क़रीब 12 चेहरे नवजोत सिंह सिद्धू के साथ हर बैठक में नजर आ रहे हैं इन्हीं के बल वह पार्टी पर दबाव डालने की कोशिश कर रहे हैं कि पंजाब में कांग्रेस अध्यक्ष कोई पुराना चेहरा ही होना चाहिए।

कौन होगा विपक्ष का नेता ?
पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष की रेस में प्रमुख तौर पर प्रताप सिंह बाजवा, सुखजिन्दर सिंह रंधावा और परगट सिंह का नाम शामिल है। इन्ही तीनों में से विधायक दल के नेता और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष चुने जाने के क़यास लगाए जा रहे हैं। ग़ौरतलब है कि प्रताप सिंह बाजवा विरोधी पक्ष के नेता बनने की कोशिश में लगे हुए हैं। वहीं अमरिन्दर सिंह राजा वंड़िंग, रवनीत बिट्टू (3 बार के सांसद) भी नाम पार्टी अध्यक्ष की सूची में है। आपको बता दें कि प्रताप सिंह बाजवा 4 बार विधायक, 1 बार सांसद और 1 बार राज्य सभा सदस्य रह चुके हैं। इसलिए इनकी दावेदारी विपक्षी दलों के नेता में सबसे उपर माना जा रहा है। फिलहाल इन सब पर संशय बरक़रार है आने वाले कुछ दिनों में इन बातों से पर्दा उठ सकता है।
ये भी पढ़ें: अंग्रेजिन का पंजाब के 'लव' से LOVE! गांव में आकर रचा ली शादी, नहीं जानते एक-दूजे की भाषा












Click it and Unblock the Notifications