कांग्रेस का ये किला जोर लगाने के बाद भी नहीं भेद पाई BJP, मोना ने लगाई जीत की हैट्रिक

कांग्रेस का ये किला जोर लगाने के बाद भी नहीं भेद पाई BJP, मोना ने लगाई जीत की हैट्रिक

प्रतापगढ़, 11 मार्च: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के नतीजे सामने आ चुके है और बीजेपी एक बार से यूपी में सरकार बनाने जा रही है। तो वहीं, कांग्रेस और बुहजन समाज पार्टी (बीएसपी) का बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस जो पिछले चुनाव में 7 सीटें जीतने में सफल रही थी, वो इस बार वह सिर्फ 2 सीटों पर ही सिमट गई। इनमें से एक सीट थी प्रतापगढ़ जिले की रामपुर खास, जिस पर सबकी निगाहें टिकी हुई थीं। दरअसल, राज्य में यही इकलौती सीट है जिस पर कांग्रेस को जीत की उम्मीद बनी है।

कांग्रेस का अभेद्य किला रही है रामपुर खास

कांग्रेस का अभेद्य किला रही है रामपुर खास

प्रतापगढ़ जिले की रामपुर खास विधानसभा सीट कांग्रेस पार्टी का अभेद्य किला रही है। इस सीट से कांग्रेस ने पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी की बेटी आराधना मिश्रा उर्फ मोना को चुनाव मैदान में उतारा था। इस सीट पर आराधना मिश्रा उर्फ मोना शुरुआती रुझानों से ही बढ़त बनाये हुए थी। 27वें राउंड में आराधना मिश्रा उर्फ मोना ने बीजेपी के उम्मीदवार नागेश प्रताप को वोटों के बड़े मार्जिन से हरा दिया है। जहां पर अराधना मिश्रा को कुल वोट 83,652 मिले। वहीं, बीजेपी उम्मीदवार नागेश प्रताप को 69,346 मत मिले। आखिरकार उन्होंने अपनी सीट पर 14306 मतों से जीत हासिल कर ली है।

कांग्रेस का दबदबा 41 साल से कायम

कांग्रेस का दबदबा 41 साल से कायम

रामपुर खास विधानसभा सीट पर बीते 41 साल से कांग्रेस पार्टी का दबदबा कायम है। 2022 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी कांग्रेस के दिग्गज नेता प्रमोद तिवारी की मजबूत किलेबंदी को आखिरी दम तक जोर लगाने के बाद भी भेद नहीं पाई। बता दें, 1980 के बाद से ही प्रमोद तिवारी इस सीट पर काबिज हैं, जिसके बाद आज तक किसी भी दूसरे दल यह सीट जीत नहीं सके हैं। प्रमोद तिवारी इस सीट से 10 बार विधायक बने हैं। वहीं उनके नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज किया गया है। 2012 में 10वीं बार विधायक बनने के बाद उन्हें कांग्रेस पार्टी ने 2014 में राज्यसभा सांसद बना दिया था।

अब आराधना मिश्रा मोना का है कब्जा

अब आराधना मिश्रा मोना का है कब्जा

साल 2014 में प्रमोद के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद हुए उपचुनाव में उनकी बेटी आराधना मिश्रा मोना यहां से पहली बार विधायक बनीं। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा लहर के बाद भी प्रमोद तिवारी यह सीट बचाने में कामयाब रहे थे और उनकी बेटी आराधना मिश्रा मोना विधायक बनी। इस बार भी आराधना मिश्रा मोना रामपुर खास सीट को बचाने में कामयाब रही। 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले यह सीट कई मामलों को लेकर लगातार चर्चा में थी। भाजपा ने इस सीट पर अपनी निगाह गड़ा रखी थी।

कौन हैं आराधना मिश्रा

कौन हैं आराधना मिश्रा

आराधना मिश्रा मोना कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की बड़ी बेटी हैं। उन्होंने एमबीए किया है। मोना ने अपनी राजनीति की शुरुआत ब्लॉक प्रमुख के रूप में की थी। वह रामपुर संग्रामगढ़ ब्लॉक से लगातार तीन बार ब्लॉक प्रमुख चुनी गईं। वर्ष 2014 में प्रमोद तिवारी के राज्यसभा सांसद चुने जाने के बाद हुए उपचुनाव में वह पिता की विरासत संभालने के लिए पहली बार विधानसभा चुनाव में उतरीं। उपचुनाव में जीत हासिल करने के बाद वह भाजपा लहर में वर्ष 2017 में भी चुनाव जीतकर विधायक बनीं। मोना की छोटी बहन विजय श्री सोना प्रयागराज के ट्रिपलआईटी में प्रोफेसर हैं।

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