वेल्डर के बेटे को माइक्रोसॉफ्ट ने दी 1 करोड़ रुपए की नौकरी
कोटा। अगर हौसलों में उड़ान हो तो कोई भी मुश्किल से मुश्किल लक्ष्य भी आसान हो जाता है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है कि बिहार के एक वेल्डर के बेटे ने।

महज 21 वर्ष की उम्र में आईआईटी खड़गपुर से ग्रेजुएट होने के बदा वात्सल्य सिंह चौहान को माइक्रोसॉफ्ट ने एक करोड़ रुपए की नौकरी दे दी है।
वात्सल्य सिंह का ताल्लुक बिहार के एक छोटे से गांव से हैं जहां उसके पिता बतौर एक वेल्डर के रूप में काम करते हैं। 2009 में आईआईटी की प्रवेश परीक्षा में बेहतरन नहीं कर पाने के बाद वात्सल्य ने कोटा राजस्थान में आईआईटी की एक कोचिंग में दाखिला लिया।
कोटा में तीन शिक्षकों ने वात्सल्य का खर्च उठाने का जिम्मा लिया। वात्सल्य के पिता का चंद्रकांत सिंह चौहानन का कहना है कि उन तीन शिक्षकों ने मेरे बेटे की प्रतिभा को पहचाना और मेरे बेटे के पूरे खर्च का वहन किया।
चंद्र सिंह चौहान के पांच बच्चे हैं जिसमें एक और बेटी को अब उन्होंने कोटा में मेडिकल की प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने के लिए भेजा है।












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