मोदी ने दिया अधिकार, लेकिन रामविलास दुविधा में फंसे रामविलास

ram vilas paswan
पटना। भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के दावेदार नरेन्द्र मोदी ने अपनी पत्नी जशोदाबेन को उनका अधिकार दे दिया है। मोदी ने चुनाव में नामांकन भरते हुए इस बार उनका नाम लिखकर इस बात की स्वीकृति दे दी कि जशोदाबेन उनकी पत्नी है, लेकिन खगड़िया में रहने वाली भौजी के नाम से प्रसिद्ध राजकुमारी देवी को अब तक उनका हक न हीं मिला है।

लोक जनशक्ति पार्टी के नेता रामविलास पासवान अपनी पहली पत्नी के बारे में शपथ पत्र में लगातार सच छुपा रहे हैं। उन्होंने अब तक उन्हें अपनी पत्नी की मान्यता नहीं दी है, लेकिन नरेंद्र मोदी की स्वीकारोक्ति के बाद बिहार की राजनीति में यह मामला उछल पड़ा है। सवाल उठा रहा है कि ऐसे तो देश में कई नेता हैं जिन्होंने हिंदू विवाह अधिनियम के विपरीत जाकर पहली पत्नी को तलाक दिए बिना दूसरी शादी कर रखी है। ये नेता अपने संबंध को छु पाने के लिए चुनाव के वक्त दायर किए जाने वाले शपथपत्र में पहली पत्नी का जिक्र तक नहीं करते।

पढ़ें-नरेंद्र मोदी का शपथ पत्र जिसमें लिखा पत्नी जशोदाबेन का नाम

मोदी के नाम हुई बहस अब अचानक रामविलास के ऊपर आकर अटक गई है। गौरतलब है कि रामविलास पासवलान ने दो शादियां की है। पहली पत्नी का नाम राजकुमारी देवी है जो दलित परिवार की बेटी हैं। पहली बीबी को तलाक दिए बिना ही उन्होंने पंजाबी ब्राह्मण परिवार की रीना से दूसरी शादी कर ली। राजकुमारी देवी से रामविलास पासवान को दो बेटियां हैं। दोनों की शादी हो चुकी है। रामविलास पासवान ने अब तक के चुनावों में जितने भी शपथ पत्र दायर किए उसमें रीना पासवान को अपनी पत्नी और चिराग पासवान को बेटा घोषित किया है। उन्होंने कभी भी राजकुमारी देवी का नाम नहीं लिया। ऐसे में अब सवाल उनके अधिकारों को लेकर उठने लगे है।

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