Patna के पुनपुन में बड़ा हादसा: सत्संग सुनने आए 250 लोगों पर गिरी मकान की दीवार, 50 से ज्यादा घायल
Patna Collapsed News: बिहार की राजधानी पटना से बड़ी खबर सामने आई है। यहां पुनपुन में एक पुराने मकान की दीवार गिरने से 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए। इस हादसे के बाद आनन-फानन में स्थानीय लोगों ने घायलों को इलाज के लिए पुनपुन के प्राथमिक अस्पताल भर्ती कराया।
जहां से उन्हें पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। खबर के मुताबिक, यह हादसा श्रीपालर गांव में हुआ है, जहां लोग एक सत्संग के लिए इकट्ठा हुए थे। हालांकि पुलिस 30 लोगों के घायल होने की बात बता रही है। बताया जा रहा है कि बारिश के कारण मकान की दीवार गिर गई, जिससे यह हादसा हुआ। घायलों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।

ऐसा बताया जा रहा है कि श्रीपालपुर में पूर्व कॉलेज प्रिंसिपल रामदयालु सिंह के पैतृक घर पर हुआ। सत्संग में करीब 250 लोग शामिल हो रहे थे, तभी अचानक बारिश शुरू हो गई, जिससे पुरानी दीवार गिर गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने पुष्टि की कि घटना के समय करीब 250 लोग मौजूद थे।
दीवार के अचानक ढहने से भगदड़ मच गई, जिसमें ज़्यादातर पीड़ित महिलाएं और बच्चे थे। इस अफरा-तफरी वाली घटना में करीब पांच दर्जन महिलाएं घायल हो गईं। स्थानीय निवासियों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया, घायलों को आस-पास के इलाकों से एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया।
घायलों में अधिकतर महिलाएं और बच्चे हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। करीब 20-25 लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं, इस घटना की सूचना मिलते ही पुनपुन थाना के अधिकारी, एसडीओ, बीडीओ और सीओ अधिकारी मौके पर पहुंचे गए।
पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राजीव मिश्रा ने बताया कि पुनपुन इलाके में श्रीपालपुर के पास दीवार गिरने से कम से कम 30 लोग मामूली रूप से घायल हो गए। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और सभी घायलों को नजदीकी चिकित्सा केंद्र पहुंचाया।
मिश्रा ने बताया कि शुरुआती रिपोर्ट में पीड़ितों को मामूली चोटें आने की बात कही गई है। उन्होंने बताया कि यह घटना स्थानीय धार्मिक कार्यक्रम के दौरान दोपहर 2:15 बजे के आसपास हुई। इस मामले की जांच की जा रही है ताकि ढहने के कारणों के बारे में और अधिक जानकारी मिल सके।
दुर्घटना के बाद का माहौल अफरा-तफरी वाला था क्योंकि स्थानीय लोग मलबे में फंसे या घायल लोगों की मदद करने के लिए दौड़ पड़े। निवासियों और अधिकारियों द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई से नुकसान को कम करने में मदद मिली और प्रभावित लोगों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकी।












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