10 घंटों में नीतीश कुमार ने कसे लॉ एंड ऑर्डर के पेंच
नयी दिल्ली (ब्यूरो)। बिहार में बढ़ रही आपराधिक घटनाओं और एक बाद एक हो रहे खूनी गैंगवार को लेकर आलोचनाओं के साए में आए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार की शाम कानून व्यवस्था की समीक्षा की। 10 घंटे तक चली इस बैठक में नीतीश कुमार ने कानून व्यवस्था के पेंच कसे और पुलिस कप्तानों व थानेदारों को अपराधियों पर टूट पड़ने के निर्देश दिए।

वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से नीतीश कुमार ने सभी पुलिस अधीक्षक, सभी पुलिस उप महानिरीक्षक से जिलावार, थानावार, शीर्षवार अपराधों, अनुसंधान हेतु लंबित मामलों की समीक्षा की। साथ ही जिलावार, थानावार कानून व्यवस्था से संबंधित मामलों एवं स्पीडी ट्रायल की भी समीक्षा की। आईए उन बिन्दुओं के बारे में जानते हैं जिसपर नीतीश कुमार ने खासा ध्यान दिया।
महिलाओं पर होने वाले अपराध
महिलाओं के विरूद्ध अपराध रोकने के लिये महिला सशक्तिकरण के उपाय किये जाएं। महिलाओं पर अत्याचार होने वाले थानों की पहचान कर उस पर विशेष ध्यान दिया जाय। महिलाओं पर अत्याचार एवं बलात्कार
के मामले में न्यायालय से सजा दिलाने की दर को बढ़ाया जाए। नीतीश कुमार ने साफ तौर पर कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध को अंजाम देने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा ना जाए।
गैंगवार को रोका जाए
नीतीश कुमार ने सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि कानून के राज से किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। संगठित आपराधिक गिरोहों के बीच बर्चस्व को लेकर होने वाले खून-खराबों को रोकने को एसपी प्लान तैयार करें।
धवस्त हों शराब की भट्ठियां
बैठक में नीतीश कुमार ने निर्देश दिया कि शराब निषेध के लिए सभी थानों को अधिक संवेदनशील बनाया जाय। नाजायज शराब की सूचना हेतु उत्पाद विभाग एव पुलिस मुख्यालय में कॉल सेन्टर स्थापित किया जाय। पुलिस मुख्यालय का कॉल सेन्टर 24*7 के आधार पर सम्पूर्ण राज्य के लिए सभी प्रकार के अपराधों की जानकारी देने हेतु हेल्पलाइन के रूप में शीघ्र काम करना शुरू कर देगा। सभी थाना प्रभारी अवैध शराब भट्ठियों को ध्वस्त कर प्रमाणित करेंगे कि अब उनके क्षेत्र में कहीं पर भी अवैध शराब नहीं बनायी जा रही है।












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