बिहार असेंबली चुनाव एनडीए अकेले लड़ेगी
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) बिहार में असेबंली चुनाव का माहौल बनता जा रहा है। सभी दल अपनी रणनीति बनाने लगे हैं। भाजपा हर हालत में बिहार की जंग को जीतना चाहती है। बिहार में भाजपा चाहती है कि एनडीए गठबंधन अपने विरोधियों को शिकस्त दें।
भाजपा के एक शिखर नेता ने बुधवार को राजधानी के वरिष्ठ संपादकों और स्तंभकारों से एक अनौपचारिक बातचीत में कहा कि बिहार में एनडीए अपने बलबूते पर चुनाव लड़ेगा।
तालमेल का इरादा नहीं
अभी उसका पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी या किसी अन्य से तालमेल करने या उन्हें अपने साथ लेने का कोई इरादा नहीं है। भाजपा को उम्मीद है कि केन्द्र की मोदी सरकार ने अपने एक साल में जिस तरह का शानदार काम करके दिखाया है, उससे पूरे देश में बेहद सकारात्मक माहौल बना है भाजपा और एनडीए के पक्ष में।
एक्टिव दिखी सरकार
भाजपा सूत्रों का कहना है कि बीते एक साल के दौरान केन्द्र सरकार कश्मीर से लेकर यमन तक में दिखी। कश्मीर में बाढ़ आई तो सरकार ने वहां पर तुरंत राहत पहुंचाई। नेपाल में भूकंप ने तबाही मचाई तो भी सरकार ने देरी नहीं की मदद पहुंचाने में। गृहयुद्ध के कारण यमन में फंस गए भारतीयों को भी सरकार ने सुरक्षित वापस लाने में वक्त बर्बाद नहीं किया।
करप्शन केस नहीं
भाजपा को बिहार में सफलता के मिलने की उम्मीद का एक आधार ये भी है कि सरकार पूरी तरह से घोटालों से मुक्त रही है। इस पर किसी ने किसी स्कैम में फंसे होने का आरोप लगाने की हिमाकत नहीं की। बता दें कि बिहार में जनता परिवार भाजपा-एनडीए का चुनावों में मुकाबला करने के लिए एक साथ एक मंच पर आने की कोशिश कर रहा है।
हालांकि उसे तमाम अवऱोधों से दो चार होना पड़ रहा है। समाजवादी पार्टी और लालू की राजद में उक्त कोशिशों का विरोध हो रहा है। जाहिर है कि इस सबका भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गंठबंधन को लाभ होगा।













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