राज्यसभा टिकट न मिला तो नीतीश से ही उलझे नेता

देवेशचंद्र के मुताबिक वह सही समय आने पर फैसला करेंगे, क्योंकि मुझे लगता है कि पार्टी को मेरी क्षमताओं पर भरोसा नहीं है।
उम्मीद की जा रही है शिवानंद तिवारी भी खुल कर बोल सकते हैं।
नीतीश की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं, अभी हाल ही में आये सर्वे में दिखाया गया है कि उनकी पार्टी को भाजपा से कम सीटें मिल रही हैं। जिसका नीतीश ने खंडन किया था, उनका कहना था कि यह भाजपा की लोकप्रियता बढ़ाने का एक तरीका है। हमें चुनाव के बाद परिणाम आने तक इंतजार करना चाहिए।
उन्होने मोदी की रैलियों में आने वाली भीड़ को भी बढ़ा चढ़ाकर दिखानें का मीडिया पर आरोप लगाया था।












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