Bihar: नीतीश और लालू के भंवर में फंस रही है बीजेपी की नाव

उन्होंने कहा कि हम बहुमत में थे तभी राज्यपाल ने हमें सरकार गठन के लिए बुलाया। राज्यपाल को पार्टी के विधायकों ने लिखित रूप से जीतन राम माझी का नाम दिया। सरकार का बहुमत विधानसभा में साबित होता है न कि राजभवन में। भाजपा के इस कदम की जितनी निंदा की जाए कम है।
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भाजपा को तो ऐसा लग रहा है कि वह पहली बार चुनाव जीती है। पार्टी जीत पर इतरा रही है। संसदीय मर्यादाओं को तार तार करने की कोशिश की जा रही है। परिस्थिति की चुनौती को देखते हुए राजद काग्रेस ने हमें समर्थन किया। अच्छे दिन का वादा कर भाजपा बिहार को बुरे दिन में धकेलना चाहती थी जिससे बिहार बच गया।
अब भाजपा के बुरे दिन आएंगे। भाजपा का मुकाबला हमें करना है इसके लिए व्यापक गोलबंदी की जाएगी।'' अपने लंबे भाषण में नीतीश भले ही भाजपा की कमियां गिनाए जा रहे हों, पर हकीकत का अंदाजा जनता को जल्द हो जाएगा। रेल किराये में 14 प्रतिशत की बढ़़त से 'अच्छे दिन' अब 'महंगे दिन' महसूस हो रहे हैं।












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