लालू के बेटे तेज प्रताप को बरर्खास्त करने की उठी मांग
पटना (मुकुन्द सिंह)। तेजप्रताप यादव तीन विभाग स्वास्थ्य, वन एवं पर्यावरण तथा लघु जल संसाधन के मंत्री हैं, लेकिन इस सत्र में उनके विभाग से संबंधित सवालों के कार्यवाही के अधिकांश दिन प्रभारी मंत्री ही जवाब देते हैं वे बराबर किसी ने किसी कारणवश सदन में अनुपस्थित रहते हैं। जब एक बूंद पानी के लिए तरसने लगेंगे लोग

आज भी उनके विभाग से जुड़े 6 सवाल थे। तेजप्रताप तो अनुपस्थित थे ही उनके प्रभारी मंत्री आलोक मेहता भी सदन में नहीं थे। परिणाम विपक्ष विफर पड़ा। नेता विरोधी दल ने कहा कि 3 विभाग स्वास्थ लघु सिंचाई व वन विभाग के मंत्री होने के बाद भी विभागीय मंत्री की सदन में गैर मौजूदगी सदन का अपमान है।
मुख्यमंत्री इनका प्रभार दूसरे व्यक्ति को सौंपे। मुख्य विपक्षी दल के अधिकांश सदस्य इस पर शोर मचाने लगे। नेता विरोधी दल सुशील कुमार मोदी यही नहीं रुके उन्होंने कहा कि सरकार सदन को गंभीरता से चलाए। उन्होंने सदन में मौजूद पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजद की परिषद में नेता राबड़ी देवी की ओर इशारा करते हुए कहा कि राबडी जी सदन में मौजूद हैं वे उन्हें सदन और सवालों की गंभीरता के बारे में बताएं और सदन में मौजूद रह कर विभागीय सवालों के उत्तर देने के लिए कहें।
मालूम हो कि तेज प्रताप यादव राबड़ी देवी की पुत्र है। राबड़ी ने विपक्ष के सवाल का जवाब भी दिया। उन्होंने कहा कि प्रभारी मंत्री जवाब सरकार की ओर से दे रहे हैं। जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने सदन को बताया कि तेज प्रताप यादव पटना से बाहर है इसलिए वह सदन में नही आये। ऐसा कह कर वे विपक्ष एवं नेता विरोधी दल को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन नेता प्रतिपक्ष एक बार फिर उठे, उन्होंने कहा कि इस सत्र में 3 विभाग के मंत्री मात्र तीन-चार दिन कार्यवाही के दौरान सदन में उपस्थित रहे हैं। पटना में रहकर उनका नहीं आना सदन का अपमान है। सुशील मोदी यही नहीं रुके उन्होंने कहा कि वह लगातार अनुपस्थित रहे यह नहीं हो सकता। प्रभार कभी-कभी किसी दूसरे मंत्री को दिया जाता है।












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