बिहार चुनाव में अपने ही बढ़ा रहे हैं भाजपा की मुश्किलें
पटना। बिहार चुनाव को लेकर सियासी माथापच्ची का दौर शुरु हो गया है। पार्टियों के बीच गठजोड़ से लेकर सियासी जोड़-तोड़ की राजनीति हो रही है। इस बीच बाजपा में अपनी साख की लड़ाई लड़ रही है भारतीय जनता पार्टी के लिए उनके अपने ही मुश्किलें बढ़ा रहे हैं।

बिहार में सीटों के बंटवारे को लेकर एनडीए में बयानबाजी तेज हो गई है। लोकजनश्कित पार्टी के मुखिया रामविलास पासवान और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएसपी के नेताओं ने आज मीडिया से बात करते हुए बीजेपी को अल्टिमेटम दे डाला।
पार्टी के नेताओं ने साफ कहा कि 8 दिनों में सीट बंटवारे का मुद्दा सुलझाया जाए। सीटों के साथ-साथ इन्हें अब भाजपा के स्लोगन को लेकर भी आपत्ति होने लगी है। एनडीए की इन दोनों ही सहयोगी दलों को भाजपा की स्लोगन 'अबकी बार-बीजेपी सरकार' के नारे पर भी आपत्ति जताई है। उनका मानना है कि ये चुनाव एडीए लड़ रही है। ऐसे में ये स्लोगन सही नहीं है।
एलजेपी के नेता पशुपति नाथ पारस और आरएलएसपी के सांसद अरूण कुमार ने कहा कि चुनावी नारा गठबंधन से प्रभावित होना चाहिए। पशुपति नाथ पारस ने बीजेपी को 102 सीटों पर ही चुनाव लड़ने की नसीहत दी।












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