सजा ए मौत से उम्रकैद तक: जानिए क्या है शराब पीने-पिलाने के खिलाफ सख्त कानून

पटना (मुकुन्द सिंह)। अवैध शराब का कारोबार करने वाले या पीने वाले के खिलाफ कानून में सख्त प्रावधान किए जाने की चर्चा करते हुए कहा गया कि संविधान में प्रावधान है कि शराब की बिक्री रोकना सरकार की जिम्मेदारी है। अब तक प्रचलित कानून में कम सजा का प्रावधान था उसे सख्त किया गया है। वैसे कारोबारी जो शराब बनाने और बेचने का काम करते हैं उनके लिए मृत्युदंड का प्रावधान किया गया है। मिलावटी शराब बेचने वालों के लिए उम्रकैद का प्रावधान किया गया है। VIDEO: बिहार दिवस के सरकारी कार्यक्रम में अर्धनग्‍न बारगर्ल्‍स ने किया अश्‍लील डांस

Bill on partial ban on liquor in Bihar passed
औद्योगिक स्प्रीट बेचने वाले और पिलाने वालों को न्यूनतम 10 वर्ष या अधिक उम्र कैद के साथ अर्थ दंड भी लगाया जा सकता है। सार्वजनिक जगह पर पीकर हंगामा करने वालों के लिए न्यूनतम 5 वर्ष और अधिकतम 10 साल की सजा और आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया है। शराब दुकान या उसके परिसर और घर में शराब पिलाने पर 10 साल या उम्रकैद की सजा हो सकती है। दवा दुकान में कोई शराब पिएगा या पिलाएगा तो उसे 5 वर्ष की सजा या आर्थिक दंड की सजा का प्रावधान किया गया है। ढिप-ढाप टाइम्स में आपका स्वागत है

कम उम्र में बच्चों को शराब पिलाने या उनसे कारोबार कराने वालों को 10 वर्ष तक की सजा या 10 लाख का जुर्माना, महिला व बच्चों से कारोबार कराने वाले को 5 से 7 साल की सजा और आर्थिक दंड की सजा होगी। अवैध शराब के कारोबार करने वालों की संपत्ति जप्त करने का प्रावधान है।

उन्होंने कहा कि जहरीली शराब से अगर किसी की मृत्यु होती है तो उसके परिजन को चार लाख का मुआवजा तथा घायल होने पर 20 हजार का मुआवजा मिलेगा। अवैध शराब को रोकने के लिए राज्य की सीमा पर चेक पोस्ट बनाया जा रहा है। स्प्रीट का परिवहन करने वाले वाहनों में जीपीए लगाया जाएगा। उसे 24 घंटे के अंदर राज्य की सीमा से बाहर जाना होगा ।

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